Fatehpur: शुआट्स मामले का गृह मंत्रालय ने लिया संज्ञान, जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सामूहिक धर्मांतरण के मामले का गृह मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है। बता दें कि पूर्व डायरेक्टर की शिकायत पर प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया था। इस पर मंत्रालय ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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फतेहपुर जिले में सामूहिक धर्मांतरण के मामले में शुआट्स के लाल परिवार के कारनामे शासन तक पहुंच रहे हैं। गृह मंत्रालय ने शिकायत को संज्ञान में लेकर प्रमुख सचिव को जांच और कार्रवाई के लिए पत्राचार किया है। मामले में गवाहों ने सुरक्षा की मांग की है।
उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तार का प्रयास नहीं कर रही है। सामूहिक धर्मांतरण के मामले में स्वतंत्र गवाह और शुुआट्स के पूर्व डायरेक्टर बोर्ड मेंबर डॉ. आईजेक फ्रेंक ने प्रयागराज नैनी स्थित शुआट्स के वाइस संचालर आरबी लाल समेत अन्य परिवारीजनों के खिलाफ 18 जनवरी को गृहमंत्रालय में शिकायत की थी।
सूचना अधिकार अधिनियम के तहत विश्वविद्यालय में 77 पदों पर अनियमित तरीके से की गई भर्ती, धर्मांतरण, विदेशों से फंडिंग, एक्सिस बैंक से 24 करोड़ का घोटाला और शुआट्स के पदों पर गलत तैनाती के दौरान सरकारी से ली गई तनख्वाह की रिकीवरी के साक्ष्य भेजकर कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
डॉ. आईजेक फ्रेंक ने बताया कि प्रकरण में गृह मंत्रालय ने शासन के प्रमुख सचिव को जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसकी प्रतिलिपि डॉ. आईजेक को भेजी है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा को भी आदेश की एक प्रति सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
उधर, स्वतंत्र गवाह पूर्व शुआट्स छात्र दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रकरण की जांच में एसटीएफ ने सारे साक्ष्य प्रयागराज पुलिस को शुआट्स के खिलाफ दिए हैं। इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। उनकी गिरफ्तारी भी नहीं की जा रही है। उन्होंने भी सुरक्षा की मांग की है।
हफ्ते के एक दिन वीसी का पादरी रूप
शुआट्स में संचालित यीशु दरबार में एक दिन वाइस चांसलर आरबी लाल चंगाई सभा करता था। इसके कई वीडियो सामने आए हैं। प्रतिष्ठित संस्थान का वाइस चांसलर एक दिन खुद को यीशु का भेजा बंदा बताता। उस दिन लोगों को झाड़ फूंक, धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था।
वीसी की अग्रिम जमानत पर नहीं हो सकी सुनवाई
सदर कोतवाली में 20 जनवरी को शुआट्स के वाइस चांसलर आर बी लाल समेत 10 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा सुल्तानपुर जिले के गोसाईंगज निवासी सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने कराया है।
इसी मुकदमे में वीसी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका और एफआईअर रद की याचिका दाखिल की गई थी। अग्रिम जमानत पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। वादी की अधिवक्ता कमला सिंह ने बताया कि याची की ओर से कोर्ट में कोई प्रस्तुत नहीं हुआ। इसी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी।