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धरतीपकड़ ने छोड़ी दुनिया: राष्ट्रपति चुनाव में उतर बटोरी थी चर्चा; 252 बार चुनावी मैदान में, जीते कभी नहीं
Thu, 03 Sep 2026 03:58 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 03 Sep 2026 03:58 PM IST
सार
Bihar News: भागलपुर के नागरमल बाजोरिया ‘धरतीपकड़’ के नाम से मशहूर थे। उन्होंने 252 बार चुनावी मैदान में उतरकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। हार के बावजूद उनका चुनाव लड़ने का सिलसिला कभी नहीं रुका। गुरुवार को पटना में उनका निधन हो गया।
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भागलपुर के नागरमल बाजोरिया ‘धरतीपकड़’ का निधन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत ही नहीं, दुनिया में वह अकेले शख्स थे। प्रसिद्ध नाम था- ‘धरतीपकड़’। मिलनसार और सबसे बड़ी बात कि बहुत रोचक। वह दुनिया के इकलौते शख्स थे, जिन्होंने 252 बार चुनावी मैदान में नामांकन किया और हर बार हारे। किसी हार से वह डरे नहीं। तभी तो राष्ट्रपति चुनावों में बार-बार नामांकन करने के कारण भी चर्चित हुए। जमानत जब्त कराने का भी रिकॉर्ड बनाया, लेकिन जब तक चलते-फिरते रहे, चुनाव में उतरते रहे।
भागलपुर के नागरमल बाजोरिया बने ‘धरतीपकड़’ की पहचान
भागलपुर के रहने वाले नागरमल बाजोरिया को लोग ‘धरतीपकड़’ के नाम से जानते हैं। वह देश के सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ चुके थे। भारत के हर निर्वाचन में एक समय वह जरूर खड़े होते थे। कुछ अंतरराष्ट्रीय चुनावों में भी उन्होंने नामांकन किया था, जहां भारतीय पर्चा दाखिल कर सकते थे।
न दायरा देखा, न जमानत राशि की चिंता
नागरमल बाजोरिया ने चुनाव लड़ने में न कभी अपना दायरा देखा और न ही जमानत राशि की चिंता की। समाज की बात करने के कारण सोशल मीडिया के जमाने से पहले के ‘धरतीपकड़’ को हर मीडिया उनके नाम से जानता था। हर राज्य में उनके नाम की चर्चा होती थी।
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पटना में ली अंतिम सांस
‘धरतीपकड़’ नागरमल बाजोरिया ने गुरुवार को पटना में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद उनसे जुड़े लोगों में शोक की लहर है। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार शाम छह बजे भागलपुर स्थित उनके पैतृक आवास एमपी त्रिवेदी निवास लाया जाएगा। शुक्रवार सुबह आठ बजे भागलपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अपने पीछे वे चार पुत्र,सतीश, अजय, दिलीप तथा एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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भागलपुर के नागरमल बाजोरिया बने ‘धरतीपकड़’ की पहचान
भागलपुर के रहने वाले नागरमल बाजोरिया को लोग ‘धरतीपकड़’ के नाम से जानते हैं। वह देश के सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ चुके थे। भारत के हर निर्वाचन में एक समय वह जरूर खड़े होते थे। कुछ अंतरराष्ट्रीय चुनावों में भी उन्होंने नामांकन किया था, जहां भारतीय पर्चा दाखिल कर सकते थे।
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न दायरा देखा, न जमानत राशि की चिंता
नागरमल बाजोरिया ने चुनाव लड़ने में न कभी अपना दायरा देखा और न ही जमानत राशि की चिंता की। समाज की बात करने के कारण सोशल मीडिया के जमाने से पहले के ‘धरतीपकड़’ को हर मीडिया उनके नाम से जानता था। हर राज्य में उनके नाम की चर्चा होती थी।
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पटना में ली अंतिम सांस
‘धरतीपकड़’ नागरमल बाजोरिया ने गुरुवार को पटना में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद उनसे जुड़े लोगों में शोक की लहर है। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार शाम छह बजे भागलपुर स्थित उनके पैतृक आवास एमपी त्रिवेदी निवास लाया जाएगा। शुक्रवार सुबह आठ बजे भागलपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अपने पीछे वे चार पुत्र,सतीश, अजय, दिलीप तथा एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।