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Firozabad News: आलू भंडारण प्रभार पर सौ रुपये प्रति क्विंटल मिलेगी छूट
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फिरोजाबाद। विकास भवन प्रांगण में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की ओर से आयोजित कार्यशाला में कृषि निर्यात संवेदीकरण एवं क्षमता विकास पर विशेष बल दिया।
इस दौरान किसानों को आलू और शिमला मिर्च जैसी फसलों के निर्यात की संभावनाओं से अवगत कराया गया। किसानों को यह भी सूचित किया गया कि शीतगृहों में भंडारित आलू पर उन्हें प्रति क्विंटल सौ रुपये का अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा।
एपीडा, वाराणसी से आए बीडीएम मुकेश कुमार ने कृषि निर्यात के अवसरों, अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, आईईसी, आरसीएमसी, हॉर्टिनेट पर पंजीकरण, फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र और निर्यात की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्यात से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
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परियोजना निदेशक डीआरडीए सुभाषचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि कृषि उपज के निर्यात से किसानों की आय में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एमपी सिंह ने भी किसानों और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को निर्यात से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया।
जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि आलू उत्पादक किसानों को शीतगृहों में भंडारित आलू पर प्रति क्विंटल सौ रुपये की छूट प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसानों को कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू की रसीद के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। वहीं, नारखी क्षेत्र में शिमला मिर्च के अच्छे उत्पादन को देखते हुए, इसके निर्यात पर भी विशेष जोर दिया गया। कृषि वैज्ञानिक डा. ओमकार सिंह और डा. पृथ्वीपाल सिंह ने किसानों को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। कोल्डस्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार चंदेल ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में समझाया।
कार्यशाला में किसान राजेश प्रताप सिंह, शेर सिंह यादव, उमेश कुमार, प्रदीप कुमार, विमल यादव, सर्वेश कुमार, अभिषेक कुमार, लोकेश कुमार उपस्थित रहे।
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इस दौरान किसानों को आलू और शिमला मिर्च जैसी फसलों के निर्यात की संभावनाओं से अवगत कराया गया। किसानों को यह भी सूचित किया गया कि शीतगृहों में भंडारित आलू पर उन्हें प्रति क्विंटल सौ रुपये का अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा।
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एपीडा, वाराणसी से आए बीडीएम मुकेश कुमार ने कृषि निर्यात के अवसरों, अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, आईईसी, आरसीएमसी, हॉर्टिनेट पर पंजीकरण, फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र और निर्यात की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्यात से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
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परियोजना निदेशक डीआरडीए सुभाषचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि कृषि उपज के निर्यात से किसानों की आय में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एमपी सिंह ने भी किसानों और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को निर्यात से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया।
जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि आलू उत्पादक किसानों को शीतगृहों में भंडारित आलू पर प्रति क्विंटल सौ रुपये की छूट प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसानों को कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू की रसीद के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। वहीं, नारखी क्षेत्र में शिमला मिर्च के अच्छे उत्पादन को देखते हुए, इसके निर्यात पर भी विशेष जोर दिया गया। कृषि वैज्ञानिक डा. ओमकार सिंह और डा. पृथ्वीपाल सिंह ने किसानों को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। कोल्डस्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार चंदेल ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में समझाया।
कार्यशाला में किसान राजेश प्रताप सिंह, शेर सिंह यादव, उमेश कुमार, प्रदीप कुमार, विमल यादव, सर्वेश कुमार, अभिषेक कुमार, लोकेश कुमार उपस्थित रहे।