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‘पुष्ट आहार’ से 12 ब्लाक में कुपोषण मुक्त हैं बच्चे
Ghazipur
Updated Tue, 27 Aug 2013 05:35 AM IST
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गाजीपुर। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले के चार ब्लाकों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के महज 40 बच्चे ही कुपोषित हैं। शेष 12 ब्लाक कुपोषण मुक्त हैं। जुलाई माह का यह विभागीय आंकड़ा किसी के गले नहीं उतर रहा है।
जिले के गरीबों के बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए बाल विकास पुष्टाहार विभाग का गठन कर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस समय जनपद में 4118 आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां करीब तीन लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से तीन वर्ष तक के बच्चों को पंजीरी का वितरण किया जाता है। साथ ही तीन से छह वर्ष के बच्चों को पंजीरी और हाटकुक्ड भोजन भी परोसने का निर्देश है। फिर भी कुपोषण से पीड़ित बच्चे लगातार चिह्नित हो रहे हैं। बाल विकास पुष्टाहार विभाग कार्यालय को जुलाई में जो रिपोर्ट मिली है उसके आधार पर बताया गया है कि 40 बच्चे कुपोषित मिले हैं। इसमें सबसे अधिक मनिहारी में 16 बच्चे पाए गए हैं। इसी तरह रेवतीपुर ब्लाक में 9, सैदपुर में 7 तथा भदौरा ब्लाक में 8 बच्चे कुपोषित हैं। सबसे खास बात यह है कि भदौरा ब्लाक पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह का गृह ब्लाक है। शेष 12 ब्लाकों में एक भी कुपोषित बच्चे नहीं होने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। इस संबंध में डीपीओ जया त्रिपाठी का कहना है कि जुलाई माह में 40 बच्चे ही कुपोषित मिले हैं जबकि जून में इसकी संख्या 48 थी। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों की जानकारी पत्र के माध्यम से निदेशालय को भेजी जाती है। यही नहीं कुपोषित बच्चों को अधिक पंजीरी देकर उन्हें स्वस्थ करने की कोशिश की जा रही है।
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जिले के गरीबों के बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए बाल विकास पुष्टाहार विभाग का गठन कर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस समय जनपद में 4118 आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां करीब तीन लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से तीन वर्ष तक के बच्चों को पंजीरी का वितरण किया जाता है। साथ ही तीन से छह वर्ष के बच्चों को पंजीरी और हाटकुक्ड भोजन भी परोसने का निर्देश है। फिर भी कुपोषण से पीड़ित बच्चे लगातार चिह्नित हो रहे हैं। बाल विकास पुष्टाहार विभाग कार्यालय को जुलाई में जो रिपोर्ट मिली है उसके आधार पर बताया गया है कि 40 बच्चे कुपोषित मिले हैं। इसमें सबसे अधिक मनिहारी में 16 बच्चे पाए गए हैं। इसी तरह रेवतीपुर ब्लाक में 9, सैदपुर में 7 तथा भदौरा ब्लाक में 8 बच्चे कुपोषित हैं। सबसे खास बात यह है कि भदौरा ब्लाक पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह का गृह ब्लाक है। शेष 12 ब्लाकों में एक भी कुपोषित बच्चे नहीं होने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। इस संबंध में डीपीओ जया त्रिपाठी का कहना है कि जुलाई माह में 40 बच्चे ही कुपोषित मिले हैं जबकि जून में इसकी संख्या 48 थी। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों की जानकारी पत्र के माध्यम से निदेशालय को भेजी जाती है। यही नहीं कुपोषित बच्चों को अधिक पंजीरी देकर उन्हें स्वस्थ करने की कोशिश की जा रही है।
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