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Fatehpur News: सरकारी भूमि पर बनी मदीना मस्जिद, ढहाने का आदेश
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अल्लीपुर। मलवां कस्बे लटियारे बाबा के पास सरकारी जगह पर मस्जिद व मदरसा विस्तारित अवैध निर्माण ढहाने का तहसीलदार की कोर्ट ने आदेश किया है। मस्जिद कमेटी को क्षतिपूर्ति के लिए 65,500 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश भी जारी किया है।
मलवां कस्बा कोटिया मार्ग लटियारा बाबा के पास करीब 20 साल पहले एक छोटी मस्जिद का निर्माण हुआ था। धीरे-धीरे मस्जिद विस्तार के क्रम में सरकारी भूमि पर निर्माण कराकर कमरे, मदरसा संचालित होने लगा। मामले की बिंदकी तहसीलदार कोर्ट में हिंदू संगठनों की ओर से भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की गई थी। कोई कार्रवाई न होने पर 21 जुलाई को विहिप प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय के आवाहन पर करीब 11 बजे हिंदू संगठनों की महापंचायत हुई थी। पंचायत में सरकारी जमीन से अतिक्रमण ढहाने की प्रशासन को चेतावनी दी गई थी। एक माह का समय प्रशासन को दिया गया था। हालांकि प्रशासन ने दाखिल वाद में 23 मार्च 2022 को तालाबी नंबर पर अंकित करने का आदेश किया था। तहसीलदार अचलेश सिंह की कोर्ट में बेदखली का मामला चला। कोर्ट ने वक्फ सुन्नी मदीना मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष हैदर अली को नोटिस जारी देकर जवाब मांगा। कमेटी अध्यक्ष की ओर से 21 अगस्त को दाखिल जवाब में बताया कि आरोप बेबुनियाद और गलत तथ्यों पर आधारित हैं। पक्ष के अधिवक्ता अतिक्रमण के बारे में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कोर्ट ने भूमि सर्वेक्षण की रिपोर्ट क्षेत्रीय लेखपाल से मांगी। रिपोर्ट में मस्जिद बनाकर अवैध कब्जे की पुष्टि की गई है। कोर्ट ने करीब चार बिस्वा में पूरे निर्माण को अवैध घोषित किया।
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मलवां कस्बा कोटिया मार्ग लटियारा बाबा के पास करीब 20 साल पहले एक छोटी मस्जिद का निर्माण हुआ था। धीरे-धीरे मस्जिद विस्तार के क्रम में सरकारी भूमि पर निर्माण कराकर कमरे, मदरसा संचालित होने लगा। मामले की बिंदकी तहसीलदार कोर्ट में हिंदू संगठनों की ओर से भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की गई थी। कोई कार्रवाई न होने पर 21 जुलाई को विहिप प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय के आवाहन पर करीब 11 बजे हिंदू संगठनों की महापंचायत हुई थी। पंचायत में सरकारी जमीन से अतिक्रमण ढहाने की प्रशासन को चेतावनी दी गई थी। एक माह का समय प्रशासन को दिया गया था। हालांकि प्रशासन ने दाखिल वाद में 23 मार्च 2022 को तालाबी नंबर पर अंकित करने का आदेश किया था। तहसीलदार अचलेश सिंह की कोर्ट में बेदखली का मामला चला। कोर्ट ने वक्फ सुन्नी मदीना मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष हैदर अली को नोटिस जारी देकर जवाब मांगा। कमेटी अध्यक्ष की ओर से 21 अगस्त को दाखिल जवाब में बताया कि आरोप बेबुनियाद और गलत तथ्यों पर आधारित हैं। पक्ष के अधिवक्ता अतिक्रमण के बारे में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कोर्ट ने भूमि सर्वेक्षण की रिपोर्ट क्षेत्रीय लेखपाल से मांगी। रिपोर्ट में मस्जिद बनाकर अवैध कब्जे की पुष्टि की गई है। कोर्ट ने करीब चार बिस्वा में पूरे निर्माण को अवैध घोषित किया।
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