{"_id":"61b10247bcc08d659d22e185","slug":"allegations-found-true-in-investigation-recommendation-to-derecognise-fatehpur-news-knp668503772","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में सही मिले आरोप, समाप्त होगी मान्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में सही मिले आरोप, समाप्त होगी मान्यता
विज्ञापन
आरएसजी इंटर कालेज बिंदकी। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। जांच में बिंदकी के आरएसजी इंटर कॉलेज परिसर में अवैध ढंग से गैस रिफिलिंग की पुष्टि हुई है। डीआईओएस ने कॉलेज की मान्यता समाप्त करने की रिपोर्ट सचिव प्रयागराज को भेजी है। जली हुईं दोनों वैनों में एक प्रबंधक और दूसरी उनके परिवार की एक महिला की है। विद्यालय में मानक के अनुरूप अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी की व्यवस्था नहीं थी। नियम विरुद्ध तरीके से बेसिक और माध्यमिक की कक्षाएं एक ही भवन में संचालित होने की भी पुष्टि हुई है।
बिंदकी की घनी आबादी जहानपुर मोहल्ले में थाने के पीछे 2001 से आरएसजी इंटर कॉलेज संचालित है। इसके प्रबंधक रमाकांत गुप्त हैं। एक ही भवन में प्रबंधक ने दो स्कूलों की मान्यता ले रखी है। इसी में बेसिक की कक्षा एक से आठ तक की मान्यता है और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कक्षा नौ से 12 तक की मान्यता है। बच्चों को लाने और ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधक और उनके परिवार की एक महिला की दो वैन संचालित थीं। दोनों वैनों में एलपीजी गैस किट लगी थी। स्कूल में करीब साढ़े 700 बच्चे पढ़ते हैं।
बेसिक कक्षाओं की छुट्टी के बाद माध्यमिक कक्षाओं की छुट्टी की जाती है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे कॉलेज परिसर में एक वैन में एलपीजी गैस रिफिलिंग करते समय आग लग गई थी। इसमें दो वैन, दो बाइकें और साइकिलें जल गई थीं। घटना के दौरान कॉलेज में करीब 30 बजे मौजूद थे। जो आग लगते ही कॉलेज में दुबक गए थे।
विज्ञापन
कॉलेज में इमरजेंसी गेट न होने के कारण बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे थे और खिड़कियों के शीशे टूट जाने से अंदर धुआं भर गया था। इससे बच्चों का दम भी घुट सकता था। पुलिस ने बच्चों को बाहर निकालने के लिए एक तरफ की दीवार तोड़ने का भी प्रयास किया लेकिन तब तक दमकल पहुंच गई थी। जिसने करीब आधे घंटे में आग बुझा दी थी।
मामले की जांच के लिए डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने दयानंद इंटर कॉलेज बिंदकी के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश बाजपेयी और नेहरू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अमरजीत सिंह को नियुक्त किया था। जांच में कॉलेज के अंदर गैस की अवैध रिफिलिंग की पुष्टि हुई है। प्रबंधक ने अपने बयान में कॉलेज में ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। प्रबंधक ने बच्चों को लाने ले जाने की बात भी स्वीकार नहीं की और दोनों वाहनों के अभिलेख भी नहीं पेश किए।
डीआईओएस ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट मिल गई है। इसमें कॉलेज के अंदर अवैध ढंग से गैस रिफिलिंग करते समय आग लगने की पुष्टि हुई है। घटना के दूसरे दिन बुधवार को स्कूल बंद रहा। बच्चों के मोबाइल नंबर से संपर्क कर घटना की जांच की गई। कॉलेज की मान्यता समाप्त करने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अगर किसी विद्यालय की मान्यता समाप्त होती है, तो उसके बच्चों को नजदीकी स्कूल में समायोजित कराने का प्रावधान है। मान्यता समाप्त होने पर आरएसजी कॉलेज के बच्चे भी नजदीकी स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे।
- बेसिक और माध्यमिक की मान्यता वाली कक्षाओं के लिए अलग-अलग भवन।
- बालक बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय।
- कॉलेज में एक साल में रिफिलिंग हुए सात अग्निशमन यंत्र।
- 17 कक्ष इंटर कॉलेज के लिए और बेसिक के लिए 11 कक्ष।
- नगरीय क्षेत्र में कॉलेज के लिए 765 वर्गमीटर क्षेत्रफल जमीन।
- दो हजार लीटर पानी भंडारण की व्यवस्था।
- मान्यता के समय अग्निशमन विभाग की एनओसी।
- प्रत्येक शिक्षक को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण।
विज्ञापन
बिंदकी की घनी आबादी जहानपुर मोहल्ले में थाने के पीछे 2001 से आरएसजी इंटर कॉलेज संचालित है। इसके प्रबंधक रमाकांत गुप्त हैं। एक ही भवन में प्रबंधक ने दो स्कूलों की मान्यता ले रखी है। इसी में बेसिक की कक्षा एक से आठ तक की मान्यता है और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कक्षा नौ से 12 तक की मान्यता है। बच्चों को लाने और ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधक और उनके परिवार की एक महिला की दो वैन संचालित थीं। दोनों वैनों में एलपीजी गैस किट लगी थी। स्कूल में करीब साढ़े 700 बच्चे पढ़ते हैं।
विज्ञापन
बेसिक कक्षाओं की छुट्टी के बाद माध्यमिक कक्षाओं की छुट्टी की जाती है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे कॉलेज परिसर में एक वैन में एलपीजी गैस रिफिलिंग करते समय आग लग गई थी। इसमें दो वैन, दो बाइकें और साइकिलें जल गई थीं। घटना के दौरान कॉलेज में करीब 30 बजे मौजूद थे। जो आग लगते ही कॉलेज में दुबक गए थे।
विज्ञापन
कॉलेज में इमरजेंसी गेट न होने के कारण बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे थे और खिड़कियों के शीशे टूट जाने से अंदर धुआं भर गया था। इससे बच्चों का दम भी घुट सकता था। पुलिस ने बच्चों को बाहर निकालने के लिए एक तरफ की दीवार तोड़ने का भी प्रयास किया लेकिन तब तक दमकल पहुंच गई थी। जिसने करीब आधे घंटे में आग बुझा दी थी।
मामले की जांच के लिए डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने दयानंद इंटर कॉलेज बिंदकी के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश बाजपेयी और नेहरू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अमरजीत सिंह को नियुक्त किया था। जांच में कॉलेज के अंदर गैस की अवैध रिफिलिंग की पुष्टि हुई है। प्रबंधक ने अपने बयान में कॉलेज में ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। प्रबंधक ने बच्चों को लाने ले जाने की बात भी स्वीकार नहीं की और दोनों वाहनों के अभिलेख भी नहीं पेश किए।
डीआईओएस ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट मिल गई है। इसमें कॉलेज के अंदर अवैध ढंग से गैस रिफिलिंग करते समय आग लगने की पुष्टि हुई है। घटना के दूसरे दिन बुधवार को स्कूल बंद रहा। बच्चों के मोबाइल नंबर से संपर्क कर घटना की जांच की गई। कॉलेज की मान्यता समाप्त करने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अगर किसी विद्यालय की मान्यता समाप्त होती है, तो उसके बच्चों को नजदीकी स्कूल में समायोजित कराने का प्रावधान है। मान्यता समाप्त होने पर आरएसजी कॉलेज के बच्चे भी नजदीकी स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे।
- बेसिक और माध्यमिक की मान्यता वाली कक्षाओं के लिए अलग-अलग भवन।
- बालक बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय।
- कॉलेज में एक साल में रिफिलिंग हुए सात अग्निशमन यंत्र।
- 17 कक्ष इंटर कॉलेज के लिए और बेसिक के लिए 11 कक्ष।
- नगरीय क्षेत्र में कॉलेज के लिए 765 वर्गमीटर क्षेत्रफल जमीन।
- दो हजार लीटर पानी भंडारण की व्यवस्था।
- मान्यता के समय अग्निशमन विभाग की एनओसी।
- प्रत्येक शिक्षक को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण।