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तीन वीआईपी ट्रेनों में वावरिया गिरोह ने की थी लूटपाट

Sat, 29 Feb 2020 12:25 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 12:25 AM IST
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फतेहपुर। मलवां व कुरुस्ती कलां रेलवे स्टेशन के बीच चखेड़ी ब्लाक हट के पास सिग्नल फेल कर तीन वीआईपी ट्रेनों में लूटपाट बावरिया गिरोह ने की थी। शुक्रवार को पुलिस ने इसका खुलासा किया। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गैंग के शातिर सदस्यों को पकड़ने का टास्क पूरा करने वाले पुलिस कर्मियों को पचास हजार रुपये का इनाम मिलेगा। गैंग के सदस्य कई दूसरे जिलों में भी ट्रेनों में लूटपाट कर चुके हैं।
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चखेड़ी ब्लॉक हट के पास दस जनवरी की रात सिग्नल को फेल किया गया था। इसके बाद संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के कोच ए-1 सीट नंबर 47 में बैठी मनीषा देवी का पर्स, बी थ्री कोच के सीट नंबर दो से माधुरी झा का पर्स, गरीब रथ के कोच नंबर जी-12 सीट 75-77 से आफरीन खान का पर्स, पटना राजधानी कोच ए-5 बर्थ नंबर 12 से पूजा कुमारी का पर्स बदमाश लूट ले गए थे। इस घटना का जीआरपी थाने में कानपुर परिक्षेत्र सीओ राजेश कुमार द्विवेदी ने खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरपीएफ पोस्ट कमांडर प्रवीण सिह और जीआरपी एसओ अरविंद सरोज, एसआई इमरान खान की संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म नंबर दो से शुक्रवार सुबह सन्नी डवास को पकड़ा। आरोपी शामली जिले के झिंझाना थाने के खानपुर जाटान निवासी बृजपाल उर्फ बिरजू का बेटा है। आरोपी ने पूछताछ में चार अन्य साथियों संग चखेड़ी ब्लाक हट के पास घटनाएं करना कबूला है। बता दें कि घटनाओं के
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बाद कानपुर, दिल्ली, मिर्जापुर स्टेशन पर पीड़ितों की ओर से एफआईआर दर्ज की गई थी। सभी की चिक ट्रांसफर होकर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी से आफरीन का चोरी मोबाइल बरामद किया है। नकदी भी बरामद की गई है। सीओ ने बताया कि घटना का मास्टरमाइंड खानपुर जाटान का रहने वाला कन्हैया है। वह रिश्ते में सन्नी का मामा है। सिग्नल फेल करने का एक्सपर्ट है। यह करीब 25 से तीस ट्रेन में लूटपाट की घटनाएं कर चुका है। यह लोग घुमंतू प्रजाति के बावरिया है। घटना के कुछ दिन पहले कानपुर रेलवे स्टेशन के आउटर में डेरा डाले हुए थे। कानपुर से ही घटना करने आए थे। लूटपाट के बाद भाग निकले थे। गैंग के सदस्य सहारनपुर, सुल्तानपुर, प्रयागराज, कानपुर में वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इनकी तलाश में कई टीमें गठित हैं। आरोपी को जेल भेजा गया है।
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आरपीएफ की ओर से आरोपी सन्नी डवास और उसके साथियों पर तीन दिसंबर 19 सतनरैनी के पास, नौ जनवरी को अथसरायं के पास, आठ जनवरी को खागा सिग्नल के पास, 11 जनवरी को चखेड़ी हट के पास दोनों लाइनों पर, 28 जनवरी को बिंदकी के पास गैंग के सदस्यों ने सिग्नल फेल किया है। कहीं पर चोरी, लूटपाट में सफल हुए तो कहीं असफल। यह सारे मामले सिग्नल फेल किए जाने के आरोप में आरपीएफ ने दर्ज किए थे।

सीओ राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में 12 गांव ऐसे हैं जहां बावरिया गिरोह के कई गैंग रहते हैं। इनकी आपस में ही रिश्तेदारी है। यह लोग घटनाओं के बाद रिश्तेदारों के अड्डों में पंजाब के खन्ना, गाजियाबाद के खूड़ा, मिर्जापुर स्टेशन के पास ठहरते हैं। कुछ दिनों पहले शामली में सन्नी डवास अपने साथी राहुल के साथ सिग्नल फेल करने पहुंचा था। आरपीएफ ने राहुल को पकडा था। जिसके बाद शामली से पुलिस को जिले में हुई ट्रेन लूटपाट की घटनाओं का सुराग लगा। सीओ के मुताबिक ट्रेनों में लूटपाट, चोरियों करने वाले इन बावरियों के गैंग में करीब एक दर्जन लोग हैं जो सिर्फ ट्रेनों में ही घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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