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पूर्व सांसद राकेश सचान कांग्रेस में शामिल
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फतेहपुर। आखिर सियासी गलियारे में चर्चाओं को विराम लग गया। पूर्व सांसद राकेश सचान ने शनिवार को साइकिल से उतरकर पंजे का दामन थाम लिया। सपा संरक्षक मुलायम के करीबी रहे पूर्व सांसद सपा की राजनीति में तीन दशक से सक्रिय थे। गठबंधन से पहले पार्टी ने इन्हें ही अपना लोकसभा प्रत्याशी बनाया था। पर, गठबंधन में सीट बसपा के खाते में जाने के बाद पूर्व सांसद की खिन्नता से कयास लगने शुरू हो गए थे। शनिवार को वह दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए।
एक पखवारे से पूर्व सांसद राकेश सचान कांग्रेस में अपना भविष्य तलाशने को लेकर प्रयासरत थे। इस दौरान उन्होंने सपा के कार्यक्रमों से कटना भी शुरू कर दिया था। जिले में मतदाताओं में अच्छी पकड़ रखने वाले पूर्व सांसद राकेश सचान ने विधानसभावार अपने समर्थकों से बैठकें कर उनका मन टटोलने के बाद कांग्रेस में जाने का रुख किया। यह कानपुर की घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। पत्नी सीमा सचान जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। यहां जहानाबाद के बुढ़वा गांव में राकेश सचान का जन्म हुआ था और यहीं शिक्षा-दीक्षा भी
हुई। वर्तमान में कानपुर के किदवई नगर में परिवार सहित रहते हैं। राकेश सचान सपा में 1995 में सपा में शामिल हुए थे। वर्ष 2009 में फतेहपुर से सांसद चुने गए थे। 2014 में भाजपा से चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने पूरा समय जिले के मतदाताओं के बीच दिया। इन्हें एक साल पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव ने प्रत्याशी घोषित कर दिया था। सपा-बसपा गठबंधन का प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनकी प्रत्याशिता खत्म हो गई थी। शनिवार देर शाम कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से वार्ता करने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा। पूर्व सांसद ने फोन पर बताया कि पार्टी छोडने के बाद अब उनका कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।
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एक पखवारे से पूर्व सांसद राकेश सचान कांग्रेस में अपना भविष्य तलाशने को लेकर प्रयासरत थे। इस दौरान उन्होंने सपा के कार्यक्रमों से कटना भी शुरू कर दिया था। जिले में मतदाताओं में अच्छी पकड़ रखने वाले पूर्व सांसद राकेश सचान ने विधानसभावार अपने समर्थकों से बैठकें कर उनका मन टटोलने के बाद कांग्रेस में जाने का रुख किया। यह कानपुर की घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। पत्नी सीमा सचान जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। यहां जहानाबाद के बुढ़वा गांव में राकेश सचान का जन्म हुआ था और यहीं शिक्षा-दीक्षा भी
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हुई। वर्तमान में कानपुर के किदवई नगर में परिवार सहित रहते हैं। राकेश सचान सपा में 1995 में सपा में शामिल हुए थे। वर्ष 2009 में फतेहपुर से सांसद चुने गए थे। 2014 में भाजपा से चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने पूरा समय जिले के मतदाताओं के बीच दिया। इन्हें एक साल पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव ने प्रत्याशी घोषित कर दिया था। सपा-बसपा गठबंधन का प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनकी प्रत्याशिता खत्म हो गई थी। शनिवार देर शाम कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से वार्ता करने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा। पूर्व सांसद ने फोन पर बताया कि पार्टी छोडने के बाद अब उनका कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।
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