{"_id":"a337ef0e851633723549b1030fa4e53c","slug":"the-criminal-got-arms-factory-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गए अपराधी को पकड़ने, मिल गई शस्त्र फैक्ट्री","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गए अपराधी को पकड़ने, मिल गई शस्त्र फैक्ट्री
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 21 Jan 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला बदर अपराधी को पकड़ने गई पुलिस फोर्स को सिरसा गांव में शस्त्र
विज्ञापन
फैक्ट्री मिली। मौके पर शस्त्र बनाने के उपकरण और देशी राइफल के साथ ही
सिपाही की बाइक भी बरामद हुई। हालांकि मंगलवार को फोर्स पर हमला करने वाला
एक भी व्यक्ति पुलिस के हाथ नहीं लगा।
एसओ कुलदीप दीक्षित मंगलवार की शाम फोर्स के साथ थाना क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी जिला बदर अपराधी जयनंदन उर्फ जिन्ना की गिरफ्तारी के लिए गए थे। यह देख जयनंदन, हरिनंदन, दुर्विजय व करू और उसके परिवार के लोगों ने पुलिस पार्टी पर पथराव और फायरिंग कर दी थी। फायरिंग पर पुलिस पार्टी को पीछे लौटना पड़ा। इस आपाधापी में सिपाही राजकुमार की बाइक वहीं छूट गई।पुलिस के वापस आने पर जयनंदन और उसके परिवार के लोग फरार हो गए। मंगलवार देर रात एसओ
कुलदीप दीक्षित ने जयनंदन, करू, विनोद उर्फ विन्ना, हरिनंदन, तोता सिंह के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार दोपहर सीओ कायमगंज एके रावत, कंपिल एसओ, नवाबगंज एसओ मुकेश यादव, शमसाबाद एसओ प्रदीप यादव, कायमगंज कोतवाल एकेसिंह परिहार, मेरापुर एसओ सालिगराम वर्मा के साथ ही काफी संख्या में फोर्स अपराधियों को पकड़ने के लिए गांव पहुंचा।
फोर्स को देखकर लोग अपने घरों में छुप गए। पुलिस ने नामजद आरोपियों के घरों में छापेमारी की लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। इस दौरान जयनंदन के मकान के पीछे एक बोरे में देशी राइफल, 14 खोखा कारतूस, और अधबने तमंचे के साथ ही इन्हें बनाने के उपकरण मिले। इन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस को सिपाही राजकुमार की क्षतिग्रस्त बाइक भी बरामद हो गई। एसओ ने बताया कि छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
एसओ कुलदीप दीक्षित मंगलवार की शाम फोर्स के साथ थाना क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी जिला बदर अपराधी जयनंदन उर्फ जिन्ना की गिरफ्तारी के लिए गए थे। यह देख जयनंदन, हरिनंदन, दुर्विजय व करू और उसके परिवार के लोगों ने पुलिस पार्टी पर पथराव और फायरिंग कर दी थी। फायरिंग पर पुलिस पार्टी को पीछे लौटना पड़ा। इस आपाधापी में सिपाही राजकुमार की बाइक वहीं छूट गई।पुलिस के वापस आने पर जयनंदन और उसके परिवार के लोग फरार हो गए। मंगलवार देर रात एसओ
कुलदीप दीक्षित ने जयनंदन, करू, विनोद उर्फ विन्ना, हरिनंदन, तोता सिंह के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार दोपहर सीओ कायमगंज एके रावत, कंपिल एसओ, नवाबगंज एसओ मुकेश यादव, शमसाबाद एसओ प्रदीप यादव, कायमगंज कोतवाल एकेसिंह परिहार, मेरापुर एसओ सालिगराम वर्मा के साथ ही काफी संख्या में फोर्स अपराधियों को पकड़ने के लिए गांव पहुंचा।
फोर्स को देखकर लोग अपने घरों में छुप गए। पुलिस ने नामजद आरोपियों के घरों में छापेमारी की लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। इस दौरान जयनंदन के मकान के पीछे एक बोरे में देशी राइफल, 14 खोखा कारतूस, और अधबने तमंचे के साथ ही इन्हें बनाने के उपकरण मिले। इन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस को सिपाही राजकुमार की क्षतिग्रस्त बाइक भी बरामद हो गई। एसओ ने बताया कि छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।