{"_id":"5dcda4468ebc3e54807c3e8d","slug":"other-fatehpur-news-knp5258374121","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओटीपी पूछकर बैंक मैनेजर के खाते से उड़ाई रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओटीपी पूछकर बैंक मैनेजर के खाते से उड़ाई रकम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशनपुर (फतेहपुर)। मोबाइल में ओटीपी भेजकर साइबर क्रिमनलों ने बैंक के असिस्टेंट मैनेजर को शिकार बना डाला। मैनेजर के खाते से चार हजार नौ सौ नब्बे रुपये पार कर दिए। घटना की थाने में शिकायत की गई। पुलिस ने जांच साइबर सेल को भेजी है।
किशनपुर थाने के बैंक ऑफ बड़ौदा में मेधावी कुमार मधुकर सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात हैं। वह बिहार प्रांत के पटना साहिब निवासी हैं। उन्होंने बताया कि कार की किश्त जमा करने के लिए बैंक की ऑन लाइन वेबसाइट चेक की। कुछ देर बाद गुरुवार दोपहर मोबाइल में फोन आया। उस समय बैंक के कामकाज में व्यस्त थे। तभी कार की किश्त जमा करने के लिए ओटीपी मांगी। मोबाइल में ओटीपी नंबर देखकर बता दिया। उनके खाते से 4990
रुपये कट गए। उन्हें कुछ गड़बड़ी का शक हुआ। किश्त बैंक की बजाए किसी के व्यक्तिगत खाते में पहुंचने का पता लगा। तभी उन्होंने बैंक खाते की शेष रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर सुरक्षित की। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। एसओ कमलेश पाल ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल को स्थानांतरित की गई है। गड़बड़ी उनकी लापरवाही से हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किशनपुर थाने के बैंक ऑफ बड़ौदा में मेधावी कुमार मधुकर सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात हैं। वह बिहार प्रांत के पटना साहिब निवासी हैं। उन्होंने बताया कि कार की किश्त जमा करने के लिए बैंक की ऑन लाइन वेबसाइट चेक की। कुछ देर बाद गुरुवार दोपहर मोबाइल में फोन आया। उस समय बैंक के कामकाज में व्यस्त थे। तभी कार की किश्त जमा करने के लिए ओटीपी मांगी। मोबाइल में ओटीपी नंबर देखकर बता दिया। उनके खाते से 4990
विज्ञापन
रुपये कट गए। उन्हें कुछ गड़बड़ी का शक हुआ। किश्त बैंक की बजाए किसी के व्यक्तिगत खाते में पहुंचने का पता लगा। तभी उन्होंने बैंक खाते की शेष रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर सुरक्षित की। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। एसओ कमलेश पाल ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल को स्थानांतरित की गई है। गड़बड़ी उनकी लापरवाही से हुई है।
विज्ञापन