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Ludhiana News: महिला के पहचान पत्रों से बोगस फर्म बनाई, करोड़ों की धोखाधड़ी
Wed, 02 Sep 2026 05:01 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Wed, 02 Sep 2026 05:01 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पहचान संबंधी दस्तावेज का दुरुपयोग कर एक महिला के नाम पर फर्जी फर्म बनाने और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने फर्जी जीएसटी नंबर और आयकर रिटर्न का इस्तेमाल कर बैंकों से कर्ज भी लिया। थाना टिब्बा पुलिस ने परमजीत कौर की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पीड़िता परमजीत कौर ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके निजी कागजात चुराए। इन कागजातों से नकली दस्तावेज तैयार किए गए। इसके बाद उसके नाम पर एक फर्जी व्यावसायिक ढांचा खड़ा किया गया। इसी बनावटी फर्म के आधार पर अनधिकृत जीएसटी पंजीयन कराया गया। जालसाजों ने फर्जी अभिलेखों का उपयोग कर वित्तीय संस्थानों से मोटी रकम के कर्ज स्वीकृत कराए। उन्होंने पीड़िता के नाम से फर्जी आयकर रिटर्न भी जमा की। यह पूरा फर्जीवाड़ा सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों के साथ किया गया।
पीड़िता को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब उसे संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों से कार्रवाई के ब्योरे मिले। वह इस घटनाक्रम से स्तब्ध रह गई। धोखेबाजों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर पीड़िता के अभिलेखों की आड़ में यह गैरकानूनी धंधा चलाया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच की जा रही है।
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लुधियाना। पहचान संबंधी दस्तावेज का दुरुपयोग कर एक महिला के नाम पर फर्जी फर्म बनाने और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने फर्जी जीएसटी नंबर और आयकर रिटर्न का इस्तेमाल कर बैंकों से कर्ज भी लिया। थाना टिब्बा पुलिस ने परमजीत कौर की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पीड़िता परमजीत कौर ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके निजी कागजात चुराए। इन कागजातों से नकली दस्तावेज तैयार किए गए। इसके बाद उसके नाम पर एक फर्जी व्यावसायिक ढांचा खड़ा किया गया। इसी बनावटी फर्म के आधार पर अनधिकृत जीएसटी पंजीयन कराया गया। जालसाजों ने फर्जी अभिलेखों का उपयोग कर वित्तीय संस्थानों से मोटी रकम के कर्ज स्वीकृत कराए। उन्होंने पीड़िता के नाम से फर्जी आयकर रिटर्न भी जमा की। यह पूरा फर्जीवाड़ा सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों के साथ किया गया।
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पीड़िता को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब उसे संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों से कार्रवाई के ब्योरे मिले। वह इस घटनाक्रम से स्तब्ध रह गई। धोखेबाजों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर पीड़िता के अभिलेखों की आड़ में यह गैरकानूनी धंधा चलाया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच की जा रही है।
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