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महिला सिपाही ने घर में फांसी लगाकर जान दी

Tue, 29 Jan 2019 11:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jan 2019 11:22 PM IST
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महिला सिपाही ने घर में फांसी लगाकर जान दी
मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला खरिक निवासी महिला सिपाही ने मंगलवार को घर में फांसी लगाकर जान दे दी। गाजियाबाद में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसने 26 जनवरी को आगरा में आमद कराई थी। परिजनों ने बताया कि बहनोई की मौत से वह परेशान थी। इसके चलते ही उसने यह कदम उठाया है।
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ग्राम पंचायत महोई के मजरा नगला खरिक निवासी लाल बहादुर पाल खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनका एक बेटा खेती तो दूसरा इंटर का छात्र है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी अंजू (22) 11 जुलाई 2018 को आगरा में पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुई थी। उसकी ट्रेनिंग गाजियाबाद में हुई। 26 जनवरी को उसने जनपद आगरा की पुलिस लाइन में आमद कराई। इसी दिन जनपद कन्नौज थाना छिबरामऊ के गांव खुबरियापुर निवासी अंजू के बहनोई अंकित पाल की इटावा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई तो वह 27 जनवरी को तीन दिन की छुट्टी लेकर घर चली आई। उसी दिन अंजू के पिता लाल बहादुर, मां माया देवी, बड़ा भाई रवि, छोटा भाई राजीव खुबरियापुर चले गए थे। घर में अंजू और उसकी भाभी लीना थी।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे लीना छत पर कपड़े डालने चली गई। अंजू नीचे थी। कुछ देर बाद लीना नीचे आई तो कमरा अंदर से बंद था। उसने खिड़की से झांक कर देखा तो अंजू दुपट्टे के फंदे से छत में लगे कुंडे से लटक रही थी। लीना के शोर मचाने पर लोग एकत्र हो गए। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर शव को बाहर निकाला। सूचना पर माता-पिता व भाई भी पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि बहनोई अंकित की मौत के बाद से परेशान थी। अंजू को मंगलवार को ही आगरा जाना था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी ने बताया कि परिजनों के अनुसार, बहनोई की मौत से महिला सिपाही परेशान थी। इसके चलते उसने आत्महत्या कर ली है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

ट्रेनिंग पर ही वापस नहीं जाना चाहती थी अंजू
अंजू के फांसी लगाकर जान देने के बाद गांव में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बताया गया कि करीब डेढ़ माह पूर्व अंजू गाजियाबाद से ट्रेनिंग के दौरान घर आई थी। तब वह ट्रेनिंग पर न जाने की बात कह रही थी। उसके पिता ने किसी तरह समझाकर ट्रेनिंग पूरी करने के लिए गाजियाबाद भेजा था। पर यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी थी कि वह ट्रेनिंग पर वापस क्यों नहीं जाना चाहती थी। उसने गांव की ही अपनी सहेलियों को बताया था कि वह पुलिस की नौकरी नहीं करना चाहती है।


बहन लक्ष्मी को लेकर थी चिंतित
बहनोई अंकित पाल ट्रक चालक थे। वह 26 जनवरी को दिल्ली से पुरानी कार खरीद कर ला रहे थे। इसी दौरान जनपद इटावा के कर्री पुलिया के पास ट्रक ने उनकी कार में टक्कर मार दी थी। इससे उनकी मौत हो गई थी। अंकित की पत्नी लक्ष्मी व उसकी दो छोटी-छोटी बेटियों को लेकर अंजू चिंतित थी।
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