फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Fears of drought ! Reports in the form of crop losses

सूखे का अंदेशा ! फसलों में नुकसान की बनेगी रिपोर्ट

Wed, 03 Jun 2015 11:02 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Wed, 03 Jun 2015 11:02 PM IST
विज्ञापन
Fears of drought ! Reports in the form of crop losses
शासन ने सूखे का अंदेशा जताया है। जिले से सूखा से निपटने को कार्ययोजना
विज्ञापन
मांग ली गई है। 30 जून से 31 जुलाई तक चार बार खरीफ की फसलों में नुकसान की रिपोर्ट तलब की गई है। इसके साथ ही सरकारी महकमों को आपदा से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। रबी की फसल में बरसात से 36 हजार के करीब किसान प्रभावित हुए थे।

रबी की फसल में बेमौसम बरसात से तबाह किसानों के आंसू पुछ नहीं पाए थे कि सूखा के हालात बनते दिख रहे हैं। जिले में 63425 हेक्टेयर में खरीफ और जायद की फसल होती है। इसमें मक्का, उर्द, मूंग, घुइया, ज्वार, अरहर, मूंगफली, मेंथा, तिल, तरबूज, खरबूजा की फसल शामिल है। पारा इन दिनों 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। लू चल रही है। इससे फसलें सिंचाई के पांचवें दिन ही पानी मांगने लगती हैं। डीजल से सिंचाई खासी महंगी पड़ रही है। बिजली की कटौती

से किसानों को नलूकप का फायदा नहीं मिल पा रहा है। नहरों का पानी टेल तक न पहुंचने से भी किसान परेशान हैं। इससे फसलें सूख रही हैं। एल नीनो के प्रभाव के चलते इस बार कम बरसात होने का अनुमान है। शासन के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा ने सूखा से निपटने की कार्ययोजना बनाने का फरमान जारी कर दिया है। खरीफ की फसलों में नुकसान की रिपोर्ट

30 जून, 10 जुलाई, 25 जुलाई व 31 जुलाई को मांगी गई है। पेयजल, बिजली व स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट 31 अगस्त तक प्रत्येक सोमवार को राहत आयुक्त की वेबसाइट पर लोड क रने के निर्देश दिए गए हैं।

इन विभागों को मिली जिम्मेदारी
पंचायती राज विभाग/ ग्राम्य विकास विभाग
-पेयजल के सभी स्रोतों/ संसाधनों की मरम्मत।
- खराब नलकूपों को ठीक करना।

- तालाबों को पानी से भरवाना।
- खेतिहर मजदूरों व अन्य मजदूरों के लिए रोजगार के इंतजाम।

बिजली विभाग
- खराब ट्रांसफार्मरों को बदलना।
- रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति।

सिंचाई विभाग
- नहरों में रोस्टर के हिसाब से पानी की आपूर्ति।
- नहरों के अवैध कटान पर निगरानी।

 स्वास्थ्य विभाग
- लू, संक्रामक रोगों व महामारियों से बचाने के लिए व्यवस्था।  
- दवाइयों का स्टाक व स्टाफ की व्यवस्था।

 पशुधन विभाग
- पशुओं के लिए चारे की समस्या से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाना।
- पशु चिकित्सालयों में पशुओं के लिए दवाइयों व संसाधनों को जुटाना।
- महामारी के नियंत्रण के लिए दवाइयों का चिन्हांकन।

खाद्य एवं रसद विभाग
- आवश्यक खाद्यान्न एवं उपभोक्ता वस्तुओं के लिए कार्ययोजना।
- कुपोषण से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाना।

कृषि विभाग
- वैकल्पिक फसलों के लिए खाद एवं बीज की व्यवस्था।
- फसलों को रोगों से बचाने केे लिए कीटनाशक दवाइयों की व्यवस्था।
 
पांचवें दिन सिंचाई की जरूरत
कृषि विशेषज्ञ अतर सिंह यादव का कहना है कि इन दिनों लू चल रही है। फसलें सिंचाई के पांचवें दिन पानी मांगने लगती हैं। फ सलों को पानी न मिलने से पैदावार प्रभावित होने की नौबत बन जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed