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Fatehpur News: सुरक्षा उपकरणों के अभाव में जोखिम उठा काम कर रहे लाइनमैन
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फतेहपुर। जिलेभर में बिजली व्यवस्था संभालने वाले लाइनमैनों की जान रोज खतरे में है। बारिश व उमस के इस मौसम में फाल्ट की संख्या बढ़ने से काम का दबाव बढ़ा है, लेकिन कर्मचारियों को जरूरी सुरक्षा उपकरण अब भी नहीं मिल रहे। कई बार जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं, फिर भी विभागीय अधिकारी इस पर गंभीर नहीं हैं।
जिले में 56 विद्युत उपकेंद्र हैं। इनमें करीब 950 आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं। इनमें लगभग 850 लाइनमैन फील्ड में कार्यरत हैं। जर्जर तारों, गीले पोल व करंट उतरने की लगातार शिकायतों के बीच लाइनमैन नंगे पांव व बिना सुरक्षा उपकरणों के पोल पर चढ़ने को मजबूर हैं। यह स्थिति विभागीय रूप से गंभीर है साथ ही नियमों की खुली अनदेखी भी है। बारिश के दौरान भीगते हुए कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने के लिए बिना सुरक्षा के पोल पर चढ़ रहे हैं। पिछले महीने ही जहानाबाद व खागा क्षेत्र में लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से उसकी जान जा चुकी है। वहीं पिछले साल मार्च महीने में ज्वालागंज क्षेत्र में लाइनमैन विनोद कुमार ट्रांसफार्मर के केबल में काम कर रहा था। तभी करंट से झुलसकर उसकी मौत हो गई थी। बीते वर्ष हथगाम में भी एक लाइनमैन की फाल्ट ठीक करते समय मौत हो गई थी। इस प्रकार के कई अन्य हादसे पहले भी हो चुके हैं। कर्मचारियों ने बताया कि हमें किसी भी प्रकार के सुरक्षा किट नहीं दी जाती है। रात- दिन बिना सुरक्षा उपकरण के ही मरम्मत करते हैं।
सदर एसडीओ अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, लेकिन वे खुद उन्हें पहनना नहीं चाहते। वहीं आउटसोर्स कंपनी के सुपरवाइजर का दावा है कि विभाग से अनुबंध होने के बाद सभी उपकेंद्रों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं पटेल नगर सहित कई स्थानों पर अब भी कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के ट्रांसफार्मर और पोल पर कार्य कर रहे हैं। इससे लाइनमैनों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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जिले में 56 विद्युत उपकेंद्र हैं। इनमें करीब 950 आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं। इनमें लगभग 850 लाइनमैन फील्ड में कार्यरत हैं। जर्जर तारों, गीले पोल व करंट उतरने की लगातार शिकायतों के बीच लाइनमैन नंगे पांव व बिना सुरक्षा उपकरणों के पोल पर चढ़ने को मजबूर हैं। यह स्थिति विभागीय रूप से गंभीर है साथ ही नियमों की खुली अनदेखी भी है। बारिश के दौरान भीगते हुए कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने के लिए बिना सुरक्षा के पोल पर चढ़ रहे हैं। पिछले महीने ही जहानाबाद व खागा क्षेत्र में लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से उसकी जान जा चुकी है। वहीं पिछले साल मार्च महीने में ज्वालागंज क्षेत्र में लाइनमैन विनोद कुमार ट्रांसफार्मर के केबल में काम कर रहा था। तभी करंट से झुलसकर उसकी मौत हो गई थी। बीते वर्ष हथगाम में भी एक लाइनमैन की फाल्ट ठीक करते समय मौत हो गई थी। इस प्रकार के कई अन्य हादसे पहले भी हो चुके हैं। कर्मचारियों ने बताया कि हमें किसी भी प्रकार के सुरक्षा किट नहीं दी जाती है। रात- दिन बिना सुरक्षा उपकरण के ही मरम्मत करते हैं।
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सदर एसडीओ अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, लेकिन वे खुद उन्हें पहनना नहीं चाहते। वहीं आउटसोर्स कंपनी के सुपरवाइजर का दावा है कि विभाग से अनुबंध होने के बाद सभी उपकेंद्रों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं पटेल नगर सहित कई स्थानों पर अब भी कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के ट्रांसफार्मर और पोल पर कार्य कर रहे हैं। इससे लाइनमैनों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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