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Firozabad News: दो लेखाकार व ब्लाॅक बिल लिपिकों का वेतन रोका
Thu, 25 Jul 2024 12:07 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 25 Jul 2024 12:07 AM IST
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फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में कार्यरत दो लेखाकारों के लापरवाही बरतने पर बीएसए ने उनके वेतन पर रोक लगा दी है। साथ ही लेखाकारों से प्रमाणपत्र मांगा है कि उनके पटल पर कोई प्रकरण लंबित नहीं है। वहीं, ब्लॉकों के बिल लिपिकों का वेतन रोकने की कार्रवाई बीएसए ने की है।
बीएसए आशीष पांडेय ने बताया कि लेखाकार देवेंद्र कुमार और शरद का वेतन रोका गया है। क्योंकि पेंशन, ग्रेच्युटी, सामूहिक बीमा, जीपीएफ, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी सहित अन्य प्रकरणों को समय निस्तारण नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का समय से निस्तारण नहीं कर रहे हैं। वहीं, जनपद में विकास खंड में तैनात बिल लिपिकों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। परिषदीय शिक्षकों के अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं।
इसे बीएसए ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कनिष्ठ सहायक अरुण कुमार ने सभी बिल लिपिकों के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए निर्देश दिए हैं कि बिल लिपिक अपने पटल से संबंधित कार्यों का निस्तारण करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रमाण पत्र दें कि उनके स्तर पर कोई प्रकरण लंबित नहीं है। इसके बाद भी अगर बिल लिपिकों द्वारा गंभीरता से प्रकरण निस्तारित नहीं कराए जाते हैं तो दोषी बिल लिपिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बिल लिपिक जिम्मेदार होंगे।
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बीएसए आशीष पांडेय ने बताया कि लेखाकार देवेंद्र कुमार और शरद का वेतन रोका गया है। क्योंकि पेंशन, ग्रेच्युटी, सामूहिक बीमा, जीपीएफ, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी सहित अन्य प्रकरणों को समय निस्तारण नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का समय से निस्तारण नहीं कर रहे हैं। वहीं, जनपद में विकास खंड में तैनात बिल लिपिकों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। परिषदीय शिक्षकों के अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं।
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इसे बीएसए ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कनिष्ठ सहायक अरुण कुमार ने सभी बिल लिपिकों के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए निर्देश दिए हैं कि बिल लिपिक अपने पटल से संबंधित कार्यों का निस्तारण करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रमाण पत्र दें कि उनके स्तर पर कोई प्रकरण लंबित नहीं है। इसके बाद भी अगर बिल लिपिकों द्वारा गंभीरता से प्रकरण निस्तारित नहीं कराए जाते हैं तो दोषी बिल लिपिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बिल लिपिक जिम्मेदार होंगे।
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