{"_id":"69332ed29bb59814d80977ad","slug":"explain-to-farmers-the-benefits-of-soil-testing-and-natural-farming-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-145056-2025-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: किसानों को मृदा परीक्षण और प्राकृतिक खेती के लाभ समझाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: किसानों को मृदा परीक्षण और प्राकृतिक खेती के लाभ समझाए
विज्ञापन
फोटो-05-मृदा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद किसान। स्रोत-सूचना विभाग
- फोटो : एसएसपी सौरभ दीक्षित टर्नआउट परेड का निरीक्षण करते हुए। स्रोतः पुलिस
फतेहपुर। कृषि विभाग की ओर से शुक्रवार को कृषि भवन में विश्व मृदा दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य, परीक्षण विधियों, उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। छात्रों के लिए आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमदान सिंह ने खेतों में जैव कार्बन की कमी पर चिंता जताते हुए बताया कि कार्बनिक खाद, कंपोस्ट, केंचुआ खाद और हरी खाद जैसे प्राकृतिक संसाधन मृदा को पोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मृदा नमूना लेने और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की तकनीक समझाई।
केवीके के वैज्ञानिक डॉ. जगदीश किशोर ने मृदा गुणवत्ता में सुधार की विभिन्न तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। जिला कृषि अधिकारी ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया ताकि मिट्टी की उर्वरता बढ़ने के साथ मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़े। बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने किसानों को कृषि ऋण और बैंकिंग योजनाओं के बारे में बताया।
विज्ञापन
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दूजी देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज भृगुधाम की पूजा देवी प्रथम, धर्मेंद्र कुमार द्वितीय और अश्वनी कुमार तृतीय स्थान पर रहे। जय मां सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज राधानगर के दिव्यांश सिंह और अमन साहू को क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान मिला। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र दिए गए।
उप कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि मृदा परीक्षण किसान की जरूरतों को समझने और उत्पादन बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है। मृदा हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक पूंजी है। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, केवीके वैज्ञानिक और बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमदान सिंह ने खेतों में जैव कार्बन की कमी पर चिंता जताते हुए बताया कि कार्बनिक खाद, कंपोस्ट, केंचुआ खाद और हरी खाद जैसे प्राकृतिक संसाधन मृदा को पोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मृदा नमूना लेने और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की तकनीक समझाई।
विज्ञापन
केवीके के वैज्ञानिक डॉ. जगदीश किशोर ने मृदा गुणवत्ता में सुधार की विभिन्न तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। जिला कृषि अधिकारी ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया ताकि मिट्टी की उर्वरता बढ़ने के साथ मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़े। बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने किसानों को कृषि ऋण और बैंकिंग योजनाओं के बारे में बताया।
विज्ञापन
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दूजी देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज भृगुधाम की पूजा देवी प्रथम, धर्मेंद्र कुमार द्वितीय और अश्वनी कुमार तृतीय स्थान पर रहे। जय मां सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज राधानगर के दिव्यांश सिंह और अमन साहू को क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान मिला। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र दिए गए।
उप कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि मृदा परीक्षण किसान की जरूरतों को समझने और उत्पादन बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है। मृदा हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक पूंजी है। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, केवीके वैज्ञानिक और बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।