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आलू के खेतों पर आफत की बारिश
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कमालगंज क्षेत्र में आलू की फसल में भरा बारिश का पानी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। रविवार और सोमवार को हुई बारिश आलू किसानों पर आफत बनकर बरसी है। अगैती आलू के ज्यादातर खेतों में बीज सड़ने की आशंका है। पिछले एक सप्ताह में ज्यादातर अगैती आलू की बुवाई हुई है। बीज सड़ने से किसानों को बड़ा नुकसान होगा।
आलू जिले की मुख्य फसल है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से कच्ची आलू (अगैती) की बुवाई किसानों ने शुरू कर दी थी। करीब 10 हजार हेक्टेयर में कच्ची आलू की बुवाई हो चुकी है। अभी तक ज्यादातर बीज में अंकुर भी नहीं निकला है। रविवार और सोमवार को झमाझम बारिश होने से आलू के खेतों में पानी भर गया है।
इससे आलू का बीज सड़ने की आशंका है। जिन खेतों में ज्यादा पानी भरा है समें बीज अंकुरित होना बहुत ही मुश्किल है। इससे किसान परेशान हैं। इसके अलावा सरसों, धान और हरी सब्जी की फसलों को भी बारिश से नुकसान की आशंका है।
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गांव बझेरा मालिकपट्टी के किसान बृजनंदन सिंह ने बताया कि आलू के खेत में दो दिन पानी भरा रहा तो गला रोग लग जाएगा। इससे कुड़ी में ही बीज सड़ जाता है और अंकुर नहीं फूटते। सिंधौली के किसान प्रदीप सिंह ने कहा कि धान की काफी कटी फसल खेत में पड़ी है। खेत में पानी भरने से धान में दीमक लगने की आशंका है। नमी के कारण बालियों में अंकुर फूटने लगेंगे।
जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह ने कहा कि जिन खेतों में आलू व सरसों के बीज का जमाव अच्छी तरह हो चुका है, वह फसलें बच जाएंगी। चार-पांच दिन पहले तक बोयी गई आलू व सरसों की फसलों व हरी सब्जी की फसलों को बारिश से नुकसान होगा।
भंडारित आलू का भाव बढ़ने की संभावना
जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर आलू की कच्ची फसल बोयी जा चुकी है। बारिश होने से ज्यादातर बीज खेत में ही सड़ जाएगा। इससे किसान को भारी नुकसान की आशंका है। उन्होंने बताया कि अब शीतगृहों में भंडारित आलू का भाव बढ़ने की भी पूरी संभावना है।
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आलू जिले की मुख्य फसल है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से कच्ची आलू (अगैती) की बुवाई किसानों ने शुरू कर दी थी। करीब 10 हजार हेक्टेयर में कच्ची आलू की बुवाई हो चुकी है। अभी तक ज्यादातर बीज में अंकुर भी नहीं निकला है। रविवार और सोमवार को झमाझम बारिश होने से आलू के खेतों में पानी भर गया है।
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इससे आलू का बीज सड़ने की आशंका है। जिन खेतों में ज्यादा पानी भरा है समें बीज अंकुरित होना बहुत ही मुश्किल है। इससे किसान परेशान हैं। इसके अलावा सरसों, धान और हरी सब्जी की फसलों को भी बारिश से नुकसान की आशंका है।
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गांव बझेरा मालिकपट्टी के किसान बृजनंदन सिंह ने बताया कि आलू के खेत में दो दिन पानी भरा रहा तो गला रोग लग जाएगा। इससे कुड़ी में ही बीज सड़ जाता है और अंकुर नहीं फूटते। सिंधौली के किसान प्रदीप सिंह ने कहा कि धान की काफी कटी फसल खेत में पड़ी है। खेत में पानी भरने से धान में दीमक लगने की आशंका है। नमी के कारण बालियों में अंकुर फूटने लगेंगे।
जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह ने कहा कि जिन खेतों में आलू व सरसों के बीज का जमाव अच्छी तरह हो चुका है, वह फसलें बच जाएंगी। चार-पांच दिन पहले तक बोयी गई आलू व सरसों की फसलों व हरी सब्जी की फसलों को बारिश से नुकसान होगा।
भंडारित आलू का भाव बढ़ने की संभावना
जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर आलू की कच्ची फसल बोयी जा चुकी है। बारिश होने से ज्यादातर बीज खेत में ही सड़ जाएगा। इससे किसान को भारी नुकसान की आशंका है। उन्होंने बताया कि अब शीतगृहों में भंडारित आलू का भाव बढ़ने की भी पूरी संभावना है।