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जल्द पूरी होंगी 140 करोड़ की तीन परियोजनाएं
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गाजीपुर/औड़िहार। केंद्र सरकार की एक बड़ी परियोजनाओं में शुमार औड़िहार में हैवी रिपेयर डेमू इंजन एवं लाइटिंग शेड कारखाना तथा डेमू ट्रेन वाशिंग लाइन के निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। कार्य की लगातार रेल मंत्रालय से मानीटरिंग की जा रही है। जिसके चलते कोई अवरोध नहीं हो पा रहा है। इस तीन परियोजनाओं में करीब 140 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसका कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इस काम को लेकर लोगों में खुशी व्याप्त है।
अंग्रेजों के जमाने का बना औड़िहार रेलवे जंक्शन कई दशकों तक उपेक्षा का दंश झेलता रहा। पूर्वांचल के गोरखपुर , छपरा, बलिया , तथा वाराणसी व जौनपुर रेल लाइनों से जुड़ा होने के बावजूद रेलवे प्रशासन इस जंक्शन को आपरेटिंग जंक्शन मानता था। चोर उचक्कों के डर से रात में कोई भी यात्री इस जंक्शन पर उतरना चढ़ना पसंद नहीं करता था। अब हालात बदले हैं। इस जंक्शन से हो कर एक्सप्रेस एवं सुपर एक्सप्रेस समेत कुल 38 ट्रेनें देश के विभिन्न महानगरों यथा मुंबई , दिल्ली , पंजाब , जम्मू एवं कोलकाता , लखनऊ , कानपुर , आदि के लिए गमनागमन करती हैं। 25 सवारी गाड़ियां भी मऊ , गाजीपुर , वाराणसी , जौनपुर , बलिया , छपरा , गोरखपुर के यात्रियों व नागरिकों के लिए प्रतिदिन उनकी यात्रा में सहायक है। वर्तमान में यह काम करीब 90 फीसदी से अधिक हो चुका है। कार्यालय, कर्मचारी आवास, 440 किलो वाट का सोलर पैनल, वाशिंग शेड , पिट लाइन, डेमू इंजन रिपेयरिंग शेड का निर्माण करीब करीब अंतिम चरण में आ गया है। 12 सौ मीटर की चहारदीवारी के अंतर्गत छह एकड़ से अधिक के क्षेत्रफल में निर्मित शेड को रंगरोगन कर दिया गया है।
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अंग्रेजों के जमाने का बना औड़िहार रेलवे जंक्शन कई दशकों तक उपेक्षा का दंश झेलता रहा। पूर्वांचल के गोरखपुर , छपरा, बलिया , तथा वाराणसी व जौनपुर रेल लाइनों से जुड़ा होने के बावजूद रेलवे प्रशासन इस जंक्शन को आपरेटिंग जंक्शन मानता था। चोर उचक्कों के डर से रात में कोई भी यात्री इस जंक्शन पर उतरना चढ़ना पसंद नहीं करता था। अब हालात बदले हैं। इस जंक्शन से हो कर एक्सप्रेस एवं सुपर एक्सप्रेस समेत कुल 38 ट्रेनें देश के विभिन्न महानगरों यथा मुंबई , दिल्ली , पंजाब , जम्मू एवं कोलकाता , लखनऊ , कानपुर , आदि के लिए गमनागमन करती हैं। 25 सवारी गाड़ियां भी मऊ , गाजीपुर , वाराणसी , जौनपुर , बलिया , छपरा , गोरखपुर के यात्रियों व नागरिकों के लिए प्रतिदिन उनकी यात्रा में सहायक है। वर्तमान में यह काम करीब 90 फीसदी से अधिक हो चुका है। कार्यालय, कर्मचारी आवास, 440 किलो वाट का सोलर पैनल, वाशिंग शेड , पिट लाइन, डेमू इंजन रिपेयरिंग शेड का निर्माण करीब करीब अंतिम चरण में आ गया है। 12 सौ मीटर की चहारदीवारी के अंतर्गत छह एकड़ से अधिक के क्षेत्रफल में निर्मित शेड को रंगरोगन कर दिया गया है।
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