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Fatehpur News: लुटेरों से मुठभेड़ में एक के पैर में लगी गोली, चार गिरफ्तार
Mon, 10 Jun 2024 11:08 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 10 Jun 2024 11:08 PM IST
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फतेहपुर। थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के पास 27 मई को ग्राहक सेवा केंद्र संचालक को लूटने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। गोली लगने से एक लुटेरा घायल हुआ है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा है।
थरियांव थाना क्षेत्र के औरेई निवासी अतुल तिवारी असोथर थाना क्षेत्र के सातोंधर्मपुर गांव में ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) संचालित करते हैं। थरियांव एसबीआई शाखा से वह 27 मई की दोपहर दो लाख 60 हजार कैश लेकर सीएससी जा रहे थे। बरियारपुर के पास बाइक सवार लुटेरों ने गोली मारकर नकदी भरा बैग लूट लिया था। पुलिस ने घायल के भाई पंकज तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था।
थरियांव थानाध्यक्ष रणजीत बहादुर सिंह व एसओजी प्रभारी विनोद कुमार यादव की संयुक्त टीम ने कोर्रा सादात मोड़ के पास से रविवार रात असोथर थाने के जानिकपुर गांव के अहिमातपुर निवासी विनोद पासवान और उसके टीकर गांव निवासी साले अनिल कुमार, रिश्तेदार सबी पासवान व टीकर गांव के एक किशोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
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आरोपियों से लूट की रकम में एक लाख दो हजार रुपये, लूट में प्रयुक्त बाइक, एक तमंचा, कारतूस, तीन मोबाइल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक, ग्राहक सेवा केंद्र के स्टेटमेंट बरामद हुए हैं। एसपी उदयशंकर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को सोमवार सुबह पुलिस मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी लेकर जा रही थी।
हसवा मोड़ पर लुटेरे अनिल ने लघुशंका के बहाने जीप रोकवाई। एक पुलिसकर्मी की इंसास राइफल छीनकर जीप से कूद गया। भागने की फिराक में राइफल पुलिस कर्मियों पर तानकर जान से मारने की धमकी देने लगा। मुठभेड़ में पुलिस की गोली अनिल के पैर में लगी है। टीकर गांव का अभिषेक उर्फ मोनू फरार है। पुलिस उसे ही मास्टरमाइंड बता रही है। इलाज व मेडिकल परीक्षण के बाद चारों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
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फुटेज देख ग्रामीण पहचाने थे, थरियांव में घूमते रहे लुटेरे
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी। ग्रामीणों में प्रकाशित नाबालिग की फोटो देखकर लुटेरों की चर्चा तेज हो गई थी। पुलिस तक एक मुखबिर ने ग्रामीणों की चर्चा पहुंचाई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। इस तरह से फुटेज के सहारे पुलिस लुटेरों तक पहुंची है। लूट के बाद लुटेरों में पुलिस का जरा भी खौफ नहीं था। जिस थाना क्षेत्र में घटना की थी, वहीं आकर नए मोबाइल, कपड़े समेत अन्य सामान खरीदा था। कुछ रुपये बैंक में भी जमा किए हैं।
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हथगाम थाना क्षेत्र में भी हो सकती थी लूट
लूट का फरार मास्टरमाइंड अभिषेक उर्फ मोनू शातिर किस्म का है। वह दिल्ली में रहता है। दिल्ली में भी उसके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं। लूट में प्रयुक्त बाइक विनोद पासवान की है। विनोद पासवान मुंबई में काम करता है। मोनू को छोड़कर बाकी सारे आरोपियों ने पहली बार वारदात की है। इन दिनों सभी गांव आए थे। मोनू ने बैंक से कैश लेकर आने-जाने वालों की रेकी के लिए बाकी सदस्यों को सक्रिय किया था। उसने रेकी के लिए हथगाम और थरियांव थाना क्षेत्र की बैंक में नाबालिग व अन्य सदस्यों को लगाया था। रेकी में थरियांव में पहले सीएससी संचालक मिल गया। इससे हथगाम में लूट होते बच गई। लुटेरे पकड़े न जाते तो शायद घटनाओं का दौर बढ़ता। घटना में विनोद पासवान को बाइक इस्तेमाल करने के एवज में 10 हजार रुपये उसके साले अनिल ने दिए थे।
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थरियांव थाना क्षेत्र के औरेई निवासी अतुल तिवारी असोथर थाना क्षेत्र के सातोंधर्मपुर गांव में ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) संचालित करते हैं। थरियांव एसबीआई शाखा से वह 27 मई की दोपहर दो लाख 60 हजार कैश लेकर सीएससी जा रहे थे। बरियारपुर के पास बाइक सवार लुटेरों ने गोली मारकर नकदी भरा बैग लूट लिया था। पुलिस ने घायल के भाई पंकज तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था।
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थरियांव थानाध्यक्ष रणजीत बहादुर सिंह व एसओजी प्रभारी विनोद कुमार यादव की संयुक्त टीम ने कोर्रा सादात मोड़ के पास से रविवार रात असोथर थाने के जानिकपुर गांव के अहिमातपुर निवासी विनोद पासवान और उसके टीकर गांव निवासी साले अनिल कुमार, रिश्तेदार सबी पासवान व टीकर गांव के एक किशोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
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आरोपियों से लूट की रकम में एक लाख दो हजार रुपये, लूट में प्रयुक्त बाइक, एक तमंचा, कारतूस, तीन मोबाइल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक, ग्राहक सेवा केंद्र के स्टेटमेंट बरामद हुए हैं। एसपी उदयशंकर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को सोमवार सुबह पुलिस मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी लेकर जा रही थी।
हसवा मोड़ पर लुटेरे अनिल ने लघुशंका के बहाने जीप रोकवाई। एक पुलिसकर्मी की इंसास राइफल छीनकर जीप से कूद गया। भागने की फिराक में राइफल पुलिस कर्मियों पर तानकर जान से मारने की धमकी देने लगा। मुठभेड़ में पुलिस की गोली अनिल के पैर में लगी है। टीकर गांव का अभिषेक उर्फ मोनू फरार है। पुलिस उसे ही मास्टरमाइंड बता रही है। इलाज व मेडिकल परीक्षण के बाद चारों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
फुटेज देख ग्रामीण पहचाने थे, थरियांव में घूमते रहे लुटेरे
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी। ग्रामीणों में प्रकाशित नाबालिग की फोटो देखकर लुटेरों की चर्चा तेज हो गई थी। पुलिस तक एक मुखबिर ने ग्रामीणों की चर्चा पहुंचाई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। इस तरह से फुटेज के सहारे पुलिस लुटेरों तक पहुंची है। लूट के बाद लुटेरों में पुलिस का जरा भी खौफ नहीं था। जिस थाना क्षेत्र में घटना की थी, वहीं आकर नए मोबाइल, कपड़े समेत अन्य सामान खरीदा था। कुछ रुपये बैंक में भी जमा किए हैं।
हथगाम थाना क्षेत्र में भी हो सकती थी लूट
लूट का फरार मास्टरमाइंड अभिषेक उर्फ मोनू शातिर किस्म का है। वह दिल्ली में रहता है। दिल्ली में भी उसके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं। लूट में प्रयुक्त बाइक विनोद पासवान की है। विनोद पासवान मुंबई में काम करता है। मोनू को छोड़कर बाकी सारे आरोपियों ने पहली बार वारदात की है। इन दिनों सभी गांव आए थे। मोनू ने बैंक से कैश लेकर आने-जाने वालों की रेकी के लिए बाकी सदस्यों को सक्रिय किया था। उसने रेकी के लिए हथगाम और थरियांव थाना क्षेत्र की बैंक में नाबालिग व अन्य सदस्यों को लगाया था। रेकी में थरियांव में पहले सीएससी संचालक मिल गया। इससे हथगाम में लूट होते बच गई। लुटेरे पकड़े न जाते तो शायद घटनाओं का दौर बढ़ता। घटना में विनोद पासवान को बाइक इस्तेमाल करने के एवज में 10 हजार रुपये उसके साले अनिल ने दिए थे।