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Fatehpur News: मां की मौत में बच्चों की गवाही पर जेई पिता को सजा
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फतेहपुर। विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) पति के दूसरी महिला से संबंध से परेशान होकर खुदकुशी करने वाली महिला की मौत के मामले में कोर्ट ने बच्चों की गवाही पर जेई को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने 10 साल की कैद और एक लाख 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
कानपुर कल्यानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के पिता ने बताया कि पुत्री की शादी बकेवर थाने के हरिओम सैनी के साथ हुई थी। प्रयागराज फूलपुर में हरिओम सैनी विद्युत विभाग में अवर अभियंता है। पुत्री 13 मई 2019 को पति से मिलकर बच्चों के साथ घर लौटी थी। उस समय महिला का पुत्र (तत्कालीन उम्र 15) व पुत्री (तत्कालीन उम्र 13) हैं। वह बच्चों को चचेरे ससुर के घर में छोड़ आई थी। इसके बाद घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी।
महिला के पिता ने दामाद हरिओम के खिलाफ 14 मई 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि उसके दामाद के संबंध हैं। वह हरिओम के घर आती-जाती थी। पुत्री इसका विरोध करती थी। विरोध पर पुत्री को दामाद पीटकर प्रताड़ित करता था। पुत्री ने एएसपी कानपुर से शिकायत की थी। ऐच्छिक ब्यूरो में समझौता हुआ था।
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कुछ दिन बाद फिर हरिओम का महिला से मिलना-जुलना हो गया। प्रताड़ना से तंग आकर पुत्री ने आत्महत्या की थी। कोर्ट में पुत्र और पुत्री ने पिता के खिलाफ गवाही दी। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अंतिम सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि बचपन में ही मां का साया पति की वजह से छिन गया। बच्चे खुद ही गवाही दे रहे हैं। ऐसे में कोर्ट हरिओम को दोषी करार देकर सजा सुनाती है।
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कानपुर कल्यानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के पिता ने बताया कि पुत्री की शादी बकेवर थाने के हरिओम सैनी के साथ हुई थी। प्रयागराज फूलपुर में हरिओम सैनी विद्युत विभाग में अवर अभियंता है। पुत्री 13 मई 2019 को पति से मिलकर बच्चों के साथ घर लौटी थी। उस समय महिला का पुत्र (तत्कालीन उम्र 15) व पुत्री (तत्कालीन उम्र 13) हैं। वह बच्चों को चचेरे ससुर के घर में छोड़ आई थी। इसके बाद घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी।
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महिला के पिता ने दामाद हरिओम के खिलाफ 14 मई 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि उसके दामाद के संबंध हैं। वह हरिओम के घर आती-जाती थी। पुत्री इसका विरोध करती थी। विरोध पर पुत्री को दामाद पीटकर प्रताड़ित करता था। पुत्री ने एएसपी कानपुर से शिकायत की थी। ऐच्छिक ब्यूरो में समझौता हुआ था।
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कुछ दिन बाद फिर हरिओम का महिला से मिलना-जुलना हो गया। प्रताड़ना से तंग आकर पुत्री ने आत्महत्या की थी। कोर्ट में पुत्र और पुत्री ने पिता के खिलाफ गवाही दी। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अंतिम सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि बचपन में ही मां का साया पति की वजह से छिन गया। बच्चे खुद ही गवाही दे रहे हैं। ऐसे में कोर्ट हरिओम को दोषी करार देकर सजा सुनाती है।