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मकान पर कब्जा करने में बैँक शाखा प्रबंधक समेत आठ के खिलाफ याचिका
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:48 PM IST
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फर्रुखाबाद। खरीदे गए मकान पर कब्जा करने के मामले में महिला ने बैंक शाखा प्रबंधक, उसके पांच कर्मचारी समेत आठ लोगों के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें बिना किसी कारण बताए जबरन मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। सीजेएम ने शहर कोतवाली से प्रकरण के संबंध में आख्या मांगी है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला घेरश्यामू खां निवासी आशीष मिश्रा की पत्नी नीतू मिश्रा ने सिंडीकेट बैंक शाखा फर्रुखाबाद के शाखा प्रबंधक, इनके पांच कर्मचारी, तहसील सदर के उप निबंधक और मोहल्ला खड़ियाई निवासी अंजली यादव पत्नी सुनील कुमार यादव के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें कहा कि अंजली यादव से 15 जनवरी 2015 को मोहल्ला बिर्राबाग स्थित मकान का बैनामा कराया था। बैनामे से पूर्व मकान पर बकायेदारी न होने के संबंध में सदर तहसील से प्रमाण पत्र लिया था। उस समय मकान पर कोई बकायेदारी नहीं थी। वह मकान में रहने लगी।
27 नवंबर 2018 को वह घर में ताला लगा कर पुराने घर पर गई थी। पड़ोसी ने सूचना दी कि कुछ लोग उसके मकान का ताला तोड़ रहे हैं। वह अपने घर पर आई और देखा की बैंक शाखा प्रबंधक, कर्मचारियों से ताला तुड़वा रहे थे। उनसे कारण पूछा तो कोई जानकारी नहीं दी। बैंक शाखा प्रबंधक ने मकान पर अपना ताला डलवा कर कब्जा कर लिया।
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पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपस में साठगांठ कर फर्जी अभिलेख तैयार कर उसके मकान पर कब्जा कर लिया और किसी भी अभिलेख की जानकारी भी नहीं दी। सीजेएम ने याचिका पर शहर कोतवाल से आख्या मांगी है।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला घेरश्यामू खां निवासी आशीष मिश्रा की पत्नी नीतू मिश्रा ने सिंडीकेट बैंक शाखा फर्रुखाबाद के शाखा प्रबंधक, इनके पांच कर्मचारी, तहसील सदर के उप निबंधक और मोहल्ला खड़ियाई निवासी अंजली यादव पत्नी सुनील कुमार यादव के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें कहा कि अंजली यादव से 15 जनवरी 2015 को मोहल्ला बिर्राबाग स्थित मकान का बैनामा कराया था। बैनामे से पूर्व मकान पर बकायेदारी न होने के संबंध में सदर तहसील से प्रमाण पत्र लिया था। उस समय मकान पर कोई बकायेदारी नहीं थी। वह मकान में रहने लगी।
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27 नवंबर 2018 को वह घर में ताला लगा कर पुराने घर पर गई थी। पड़ोसी ने सूचना दी कि कुछ लोग उसके मकान का ताला तोड़ रहे हैं। वह अपने घर पर आई और देखा की बैंक शाखा प्रबंधक, कर्मचारियों से ताला तुड़वा रहे थे। उनसे कारण पूछा तो कोई जानकारी नहीं दी। बैंक शाखा प्रबंधक ने मकान पर अपना ताला डलवा कर कब्जा कर लिया।
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पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपस में साठगांठ कर फर्जी अभिलेख तैयार कर उसके मकान पर कब्जा कर लिया और किसी भी अभिलेख की जानकारी भी नहीं दी। सीजेएम ने याचिका पर शहर कोतवाल से आख्या मांगी है।