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नहाते समय गंगा में डूबा चालक
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लोडर चालक नहाते समय गंगा में डूबा
फर्रुखाबाद। गंगा में नहाते वक्त लोडर चालक डूब गया। पास में ही मौजूद संतों ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया। पुलिस ने गोताखोरों से कई घंटे खोजबीन कराई, कुछ पता नहीं चल सका। गंगा में बहाव तेज होने की वजह से गोताखोरों को दिक्कत आई।
शाहजहांपुर जिले के रोजा निवासी सुनील (47) की पुत्री देवी का विवाह मऊदरवाजा थाने के गांव गंगोली में हुआ है। उसकी ननद शिवानी की शनिवार को बरात आनी है। उसी में शामिल होने सुनील यहां आया था। वह दुर्वाषा ऋषि आश्रम में भी आता रहता था।
शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसने आश्रम के पास लोडर खड़ा किया और गंगा में स्नान करने चला गया। कुछ दूरी पर आश्रम के संत भी नहा रहे थे। जैसे ही सुनील ने गंगा में डुबकी लगाई, तो वह काफी देर तक बाहर नहीं आया। इस पर संतों ने शोर मचा कर आसपास के लोगों को बुला लिया। चौकी प्रभारी हरिओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि कई घंटे प्रयास के बाद भी पता नहीं चला।
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सुनील तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़े अवधेश और उससे छोटे महेश हैं। महेश शहर के मोहल्ला बालाजीपुरम में रहकर ट्रैक्टर चलाते हैं। वह 15 जुलाई को घर से यहां आया था। अनिल और अरुण दो पुत्र हैं। मां रामवती और पत्नी मोनी रो-रो कर बेहाल हो गईं। परिजन भी गंगा तट पर पहुंच गए।
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फर्रुखाबाद। गंगा में नहाते वक्त लोडर चालक डूब गया। पास में ही मौजूद संतों ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया। पुलिस ने गोताखोरों से कई घंटे खोजबीन कराई, कुछ पता नहीं चल सका। गंगा में बहाव तेज होने की वजह से गोताखोरों को दिक्कत आई।
शाहजहांपुर जिले के रोजा निवासी सुनील (47) की पुत्री देवी का विवाह मऊदरवाजा थाने के गांव गंगोली में हुआ है। उसकी ननद शिवानी की शनिवार को बरात आनी है। उसी में शामिल होने सुनील यहां आया था। वह दुर्वाषा ऋषि आश्रम में भी आता रहता था।
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शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसने आश्रम के पास लोडर खड़ा किया और गंगा में स्नान करने चला गया। कुछ दूरी पर आश्रम के संत भी नहा रहे थे। जैसे ही सुनील ने गंगा में डुबकी लगाई, तो वह काफी देर तक बाहर नहीं आया। इस पर संतों ने शोर मचा कर आसपास के लोगों को बुला लिया। चौकी प्रभारी हरिओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि कई घंटे प्रयास के बाद भी पता नहीं चला।
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सुनील तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़े अवधेश और उससे छोटे महेश हैं। महेश शहर के मोहल्ला बालाजीपुरम में रहकर ट्रैक्टर चलाते हैं। वह 15 जुलाई को घर से यहां आया था। अनिल और अरुण दो पुत्र हैं। मां रामवती और पत्नी मोनी रो-रो कर बेहाल हो गईं। परिजन भी गंगा तट पर पहुंच गए।