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राजरानी बनी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत
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परिवार के साथ राजरानी। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
अमौली। ब्लाक क्षेत्र के नोनारा निवासी राजरानी ने दृढ़ इच्छा और मेहनत के बल पर बेटी-बेटों को बुलंदियों पर पहुंचाया। पति घसीटे लाल उत्तम की मौत के बाद धैर्य से काम लेते हुए बहादुर महिला ने बच्चों के साथ माता-पिता दोनों के दायित्व का निर्वहन किया। राजरानी में आज की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है।
राजरानी ने बताया कि 1987 मेें असमय पति की मौत हो गई। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खेतों पर जाकर अपना काम संभाला। इसके बाद बड़े बेटे को कानपुर के गुरुनानक क्वार्डेन स्कूल से इंटर कराने के बाद आईआईटी खड़गपुर से एम टेक कराया।
छोटे बेटे को सरकारी शिक्षक बनाया। इसके लिए उसने अपने जीवन यापन वाली आठ बीघे जमीन भी बेची। बड़ा बेटा कमलेश उत्तम गुड़गांव की इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च विभाग में नौ साल सर्विस करने के बाद इस समय लखनऊ में रहकर मैथमेटिकल मार्केटिंग का कार्य कर रहा है।
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छोटा बेटा जयवीर सीतापुर जिले में राजकीय विद्यालय में शिक्षक है। सभी बच्चे मां को ही अपना इष्ट मानते हैं। मां राजरानी को अभी भी अपनी खेती बाड़ी से वही लगाव है। छुट्टियों में बच्चों के साथ आकर खेती की देखभाल करती हैं।
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राजरानी ने बताया कि 1987 मेें असमय पति की मौत हो गई। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खेतों पर जाकर अपना काम संभाला। इसके बाद बड़े बेटे को कानपुर के गुरुनानक क्वार्डेन स्कूल से इंटर कराने के बाद आईआईटी खड़गपुर से एम टेक कराया।
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छोटे बेटे को सरकारी शिक्षक बनाया। इसके लिए उसने अपने जीवन यापन वाली आठ बीघे जमीन भी बेची। बड़ा बेटा कमलेश उत्तम गुड़गांव की इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च विभाग में नौ साल सर्विस करने के बाद इस समय लखनऊ में रहकर मैथमेटिकल मार्केटिंग का कार्य कर रहा है।
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छोटा बेटा जयवीर सीतापुर जिले में राजकीय विद्यालय में शिक्षक है। सभी बच्चे मां को ही अपना इष्ट मानते हैं। मां राजरानी को अभी भी अपनी खेती बाड़ी से वही लगाव है। छुट्टियों में बच्चों के साथ आकर खेती की देखभाल करती हैं।