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डीएम से फरियाद भी बेकार, चकरोड पर कब्जा बरकरार
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कायमगंज तहसील में समस्याएं सुनते एसडीएम व सीओ। अमर उजाला
- फोटो : FARRUKHABAD
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सदर तहसील में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें शिकायत कर्ताओं की शिकायतें सुनीं गई। एक शिकायतकर्ता ने कहा कि वह बार आ चुके हैं। उन्होंने दो बार जिलाधिकारी से अपनी फरियाद की। उन्होंने आदेश भी दिए, लेकिन अभी तक चकरोड को कब्जा बरकरार है। अब वह फिर से फरियाद कर रहे हैं।
सदर तहसील में एडीएम विवेक कुमार श्रीवास्तव, एएसपी त्रिभुवन सिंह, एसडीएम सदर अनिल कुमार, तहसीलदार राजू कुमार और सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव झसी निवासी बरजोर सिंह ने शिकायत की। कहा कि उनके खेत को जाने वाले चकरोड पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। दो बार समाधान दिवस में जिलाधिकारी को पत्र दे चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका निस्तारण नहीं कराया गया।
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चकरोड न होने की वजह से उन्हें अपने खेत तक जाने और आने में खासी दिक्कतें होेती हैं। इस दौरान 184 शिकायतें आईं। इनमें से मात्र 16 का ही निस्तारण किया जा सका।
मनमानी से परेशान किसान के साथ पहुंचे भाकियू नेताओं ने लेखपाल को तहसील के कमरे में बंधक बना लिया। नेताओं ने कहा कि लेखपाल और पुलिस की मनमानी से बैनामा कराई जमीन पर भी कब्जा नहीं मिल पा रहा है।
लेखपाल ने बुधवार तक की मोहलत मांगी। इस पर भाकियू नेता मान गए। चेतावनी दी कि किसान को कब्जा नहीं मिला, तो भाकियू उग्र आंदोलन करेगी।
सदर तहसील के गांव महमदपुर तराई निवासी मुनेश उर्फ मुकेश ने गांव में ही जमीन का बैनामा कराया था। उस पर कुछ लोगों का कब्जा है। उनके पुत्रों ने कब्जा करने का प्रयास किया, तो क्षेत्रीय लेखपाल ने जमीन की पैमाइश नहीं की।
इससे खफा भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्र, जिला प्रभारी हरिओम अग्निहोत्री, महिला जिला प्रभारी विट्टो अवस्थी, तारा देवी, गुड्डू यादव, बाबू सिंह आदि कार्यकर्ताओं को लेखपाल को तहसील के कमरे में बंधक बना लिया।
भाकियू नेताओं ने कहा कि लेेखपाल लोगों से मिले हुए हैं। इसीलिए पीड़ित की जमीन कब्जा मुक्त नहीं हो पा रही है। मंडल उपाध्यक्ष के साथ करीब दो घंटे तक कागजों की पड़ताल के बाद लेखपाल ने आश्वासन दिया कि वह बुधवार को गांव में आकर मामला हल कराने का प्रयास करेंगे। इस पर भाकियू नेता मान गए। हरिओम अग्निहोत्री ने कहा कि मुश्किल से लेखपाल मिले हैं। बहुत परेशान करते हैं। अब आरपार की लड़ाई होगी।
। एसडीएम अमित आसेरी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस हुआ। इसमें 107 फरियादियों में महज छह को मौके पर न्याय मिला। एसडीएम व सीओ अवनीश कुमार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
गांव हरियालपुर निवासी ब्रजकिशोर ने शिकायत की कि पांच दिन पूर्व उनके बच्चों व पड़ोसी के बच्चों में विवाद हो गया था। इसमें शिकायत पर कुआं खेड़ा चौकी पर तैनात एक सिपाही ने मामला निपटाने के 50 हजार रुपये मांगे और 10 हजार रुपये ले भी लिए।
गांव अठसैनी निवासी महावीर ने कहा कि उनकी पट्टे की भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। कंपिल नगला तरी निवासी रूम सिंह ने खेत की पैमाइश कराने की मांग की।
गांव सिकंदरपुर खास निवासी गिरीश चंद्र ने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना से अपात्र घोषित कर दिया है। नगर के मोहल्ला सदवाड़ा निवासी सीमा देवी ने कहा कि वह आवास के लिए पात्र हैं, उन्हें सर्वे के बावजूद आवास नहीं मिला जबकि अपात्रों को आवास मिल गए हैं।
गांव सिलसंडा निवासी राजेंद्र ने कहा कि उनके गांव के कुछ दबंगों की मदद से उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर तहसीलदार भूपाल सिंह, बीडीओ श्रीप्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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सदर तहसील में एडीएम विवेक कुमार श्रीवास्तव, एएसपी त्रिभुवन सिंह, एसडीएम सदर अनिल कुमार, तहसीलदार राजू कुमार और सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं।
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जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव झसी निवासी बरजोर सिंह ने शिकायत की। कहा कि उनके खेत को जाने वाले चकरोड पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। दो बार समाधान दिवस में जिलाधिकारी को पत्र दे चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका निस्तारण नहीं कराया गया।
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चकरोड न होने की वजह से उन्हें अपने खेत तक जाने और आने में खासी दिक्कतें होेती हैं। इस दौरान 184 शिकायतें आईं। इनमें से मात्र 16 का ही निस्तारण किया जा सका।
मनमानी से परेशान किसान के साथ पहुंचे भाकियू नेताओं ने लेखपाल को तहसील के कमरे में बंधक बना लिया। नेताओं ने कहा कि लेखपाल और पुलिस की मनमानी से बैनामा कराई जमीन पर भी कब्जा नहीं मिल पा रहा है।
लेखपाल ने बुधवार तक की मोहलत मांगी। इस पर भाकियू नेता मान गए। चेतावनी दी कि किसान को कब्जा नहीं मिला, तो भाकियू उग्र आंदोलन करेगी।
सदर तहसील के गांव महमदपुर तराई निवासी मुनेश उर्फ मुकेश ने गांव में ही जमीन का बैनामा कराया था। उस पर कुछ लोगों का कब्जा है। उनके पुत्रों ने कब्जा करने का प्रयास किया, तो क्षेत्रीय लेखपाल ने जमीन की पैमाइश नहीं की।
इससे खफा भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्र, जिला प्रभारी हरिओम अग्निहोत्री, महिला जिला प्रभारी विट्टो अवस्थी, तारा देवी, गुड्डू यादव, बाबू सिंह आदि कार्यकर्ताओं को लेखपाल को तहसील के कमरे में बंधक बना लिया।
भाकियू नेताओं ने कहा कि लेेखपाल लोगों से मिले हुए हैं। इसीलिए पीड़ित की जमीन कब्जा मुक्त नहीं हो पा रही है। मंडल उपाध्यक्ष के साथ करीब दो घंटे तक कागजों की पड़ताल के बाद लेखपाल ने आश्वासन दिया कि वह बुधवार को गांव में आकर मामला हल कराने का प्रयास करेंगे। इस पर भाकियू नेता मान गए। हरिओम अग्निहोत्री ने कहा कि मुश्किल से लेखपाल मिले हैं। बहुत परेशान करते हैं। अब आरपार की लड़ाई होगी।
। एसडीएम अमित आसेरी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस हुआ। इसमें 107 फरियादियों में महज छह को मौके पर न्याय मिला। एसडीएम व सीओ अवनीश कुमार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
गांव हरियालपुर निवासी ब्रजकिशोर ने शिकायत की कि पांच दिन पूर्व उनके बच्चों व पड़ोसी के बच्चों में विवाद हो गया था। इसमें शिकायत पर कुआं खेड़ा चौकी पर तैनात एक सिपाही ने मामला निपटाने के 50 हजार रुपये मांगे और 10 हजार रुपये ले भी लिए।
गांव अठसैनी निवासी महावीर ने कहा कि उनकी पट्टे की भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। कंपिल नगला तरी निवासी रूम सिंह ने खेत की पैमाइश कराने की मांग की।
गांव सिकंदरपुर खास निवासी गिरीश चंद्र ने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना से अपात्र घोषित कर दिया है। नगर के मोहल्ला सदवाड़ा निवासी सीमा देवी ने कहा कि वह आवास के लिए पात्र हैं, उन्हें सर्वे के बावजूद आवास नहीं मिला जबकि अपात्रों को आवास मिल गए हैं।
गांव सिलसंडा निवासी राजेंद्र ने कहा कि उनके गांव के कुछ दबंगों की मदद से उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर तहसीलदार भूपाल सिंह, बीडीओ श्रीप्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।