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Farrukhabad News: फर्जी प्रपत्रों से बैंक लोन कराने वाले गिरोह के चार शातिर पकड़े
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फर्रुखाबाद। फर्जी प्रपत्रों से बैंक लोन कराने वाले गिरोह के चार शातिरों को पुलिस व एसओजी ने पकड़ लिया है। इनके पास से कार व उसके अंदर रखे कई फर्जी प्रपत्र व रजिस्टर पुलिस ने बरामद कर लिए। पुलिस की टीमें पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही है।
फतेहगढ़ स्थित कैंट एरिया के स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक यश अनामी ने सोमवार को कोतवाली में फर्जीवाड़े के संबंध में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि सात फरवरी को संदीप कुमार नाम का युवक बैंक में आया। संदीप ने बताया कि वह रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर फर्रुखाबाद में कार्यरत है। उसकी बहन की शादी है और 15 लाख रुपये का लोन लेना है। यश अनामी ने संदीप से पूछा कि किसी को जानते हो। संदीप ने बताया स्टेट बैंक शाखा फतेहगढ़ में क्रेडिट कार्ड अनुभाग में कार्यरत राज चौधरी व अमन पाल को जानता है। उन्होंने ही यहां लोन के लिए भेजा है।
संदीप ने रेलवे का आईकार्ड, वेतन स्लिप, आधार कार्ड व पैन कार्ड सहित सभी दस्तावेज दिए। उनका मिलान करने के बाद 15 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर उसके खाते में डाल दिया गया। प्रबंधक यश अनामी ने कुछ दिन बाद संदीप के नंबर पर संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद पर जानकारी की तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति रेलवे में यहां नौकरी नहीं करता है। संदीप के खाते की जांच की गई तो पता चला कि 22 जून 2022 को स्टेट बैंक फतेहगढ़ में खाता खुलवाया और बाद मेें कैंट शाखा में खाता स्थानांतरित करवा लिया। इसके बाद खाता स्टेट बैंक दिल्ली, कन्नौज में कराने के बाद फिर से कैंट शाखा में स्थानांतरित कराया। इसकी जानकारी स्टेट बैंक की अन्य शाखाओं में भी दे दी। सोमवार को संदीप एक महिला के साथ स्टेट बैंक फतेहगढ़ में लोन कराने के लिए पहुंचा। बैंक मैनेजर दीपक ने कैंट शाखा के मैनेजर यश अनामी को सूचना दे दी।
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उन्होंने मौके पर आकर संदीप की पहचान कर ली और एएसपी डॉ. संजय कुमार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। एएसपी के आदेश पर एसओजी प्रभारी अशोक कुमार, कोतवाल सचिन कुमार सिंह ने संदीप, गीता, बंटी सहित चार लोगों को पकड़ लिया। इनके पास से एक कार व फर्जी दस्तावेज बरामद कर लिए। पुलिस की टीम पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही है।
एटीएम से कई जिलों में निकाले रुपये
संदीप ने एटीएम से जनपद कन्नौज, लखनऊ,कानपुर, बनारस से कई बार में रुपये की निकासी की। इनके पास से बरामद दस्तावेज का पुलिस की टीम अन्य स्थानों पर पता करके मिलान कराने में जुटी हुुई है।
महिला बोली, चार दिन पहले मिलेेे थे ये लोग
गिरोह के साथ पकड़ी गई गीता ने बताया कि उसका असली नाम राधा है। उसके पति रेलवे में कमालगंज स्टेशन पर काम करते थे। उनकी मौत हो चुकी है। उसको पता चला कि मृतक आश्रित में नौकरी मिल जाएगी। चार दिन पहले कमालगंज स्टेशन पर गई थी। वहां सुमित नाम का युवक मिला और उसने इन लोगों से मिलवाया। ये लोग चार दिन से उसको अपने साथ लेकर इधर-उधर घूम रहे हैं। पुलिस इन तथ्यों की जांच कर रही है।
फर्जी प्रपत्रों से लोन कराने के मामले में महिला सहित चार लोग पकड़े गए हैं। बैंक मैनेजर यश ने तहरीर दी है। पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
सचिन कुमार सिंह कोतवाल फतेहगढ़
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फतेहगढ़ स्थित कैंट एरिया के स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक यश अनामी ने सोमवार को कोतवाली में फर्जीवाड़े के संबंध में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि सात फरवरी को संदीप कुमार नाम का युवक बैंक में आया। संदीप ने बताया कि वह रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर फर्रुखाबाद में कार्यरत है। उसकी बहन की शादी है और 15 लाख रुपये का लोन लेना है। यश अनामी ने संदीप से पूछा कि किसी को जानते हो। संदीप ने बताया स्टेट बैंक शाखा फतेहगढ़ में क्रेडिट कार्ड अनुभाग में कार्यरत राज चौधरी व अमन पाल को जानता है। उन्होंने ही यहां लोन के लिए भेजा है।
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संदीप ने रेलवे का आईकार्ड, वेतन स्लिप, आधार कार्ड व पैन कार्ड सहित सभी दस्तावेज दिए। उनका मिलान करने के बाद 15 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर उसके खाते में डाल दिया गया। प्रबंधक यश अनामी ने कुछ दिन बाद संदीप के नंबर पर संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद पर जानकारी की तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति रेलवे में यहां नौकरी नहीं करता है। संदीप के खाते की जांच की गई तो पता चला कि 22 जून 2022 को स्टेट बैंक फतेहगढ़ में खाता खुलवाया और बाद मेें कैंट शाखा में खाता स्थानांतरित करवा लिया। इसके बाद खाता स्टेट बैंक दिल्ली, कन्नौज में कराने के बाद फिर से कैंट शाखा में स्थानांतरित कराया। इसकी जानकारी स्टेट बैंक की अन्य शाखाओं में भी दे दी। सोमवार को संदीप एक महिला के साथ स्टेट बैंक फतेहगढ़ में लोन कराने के लिए पहुंचा। बैंक मैनेजर दीपक ने कैंट शाखा के मैनेजर यश अनामी को सूचना दे दी।
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उन्होंने मौके पर आकर संदीप की पहचान कर ली और एएसपी डॉ. संजय कुमार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। एएसपी के आदेश पर एसओजी प्रभारी अशोक कुमार, कोतवाल सचिन कुमार सिंह ने संदीप, गीता, बंटी सहित चार लोगों को पकड़ लिया। इनके पास से एक कार व फर्जी दस्तावेज बरामद कर लिए। पुलिस की टीम पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही है।
एटीएम से कई जिलों में निकाले रुपये
संदीप ने एटीएम से जनपद कन्नौज, लखनऊ,कानपुर, बनारस से कई बार में रुपये की निकासी की। इनके पास से बरामद दस्तावेज का पुलिस की टीम अन्य स्थानों पर पता करके मिलान कराने में जुटी हुुई है।
महिला बोली, चार दिन पहले मिलेेे थे ये लोग
गिरोह के साथ पकड़ी गई गीता ने बताया कि उसका असली नाम राधा है। उसके पति रेलवे में कमालगंज स्टेशन पर काम करते थे। उनकी मौत हो चुकी है। उसको पता चला कि मृतक आश्रित में नौकरी मिल जाएगी। चार दिन पहले कमालगंज स्टेशन पर गई थी। वहां सुमित नाम का युवक मिला और उसने इन लोगों से मिलवाया। ये लोग चार दिन से उसको अपने साथ लेकर इधर-उधर घूम रहे हैं। पुलिस इन तथ्यों की जांच कर रही है।
फर्जी प्रपत्रों से लोन कराने के मामले में महिला सहित चार लोग पकड़े गए हैं। बैंक मैनेजर यश ने तहरीर दी है। पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
सचिन कुमार सिंह कोतवाल फतेहगढ़