फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   पुलिस ने शुरू की छह फर्जी पासपोर्ट की जांच

पुलिस ने शुरू की छह फर्जी पासपोर्ट की जांच

Mon, 04 Jun 2018 11:36 PM IST
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
पुलिस ने शुरू की छह फर्जी पासपोर्ट की जांच
गाजीपुर। जिले में तथ्यों को छिपा कर पासपोर्ट बनाने का खेल चल रहा है। इस मामले में तीन लोगों फर्जी पासपोर्टधारियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। फर्जी पासपोर्ट के मामले में पुलिस टीम ने उनका पासपोर्ट जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कई पासपोर्टधारी भूमिगत हो गए हैं और कुछ का मोबाइल फोन भी बंद है। पासपोर्ट जांच के दौरान फर्जीवाड़ा मिलने पर एक पासपोर्ट को निरस्त किया जा चुका है। दिलदारनगर थाना क्षेत्र में फर्जी पासपोर्ट होने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन

दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चित्रकोनी निवासी शिकायतकर्ता शफीउल्ला खां पुत्र अस्फन्दियार खां ने एडीजी वाराणसी को पत्र भेज कर जाली पासपोर्ट बनवाने का खेल चलने का आरोप लगाया था। आरोप है कि पासपोर्टधारियों पर मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उनका पासपोर्ट बनाया गया है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में जिनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने और पासपोर्ट जारी होने के नामों का जिक्र किया है उनमें शामिल चित्रकोनी के रहने वाले जमाल खां पुत्र सोहराब खां ने पासपोर्ट का आवेदन फाइल नंबर एलके 406756 0581414 दिनांक 11 फरवरी 2014 को किया था। जिसकी रिपोर्ट नोडल कार्यालय लखनऊ में दिनांक 15 मार्च 2014 को संस्तुति सहित प्रेषित की गई। इसका ऑनलाइन स्टेटस चेक किया गया तो पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ दिखा रहा है। इसी क्रम में मोहम्मद इजहार खां पुत्र शमशेर खां द्वारा पासपोर्ट नंबर एलके4067668614814 नौ अप्रैल 2014 को किया गया था। जिसकी रिपोर्ट नोडल कार्यालय लखनऊ से 17 मई 2014 को संस्तुति दी गई और पासपोर्ट नंबर एल9650718 के तहत 28 मई 2014 को दे दिया गया। तीसरे पासपोर्टधारक कलाम खां पुत्र शोहराब खां इनके द्वारा भी आवेदन दिया गया। पासपोर्ट फाइल नंबर 920258/2008 दस अप्रैल 2008 मिला। जिसकी रिपोर्ट नोडल कार्यालय लखनऊ में संस्तुति नहीं की गई है, जबकि जिले से सभी कार्रवाई होकर जा चुकी है। ऐसा स्थानीय अधिकारियों से सांठगांठ कर फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने का खेल किया गया है। आरोप है कि पासपोर्ट बनाने वालों ने तथ्यों को छिपा कर पासपोर्ट बनवाने का काम किया है। इनके अलावा इलाके के अन्य तीन लोगों के पासपोर्ट की जांच भी चल रही है, जबकि एक व्यक्ति का पासपोर्ट पूर्व में फर्जी पाए जाने पर निरस्त किया जा चुका है। एडीजी वाराणसी के निर्देश पर पासपोर्ट जांच का जिम्मा एसपी ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ल को दी गई है। फिलहाल इसकी जांच दिलदारनगर इंसपेेेक्टर कर रहे हैं। जांच से महकमे में हड़कंप मचा हुुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed