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गेहूं बुआई का आधा समय बीता, नहीं आई डीएपी
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:38 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। गेहूं बुआई का आधा समय बीतने के बाद भी इफ्को की डीएपी नहीं आई। पीसीएफ के गोदाम खाली पड़े हैं। आलू की बुआई में किसानों ने प्राइवेट दुकानों से डीएपी खरीदी है। गेहूं की बुआई में भी समितियों में डीएपी नहीं है। इसका फायदा प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। मनमाने दाम पर डीएपी बेच रहे हैं।
रबी की फसल में 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक गेहूं की बुआई का सही समय होता है। पीसीएफ में अभी तक डीएपी की एक भी रैक नहीं आई है। खरीफ फसल की बची हुई डीएपी आलू की बुआई में ही खत्म हो गई। साधन सहकारी समिति के महामंत्री नेकपाल सिंह ने बताया कि जिले की 10 समितियों में डीएपी है, जो बोरियों में जम गई है।
किसान जमी खाद नहीं खरीद रहे हैं। 60 समितियों में डीएपी नहीं है। सचिवों ने खाद का रुपया भी बैंक में जमा कर दिया है। खाद नहीं मिल रही है। डीएपी खरीदने वाले किसान सुबह होते ही समितियों पर पहुंच जाते हैं। खाद न मिलने पर प्राइवेट दुकान से खाद खरीदते हैं। किसान जयकरन सिंह ने बताया कि भिखारीपुर समिति में खाद नहीं मिली है।
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उसे प्राइवेट दुकान से डीएपी खरीदनी पड़ी। दुकानदार ने समिति से 100 रुपये मंहगी खाद दी है। इफ्को क्षेत्राधिकारी अतर सिंह यादव ने बताया कि डीएपी, यूरिया की डिमांड भेजी गई है। पहले डीएपी की रैक आएगी। फिर यूरिया आएगी। पीसीएफ प्रबंधक रफीक सिद्दीकी ने बताया कि अगले सप्ताह डीएपी आ जाएगी। जिन समितियों का रुपया जमा है। उनको रैक प्वाइंट से खाद भेज दी जाएगी।
गेहूं बुआई का आधा समय बीता, नहीं आई डीएपी
सहकारी समितियों में किसानों को नहीं मिल रही खाद
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फतेहपुर। गेहूं बुआई का आधा समय बीतने के बाद भी इफ्को की डीएपी नहीं आई। पीसीएफ के गोदाम खाली पड़े हैं। आलू की बुआई में किसानों ने प्राइवेट दुकानों से डीएपी खरीदी है। गेहूं की बुआई में भी समितियों में डीएपी नहीं है। इसका फायदा प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। मनमाने दाम पर डीएपी बेच रहे हैं।
रबी की फसल में 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक गेहूं की बुआई का सही समय होता है। पीसीएफ में अभी तक डीएपी की एक भी रैक नहीं आई है। खरीफ फसल की बची हुई डीएपी आलू की बुआई में ही खत्म हो गई। साधन सहकारी समिति के महामंत्री नेकपाल सिंह ने बताया कि जिले की 10 समितियों में डीएपी है, जो बोरियों में जम गई है।
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किसान जमी खाद नहीं खरीद रहे हैं। 60 समितियों में डीएपी नहीं है। सचिवों ने खाद का रुपया भी बैंक में जमा कर दिया है। खाद नहीं मिल रही है। डीएपी खरीदने वाले किसान सुबह होते ही समितियों पर पहुंच जाते हैं। खाद न मिलने पर प्राइवेट दुकान से खाद खरीदते हैं। किसान जयकरन सिंह ने बताया कि भिखारीपुर समिति में खाद नहीं मिली है।
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उसे प्राइवेट दुकान से डीएपी खरीदनी पड़ी। दुकानदार ने समिति से 100 रुपये मंहगी खाद दी है। इफ्को क्षेत्राधिकारी अतर सिंह यादव ने बताया कि डीएपी, यूरिया की डिमांड भेजी गई है। पहले डीएपी की रैक आएगी। फिर यूरिया आएगी। पीसीएफ प्रबंधक रफीक सिद्दीकी ने बताया कि अगले सप्ताह डीएपी आ जाएगी। जिन समितियों का रुपया जमा है। उनको रैक प्वाइंट से खाद भेज दी जाएगी।
गेहूं बुआई का आधा समय बीता, नहीं आई डीएपी
सहकारी समितियों में किसानों को नहीं मिल रही खाद