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नए शैक्षिक सत्र से बिगड़ गई व्यवस्था
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 05 Apr 2015 12:02 AM IST
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शिक्षक विधायक ने मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच कर शिक्षकों से मुलाकात की।
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इस दौरान उन्होंने बताया कि शिक्षकों की मांगों को लेकर तीन दिवसीय
मूल्यांकन बहिष्कार आंदोलन को सफलता मिली है। सरकार ने कई मांगों को पूरा
करने का आश्वासन दिया है। इस बार नया शैक्षिक सत्र अप्रैल से शुरू किए
जाने से शिक्षा की व्यवस्था बिगड़ गई है। शिक्षक मूल्यांकन में लगे हैं। इस
कारण प्रवेश प्रक्रिया अभी तक कहीं प्रारंभ नहीं हो पाई है।
शनिवार को जिले में आए शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने संगठन के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, महामंत्री नरेन्द्र सिंह सोलंकी व अन्य शिक्षकों के साथ मूल्यांकन केंद्र केआर रस्तोगी इंटर कालेज पहुंच कर शिक्षकों से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षकों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ पर पहुंचे। यहां प्रत्येक कक्ष में पहुंच कर
कापियां जांच रहे शिक्षकों से मुलाकात की। यहां प्रधानाचार्य कक्ष में पत्रकारों से कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मूल्यांकन बहिष्कार को सफलता मिली है। प्रदेश सरकार ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू किए जाने को गलत ठहराया। कहा कि एक अप्रैल से स्कूलों में दाखिले होने थे। शिक्षकों की
मूल्यांकन में ड्यूटी लगने के कारण प्रवेश प्रक्रिया लटक गई है। इससे नया सत्र शुरू करने की प्रदेश सरकार की योजना फेल हो गई। संगठन भी इसका विरोध करता है। पूर्व के शैक्षिक सत्र को ही लागू किए जाने की सरकार से मांग की गई है।
इस दौरान अनिल सिंह, नवल कांत अग्निहोत्री, प्रदीप जायसवाल, प्रवीन, जितेन्द्र, सर्वेश यादव समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
शनिवार को जिले में आए शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने संगठन के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, महामंत्री नरेन्द्र सिंह सोलंकी व अन्य शिक्षकों के साथ मूल्यांकन केंद्र केआर रस्तोगी इंटर कालेज पहुंच कर शिक्षकों से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षकों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ पर पहुंचे। यहां प्रत्येक कक्ष में पहुंच कर
कापियां जांच रहे शिक्षकों से मुलाकात की। यहां प्रधानाचार्य कक्ष में पत्रकारों से कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मूल्यांकन बहिष्कार को सफलता मिली है। प्रदेश सरकार ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू किए जाने को गलत ठहराया। कहा कि एक अप्रैल से स्कूलों में दाखिले होने थे। शिक्षकों की
मूल्यांकन में ड्यूटी लगने के कारण प्रवेश प्रक्रिया लटक गई है। इससे नया सत्र शुरू करने की प्रदेश सरकार की योजना फेल हो गई। संगठन भी इसका विरोध करता है। पूर्व के शैक्षिक सत्र को ही लागू किए जाने की सरकार से मांग की गई है।
इस दौरान अनिल सिंह, नवल कांत अग्निहोत्री, प्रदीप जायसवाल, प्रवीन, जितेन्द्र, सर्वेश यादव समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।