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Fatehpur News: भाजपा में गुटीय खींचतान, चुनाव से पहले बढ़ी संगठन की चुनौती

Sun, 20 Sep 2026 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:16 AM IST
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Factional infighting within the BJP; organizational challenges mount ahead of the elections.
फतेहपुर। जिले में सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी में चार अलग-अलग खेमे सक्रिय बताए जा रहे हैं। दो पूर्व जिलाध्यक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के साथ खागा तहसील क्षेत्र से जुड़े दो क्षत्रिय परिवारों के बीच राजनीतिक वर्चस्व को लेकर दूरी बढ़ने की भी चर्चा है।
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बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों में भी इसका असर नजर आया। दोनों पक्षों की ओर से एक ही मार्ग पर जुलूस निकालने की तैयारी थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते दोनों जुलूसों पर रोक लगाकर टकराव की स्थिति टाल दी।
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भाजपा के दो पूर्व जिलाध्यक्षों के बीच मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। एक पूर्व जिलाध्यक्ष दूसरे को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं दिखते, जबकि पिछड़ा वर्ग से जुड़े पूर्व जिलाध्यक्ष भी अपने समर्थकों के साथ अलग खेमे में सक्रिय नजर आते हैं। दोनों पक्षों के नेता और समर्थक कई मौकों पर एक-दूसरे के खिलाफ बिना नाम लिए बयानबाजी करते रहे हैं। इससे पार्टी के भीतर गुटीय गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हुई है।
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हुसैनगंज विधानसभा सीट पर भी गुटीय राजनीति का असर दिखाई दे रहा है। वर्तमान में यहां सपा की विधायक ऊषा मौर्या हैं। पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पिछले चुनाव में ऊषा मौर्या से पराजित हुए थे। अब उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह के बड़े भाई मुन्ना सिंह के भी चुनावी तैयारी में जुटने की चर्चा है। दोनों के समर्थकों के बीच राजनीतिक खींचतान की स्थिति बताई जा रही है।
विधानसभा चुनाव 2022 में भी पार्टी के भीतर मतभेदों का असर चर्चा में रहा था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष ने हुसैनगंज और सदर विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार नहीं किया था। दोनों सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी के भीतर आपसी खींचतान को लेकर चर्चाएं अब भी जारी हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के सामने सभी गुटों के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती है।


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भाजपा पीएम मोदी और सीएम योगी की विचारधारा है। यहां पर किसी का कोई प्रभाव नहीं है। फिर भी वह पार्टी नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। सभी लोग एक साथ हैं।
- अन्नू श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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