फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Decide on the master lightning Girni

स्टेशन मास्टर पर गाज गिरनी तय

Tue, 05 Jan 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद Updated Tue, 05 Jan 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
Decide on the master lightning Girni
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन पर हुए बवाल की गाज स्टेशन मास्टर पर गिरना लगभग तय है। स्टेशन मास्टर ने इस बवाल की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम को नहीं दी थी। इसका मेमो भी जीआरपी और आरपीएफ को नहीं भेजा गया। उधर, आरपीएफ ने एएसएम को जांच में सहयोग की हिदायत देकर छोड़ दिया। दूसरे दिन भी किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन


फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नगला नैन में रहने वाले रेलवे स्टेशन गुरसहायगंज में सहायक स्टेशन मास्टर  परमेश्वदयाल के साढू़ के बेटे आदित्य को फतेहगढ़ स्टेशन पर चेकिंग के दौरान आरपीएफ ने पकड़ लिया था। परमेश्वदयाल का आरपीएफ के सिपाही मनोज कुमार से आदित्य को छोड़ने को लेकर विवाद हो गया था। आरपीएफ सिपाही ने एएसएम को पीटकर हवालात में डाल दिया था। बवाल होने पर रेलवे यूनियन के पदाधिकारियों ने उत्सर्ग ट्रेन रोकी थी।
विज्ञापन


फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना न तो रेलवे कंट्रोल को दी और न ही आरपीएफ और जीआरपी को मेमो भेजा। इसको लेकर रेलवे विभाग काफी गंभीर है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो स्टेशन मास्टर पंकज कुमार को सबसे पहले कंट्रोल रूम को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। इसके बाद मेमो भेज कर आरपीएफ और जीआरपी को सूचना देनी थी। ऐसा नहीं किया गया। सूत्रों की मानें तो इस लापरवाही के चलते फतेहगढ़ स्टेशन मास्टर पर विभागीय गाज गिरना तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, आरपीएफ ने एएसएम परमेश्वदयाल को जांच में सहयोग करने की हिदायत देकर छोड़ दिया, जबकि इसी दिन जांच में पकड़े गए युवकों को मंगलवार को रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जुर्माना लेकर इन्हें छोड़ दिया गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि उन्होंने जीआरपी और आरपीएफ को मेमो भेजा था। इन्होंने इसे नहीं लिया। वह कंट्रोल रूम को सूचना नहीं दे पाए। सिविल पुलिस को सूचना दी गई थी।


आरपीएफ के खिलाफ भेजी रिपोर्ट

डीआरएम के आदेश पर मामले की जांच करने के लिए आए सहायक परिचालन प्रबंधक देवानंद ने बवाल की जांच रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों का कहना है कि भेजी गई जांच रिपोर्ट आरपीएफ के खिलाफ है। पकड़े गए लोग आरपीएफ के हवाले थे। उनसे बात नहीं कराई गई। इससे बवाल की सही जानकारी नहीं मिल पाई। इसमें आरपीएफ ने सहयोग नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed