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फतेहपुरः गोशाला में साफ होने लगी गंदगी
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किशनपुर। हरदासपुर गढ़ा स्थित कालिंदी कान्हा गोशाला में दलदल और अव्यवस्था की खबर पर एसडीएम और परियोजना निदेशक रविवार को गोशाला पहुंचे। ट्रैक्टर और जेसीबी के जरिए दलदल को साफ कराया गया। इस दौरान अव्यवस्था को लेकर एसडीएम ने सचिव को फटकार लगाई।
कालिंदी कान्हा गोशाला में अव्यवस्था और दलदल बन चुके परिसर की खबर अमर उजाला ने रविवार 25 सितंबर के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। खबरों को संज्ञान में लेकर एसडीएम मनीष कुमार व परियोजना निदेशक एमपी चौबे रविवार को गोशाला पहुंचे। सूचना पर सचिव आकांक्षा मिश्रा भी पहुंची। गोशाला के अंदर दलदल देखकर एसडीएम ने नाराजगी जताकर तुरंत साफ कराने के निर्देश दिए।
कुछ ही देर बाद जेसीबी और एक ट्रैक्टर गोशाला पहुंचा और कीचड़ को साफ करने का काम शुरू हो गया। यहां पर घुटने बराबर दलदल था और इसमें फंसकर मवेशी गिर रहे थे। एसडीएम ने कहा कि जहां अभी दलदल बना हुआ है, वहां पर तुरंत ईंट भट्टे से राबिश मंगाकर डाली जाए। इसके साथ ही भूसा व हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा।
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सचिव आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि फिलहाल दस दिनों तक का भूसा है और आगे की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक समस्या भूसा खोजने में हो रही है। प्रधान प्रतिनिधि निर्मल निषाद ने बताया कि जून में एक लाख 31 हजार रुपये प्राप्त हुए थे और तब से एक रुपये नहीं मिला। ऐसे में भूसा की व्यवस्था करना बेहद ही कठिन होता जा रहा है।
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कालिंदी कान्हा गोशाला में अव्यवस्था और दलदल बन चुके परिसर की खबर अमर उजाला ने रविवार 25 सितंबर के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। खबरों को संज्ञान में लेकर एसडीएम मनीष कुमार व परियोजना निदेशक एमपी चौबे रविवार को गोशाला पहुंचे। सूचना पर सचिव आकांक्षा मिश्रा भी पहुंची। गोशाला के अंदर दलदल देखकर एसडीएम ने नाराजगी जताकर तुरंत साफ कराने के निर्देश दिए।
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कुछ ही देर बाद जेसीबी और एक ट्रैक्टर गोशाला पहुंचा और कीचड़ को साफ करने का काम शुरू हो गया। यहां पर घुटने बराबर दलदल था और इसमें फंसकर मवेशी गिर रहे थे। एसडीएम ने कहा कि जहां अभी दलदल बना हुआ है, वहां पर तुरंत ईंट भट्टे से राबिश मंगाकर डाली जाए। इसके साथ ही भूसा व हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा।
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सचिव आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि फिलहाल दस दिनों तक का भूसा है और आगे की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक समस्या भूसा खोजने में हो रही है। प्रधान प्रतिनिधि निर्मल निषाद ने बताया कि जून में एक लाख 31 हजार रुपये प्राप्त हुए थे और तब से एक रुपये नहीं मिला। ऐसे में भूसा की व्यवस्था करना बेहद ही कठिन होता जा रहा है।