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Hindi News ›   India News ›   India-Belgium Relations Prime Minister Bart De Wever meets PM Modi discussions issues, including trade defense

भारत-बेल्जियम संबंध: पीएम मोदी से मिले प्रधानमंत्री वेवर; जोरावर टैंक, क्लीन एनर्जी समेत इन मुद्दों पर मंथन

Thu, 03 Sep 2026 12:48 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 03 Sep 2026 12:48 PM IST
सार

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत के दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और कनेक्टिविटी में सहयोग बढ़ाने पर जोर है। वहीं, दो दशक बाद बेल्जियम के किसी प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है।

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India-Belgium Relations Prime Minister Bart De Wever meets PM Modi discussions issues, including trade defense
पीएम मोदी से मिले प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत, यूरोपीय संघ और यूरोप के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात राजधानी स्थित हैदराबाद हाउस में हुई। 

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इससे पहले, प्रधानमंत्री डी वेवर ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वहां पुष्पांजलि अर्पित की और फूल चढ़ाए। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने राजघाट पर विजिटर्स बुक में भी हस्ताक्षर किए।

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प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध सहयोग के पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गए हैं। उन्होंने जोरावर टैंक और आंध्र प्रदेश में एक बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट पर सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ संयुक्त बयान देते हुए यह बात कही।

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पीएम मोदी ने कहा, 'आज हमारे सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गया है। हम जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम कर रहे हैं। हम आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को भी विकसित कर रहे हैं।'

प्रथम विश्व युद्ध का जिक्र क्यों किया? 
उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों के ऐतिहासिक महत्व पर भी जोर दिया और कहा, 'भारत और बेल्जियम के संबंध इतिहास में गहराई से जुड़े हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा यादों का एक अहम हिस्सा है। आज, लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।' 

भारत और ईयू एफटीए को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा? 
भारत और ईयू के बीच हुए एफटीए की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने निवेश के लिए एक 'फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म' बनाया है। उन्होंने कहा, 'इस साल की शुरुआत में, हमने भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया।

यह दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को और मजबूत करेगा। भारत की लगातार आर्थिक प्रगति और इस समझौते ने हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। आज, हमने इन संभावनाओं को ठोस नतीजों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

भारत और बेल्जियम व्यापार पर क्या बोले पीएम? 
हमने 'भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम' को एक नियमित व्यवस्था बनाने का फैसला किया है। हम दोनों देशों के वित्तीय, फिनटेक और नियामक संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाएंगे और इन उपायों के जरिए अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल करेंगे।'

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
उन्होंने कहा, 'आज हमने अपने स्टार्टअप्स के बीच संबंध मजबूत करने और समुद्री क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर सहमति जताई। हम यूनिवर्सिटी और रिसर्च के क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करेंगे। जल्द ही प्रतिभाओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर करेंगे। आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत और बेल्जियम दोनों ही कानून के शासन, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं।'

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने क्या कहा? 
वहीं, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने कहा, 'पिछले 20 वर्षों में पहले बेल्जियम के प्रधानमंत्री के रूप में यहां उपस्थित होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह बहुत लंबा समय है। यह वाकई बहुत लंबा समय है। इन 20 वर्षों में भारत में बहुत बड़ा बदलाव आया है। निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के दौरान। आज आप न केवल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, बल्कि सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी हैं। यह एक आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति और एक प्रमुख भू-राजनीतिक शक्ति बन गया है जिसकी आवाज इस क्षेत्र से कहीं आगे तक सुनाई देती है।'

उन्होंने आगे कहा,' बेल्जियम के लिए, भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार बनता जा रहा है। मेरा मानना है कि बदले में मेरा देश भी भारत को बहुत कुछ दे सकता है। हम आकार में थोड़े छोटे हैं, लेकिन हम दुनिया की सबसे खुली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। हमने व्यापार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के बल पर अपनी समृद्धि का निर्माण किया है।

हमने फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स में विश्व स्तरीय विशेषज्ञता विकसित की है। जिन सभी विषयों पर हमने चर्चा की, वे एक-दूसरे के साथ सहयोग और विकास के विषय हैं।'

बेल्जियम के प्रधानमंत्री कब तक भारत के दौरे पर हैं? 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर डी वेवर 4 सितंबर तक भारत के दौरे पर हैं। इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करना तथा व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है।

दोनों देश के बीच कब हुए थे समझौता?  
यह दौरा भारत और बेल्जियम के रिश्तों में आई तेजी के बीच हो रहा है। इससे पहले मार्च 2025 में प्रिंसेस एस्ट्रिड की अगुवाई में बेल्जियम का एक आर्थिक मिशन भारत आया था, जिसमें कंपनियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, एकेडेमिया और सरकारी संस्थानों के 338 लोगों ने हिस्सा लिया था और 38 समझौते (MoU) हुए थे।

इस दौरा से क्या उम्मीद है? 
डी वेवर के दौरे के दौरान बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री और बेल्जियम के रक्षा उद्योगों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से भारत और बेल्जियम के रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने का मौका मिलने की उम्मीद है।

उम्मीद है कि डी वेवर का दौरा द्विपक्षीय संबंधों में हाल ही में आई तेजी को और आगे बढ़ाएगा और भारत-बेल्जियम सहयोग को आगे बढ़ाने का मौका देगा।  साथ ही भारत-ईयू और भारत-यूरोप संबंधों को मजबूत करने में बेल्जियम की भूमिका को और गहरा करेगा। 

 

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