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अवैध पुल बना छलनी कर रहे नदी की कोख
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 12 Jun 2015 12:17 AM IST
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आवंटित पट्टों में मौरंग खत्म होने के बाद माफिया ने यमुना की कोख को छलनी कर शुरू कर दिया। मौरंग माफियाओं ने यमुना पर एक नहीं कई अवैध पुलों का निर्माण करा रखा है। नदी के ओती घाट खंड नंबर पांच से महज दो किलोमीटर दूर खंड नंबर एक पर अवैध पुल बनाकर करोड़ों की मौरंग निकाली जा चुकी है। मुख्यमंत्री की हालिया सख्त कार्रवाई के बाद भी यहां प्रशासन की नजर नहीं गई है। आवंटित पट्टों में मौरंग खनन के बाद माफिया ने नदी की कोख से पोकलैंड मशीनों की मदद खनन शुरू दिया। सूत्रों के मुताबिक लगभग नौ सौ मीटर लंबे अवैध पुल से रोजाना दर्जनों नावों में मौरंग की ढुलाई होती है।
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सूत्रों ने बताया कि मौरंग खनन के लिए आवंटित पट्टों का सीमांकन लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर होता है। माफिया ने यहां खनन करने के बाद आसपास किसानों की जमीन से खनन शुरू कर दिया। किसानों की शिकायतों के बाद जब प्रशासन ने सख्ती दिखाई, तो माफिया यहां से हटकर यमुना की बीच धारा में मौरंग खनन शुरू कर दिया। खनन कारोबारी ने पट्टा वाली जमीन की मौरंग खत्म होने के बाद पुल निर्माण कराया। और इसी पुल के सहारे यमुना की बीच धारा से बड़े पैमाने पर मौरंग निकालने का काम किया। हालांकि अमर उजाला से सात जून के अंक में अवैध मौरंग खनन को लेकर प्रशासन को चेताया था, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। गौरतलब है कि जिले में एक निजी कार्यक्रम में चार जून को शिरकत करने आए सूबे के मुखिया अखिलेश सिंह यादव ने यमुना के ओती घाट के खंड नंबर पांच में अवैध पुल बनाए जाने की शिकायत पर मौके पर इलाहाबाद के कमिश्नर बीके सिंह, जिले के जिलाधिकारी राकेश कुमार व खनन अधिकारी को निलंबित कर दिया था। इतना सब होने के बावजूद जिले की प्रशासनिक मशीनरी की सेहत पर शायद खास असर नहीं पड़ा है। अब जबकि शासन ने नए डीएम के रूप में कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा की विशेष सचिव व निदेशक मत्स्य पुष्पा सिंह की तैनाती कर दी है। ऐसे में नई डीएम के लिए पहली चुनौती यमुना के इस बांध को लेकर होगी। इसे लेकर चर्चाएं भी हो रही हैं। खास करके तिरहार के लोग नए हाकिम के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
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