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Fatehpur News: टोल संचालकों के पास नहीं है ओवरलोड वाहनों का रिकॉर्ड
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फतेहपुर। टोल संचालकों के पास ओवरलोड वाहनों का कोई रिकार्ड रिकॉर्ड नहीं है। टोल वसूलने वाली कंपनी राजस्व को क्षति पहुंचा रहीं हैं। ओवरलोड वाहनों के निकलने पर कांटा करवाकर जुर्माना वसूलने का प्रावधान है।
जिले में तीन स्थानों पर टोल बूथों का संचालन हो रहा है। कानपुर नेशनल हाईवे के मलवां थाने के बड़ौरी, खागा के कटोंघन और बांदा सागर हाईवे के ललौली थाना क्षेत्र के जिंदपुर में टोल बूथ चल रहा है। इनसे हजारों वाहनों का प्रतिदिन आवागमन होता है। सभी टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए इलेक्ट्राॅनिक कांटा लगाए गए हैं। इनमें केंद्र सरकार ने ओवरलोड वाहनों के निकलने पर कांटा करवाकर जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया है। टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों की सूची बनाकर प्रत्येक माह एनएचएआई रायबरेली को भेजने का प्रावधान भी है। एनएचएआई के अधिकारी ओवरलोड वाहनों की सूची संभागीय परिवहन अधिकारी को भेजते हैं। एआरटीओ ओवरलोड वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई करते हैं। इससे ओवरलोड पर अंकुश लगाया जा सके। टोल संचालक वाहनों की सूची न भेजकर राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं। बांदा सागर हाईवे पर जिंदपुर टोल बूथ का एक कंपनी संचालन कर रही है। टोल से प्रतिदिन मौरंग व गिट्टी लेकर ओवरलोड वाहनों का आवागमन होता है। टोल संचालक बगैर कांटा कराए ओवलोड वाहनों को निकाल देते हैं। कुछ वाहन चालकों को रसीद दी जाती है। वहीं कुछ चालकों के अनुसार रुपये लेकर निकाल दिया जाता है। ओवरलोड वाहनों से रुपये के लेनदेन को लेकर टोल कर्मी व चालकों के बीच मारपीट व विवाद होता रहता है। टोल मैनेजर निरंजन झा ने बताया कि लगभग दो हजार वाहनों का आवागमन होता है। ओवरलोड वाहनों की डिटेल नहीं रखा जाता है।
खागा के कटोंघन टोल बूथ का संचालन एक कंपनी कर रही है। इसका 35 लाख रुपये प्रतिदिन का एक वर्ष के लिए टेंडर है। टोल मैनेजर इमरान ने बताया कि टोल से प्रतिदिन छोटे बड़े लगभग 11 हजार वाहन आवागमन करते हैं। इनमें 4500 भारी वाहन होते हैं। ओवरलोड वाहन टोल से नहीं गुजरते हैं। ओवरलोड वाहनों की कोई सूची नहीं है। मलवां के बडौरी टोल बूथ का 48 लाख रुपये प्रतिदिन का एक साल का टेंडर है। टोल मैनेजर सचिन चौधरी ने बताया कि टोल से लगभग छोटे बड़े 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें 4000 भारी वाहन शामिल हैं। ओवरलोड वाहनों का आवागमन नहीं होता है। एनएचआई के पीडी पंकज कुमार ने बताया कि ओवरलोड वाहनों की सूची पोर्टल में दर्ज की जाती है। जानकारी कराई जाएगी, कि कितने ओवरलोड वाहनों की डिटेल आई हुई है।
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जिले में तीन स्थानों पर टोल बूथों का संचालन हो रहा है। कानपुर नेशनल हाईवे के मलवां थाने के बड़ौरी, खागा के कटोंघन और बांदा सागर हाईवे के ललौली थाना क्षेत्र के जिंदपुर में टोल बूथ चल रहा है। इनसे हजारों वाहनों का प्रतिदिन आवागमन होता है। सभी टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए इलेक्ट्राॅनिक कांटा लगाए गए हैं। इनमें केंद्र सरकार ने ओवरलोड वाहनों के निकलने पर कांटा करवाकर जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया है। टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों की सूची बनाकर प्रत्येक माह एनएचएआई रायबरेली को भेजने का प्रावधान भी है। एनएचएआई के अधिकारी ओवरलोड वाहनों की सूची संभागीय परिवहन अधिकारी को भेजते हैं। एआरटीओ ओवरलोड वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई करते हैं। इससे ओवरलोड पर अंकुश लगाया जा सके। टोल संचालक वाहनों की सूची न भेजकर राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं। बांदा सागर हाईवे पर जिंदपुर टोल बूथ का एक कंपनी संचालन कर रही है। टोल से प्रतिदिन मौरंग व गिट्टी लेकर ओवरलोड वाहनों का आवागमन होता है। टोल संचालक बगैर कांटा कराए ओवलोड वाहनों को निकाल देते हैं। कुछ वाहन चालकों को रसीद दी जाती है। वहीं कुछ चालकों के अनुसार रुपये लेकर निकाल दिया जाता है। ओवरलोड वाहनों से रुपये के लेनदेन को लेकर टोल कर्मी व चालकों के बीच मारपीट व विवाद होता रहता है। टोल मैनेजर निरंजन झा ने बताया कि लगभग दो हजार वाहनों का आवागमन होता है। ओवरलोड वाहनों की डिटेल नहीं रखा जाता है।
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खागा के कटोंघन टोल बूथ का संचालन एक कंपनी कर रही है। इसका 35 लाख रुपये प्रतिदिन का एक वर्ष के लिए टेंडर है। टोल मैनेजर इमरान ने बताया कि टोल से प्रतिदिन छोटे बड़े लगभग 11 हजार वाहन आवागमन करते हैं। इनमें 4500 भारी वाहन होते हैं। ओवरलोड वाहन टोल से नहीं गुजरते हैं। ओवरलोड वाहनों की कोई सूची नहीं है। मलवां के बडौरी टोल बूथ का 48 लाख रुपये प्रतिदिन का एक साल का टेंडर है। टोल मैनेजर सचिन चौधरी ने बताया कि टोल से लगभग छोटे बड़े 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें 4000 भारी वाहन शामिल हैं। ओवरलोड वाहनों का आवागमन नहीं होता है। एनएचआई के पीडी पंकज कुमार ने बताया कि ओवरलोड वाहनों की सूची पोर्टल में दर्ज की जाती है। जानकारी कराई जाएगी, कि कितने ओवरलोड वाहनों की डिटेल आई हुई है।
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