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बच्चा की हत्या के बाद अब परिवार को धमकी
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:20 AM IST
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हाजीपुर गंग में बच्चा लोधी के घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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किसान बच्चा लोधी की हत्या के तीसरे दिन भी पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में दहशत है। परिवार के लोगों ने भी अब धमकी मिलने का आरोप लगाया है। अभी तक एक भी आरोपी के न पकड़े जाने से भी उनमें डर है। उधर पुलिस ने आगजनी और घर ढहाने के मामले में सेवन क्रिमिनल एक्ट के तहत आधा सैकड़ा ग्रामीणों पर रिपोर्ट दर्ज की है।
गंगा कटरी किनारे बसे हाजीपुर गंग गांव में बच्चा लोधी हत्याकांड के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण है। नाराजगी में हत्यारोपियों के खिलाफ उठाए गए कदम से अब ग्रामीणों पर संगीन धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे उनमें पुलिस की भी दहशत है। दूसरी ओर परिजनाें की मानें तो फरार आरोपियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। बच्चा लोधी के घर पर सोमवार को नाते रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। उनकी पत्नी सियावती ने बताया कि उन लोगों को भी आरोपी मनोहर लोधी और उसके परिवार से धमकी मिल रही हैं।
उनके परिवार के दुलारे के मोबाइल पर मनोहर ने रविवार रात फोन किया था। उसने रामसेवक, पप्पू, दुलारे, केशन और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। यह भी कहा है कि उसके बाद ही कोर्ट में हाजिर होगा। इसकी खबर पुलिस को भी दी गई है। उसकी धमकी से पूरा परिवार डरा है। बड़ा बेटा परमजीत वैसे ही कानपुर हैलट में जिंदगी से जूझ रहा है। दूसरा बेटा बीरू भी जिला अस्पताल में भर्ती है। वही गांव की गलियों में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा है। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं।
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मालूम हो कि शुक्रवार को मुख्य हत्यारोपी मनोहर लोधी समेत चार लोग कब्जे की जमीन पर लगे नीम के पेड़ को कटवा रहे थे। दूसरे पक्ष के बच्चा लोधी ने एतराज जताया था। तभी मनोहर पक्ष ने कुल्हाड़ियों से बच्चा और उसके परिवार पर हमला किया था। घायल बच्चा की उसी रात मौत हो गई थी। एसएचओ एपी तिवारी ने बताया कि धमकी देने की बात परिवार की ओर से ही सामने आई है लेकिन हत्यारोपी फरार हैं। इन हालात में वे धमकी कैसे देंगे, यह जांच का विषय है। वैसे भी पुलिस की चार टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं।
केवल दो पुलिस कर्मी गांव में तैनात
हाजीपुर गंग गांव में सोमवार को पुलिस फिर से अपनी गलती को दोहराती दिखाई दी। गांव में सोमवार की दोपहर करीब एक बजे महज दो पुलिस कर्मियों की तैनाती रही। ड्यूटी निभाना उनके सामने मजबूरी जैसा दिखाई पड़ा। तनावग्रस्त हालातों में कोई भी पक्ष किसी तरह का कदम उठाता है तो यह उन्हें रोकने में पर्याप्त नहीं हो सकते हैं। जबकि हत्याकांड के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारोपियों के घर ढहाने और आगजनी जैसी घटना को अंजाम देकर अपना गुस्सा दिखा दिया है।
मनोहर से दबे ग्रामीणों ने उठाया फायदा
हत्यारोपी मनोहर लोधी की गांव में दबंगई की वजह से कोई भी उसके आगे सिर नहीं उठाता था। हत्याकांड के बाद मनोहर और आशीष के परिवार संग फरार हो जाने पर परेशान ग्रामीणों को भी अपनी खुन्नस मिटाने का मौका मिला था। यही वजह रही कि एकजुट ग्रामीणों ने घरों में हमला करने की योजना बना डाली। पुलिस रिपोर्ट लिखने के बाद इसी बिंदु पर छानबीन भी कर रही है।
गंगा कटरी किनारे बसे हाजीपुर गंग गांव में बच्चा लोधी हत्याकांड के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण है। नाराजगी में हत्यारोपियों के खिलाफ उठाए गए कदम से अब ग्रामीणों पर संगीन धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे उनमें पुलिस की भी दहशत है। दूसरी ओर परिजनाें की मानें तो फरार आरोपियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। बच्चा लोधी के घर पर सोमवार को नाते रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। उनकी पत्नी सियावती ने बताया कि उन लोगों को भी आरोपी मनोहर लोधी और उसके परिवार से धमकी मिल रही हैं।
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उनके परिवार के दुलारे के मोबाइल पर मनोहर ने रविवार रात फोन किया था। उसने रामसेवक, पप्पू, दुलारे, केशन और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। यह भी कहा है कि उसके बाद ही कोर्ट में हाजिर होगा। इसकी खबर पुलिस को भी दी गई है। उसकी धमकी से पूरा परिवार डरा है। बड़ा बेटा परमजीत वैसे ही कानपुर हैलट में जिंदगी से जूझ रहा है। दूसरा बेटा बीरू भी जिला अस्पताल में भर्ती है। वही गांव की गलियों में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा है। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं।
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मालूम हो कि शुक्रवार को मुख्य हत्यारोपी मनोहर लोधी समेत चार लोग कब्जे की जमीन पर लगे नीम के पेड़ को कटवा रहे थे। दूसरे पक्ष के बच्चा लोधी ने एतराज जताया था। तभी मनोहर पक्ष ने कुल्हाड़ियों से बच्चा और उसके परिवार पर हमला किया था। घायल बच्चा की उसी रात मौत हो गई थी। एसएचओ एपी तिवारी ने बताया कि धमकी देने की बात परिवार की ओर से ही सामने आई है लेकिन हत्यारोपी फरार हैं। इन हालात में वे धमकी कैसे देंगे, यह जांच का विषय है। वैसे भी पुलिस की चार टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं।
केवल दो पुलिस कर्मी गांव में तैनात
हाजीपुर गंग गांव में सोमवार को पुलिस फिर से अपनी गलती को दोहराती दिखाई दी। गांव में सोमवार की दोपहर करीब एक बजे महज दो पुलिस कर्मियों की तैनाती रही। ड्यूटी निभाना उनके सामने मजबूरी जैसा दिखाई पड़ा। तनावग्रस्त हालातों में कोई भी पक्ष किसी तरह का कदम उठाता है तो यह उन्हें रोकने में पर्याप्त नहीं हो सकते हैं। जबकि हत्याकांड के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारोपियों के घर ढहाने और आगजनी जैसी घटना को अंजाम देकर अपना गुस्सा दिखा दिया है।
मनोहर से दबे ग्रामीणों ने उठाया फायदा
हत्यारोपी मनोहर लोधी की गांव में दबंगई की वजह से कोई भी उसके आगे सिर नहीं उठाता था। हत्याकांड के बाद मनोहर और आशीष के परिवार संग फरार हो जाने पर परेशान ग्रामीणों को भी अपनी खुन्नस मिटाने का मौका मिला था। यही वजह रही कि एकजुट ग्रामीणों ने घरों में हमला करने की योजना बना डाली। पुलिस रिपोर्ट लिखने के बाद इसी बिंदु पर छानबीन भी कर रही है।