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विवाहिता को घर में नहीं घुसने दिया
Updated Sat, 30 Jun 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। घर से निकाली गई विवाहिता, पुत्री के साथ शनिवार को लौट कर आई तो ससुराल वालों ने उसको घर में नहीं घुसने दिया। वह पंचायत के लिए कोतवाली पहुंची और कोतवाल के आने का इंतजार करती रही। कोतवाल के न आने पर मायके लौट गई।
मैनपुरी जिले के कुरावली निवासी प्रीती गुप्ता की गंगा दरवाजा निवासी सृमित गुप्ता से शादी हुई थी। सृमित गुप्ता के पिता उमेश चंद्र गुप्ता आरएसएस के पदाधिकारी हैं। ससुराल वालों ने प्रीती को चार साल की पुत्री हर्षिता के साथ करीब पांच माह पूर्व घर से निकाल दिया था। वह 21 जून को भाई जितेंद्र व धर्मेंद्र के साथ ससुराल आई तो सास और ससुर ने घर में घुसने नहीं दिया।
महिला के हंगामा करने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्ष को बुलाकर कोतवाली ले गई थी। कोतवाल ने 30 जून तक आपस में पंचायत कर विवाद निपटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित 30 जून को महिला, पुत्री के साथ फिर से ससुराल आई तो उसको ससुर और सास ने घर में नहीं घुसने दिया। ससुर ने उसको भगा दिया, इससे नाराज महिला कोतवाली पहुंची और कोतवाल को फोन कर पंचायत कराने के लिए कहा। कोतवाल ने बताया कि वह किसी अन्य कार्य से कोतवाली से निकले हुए हैं। इस कारण बाद में आएंगे। महिला दोपहर में कोतवाल के आने का इंतजार करती रही, आखिर में जब कोतवाल नहीं आए तो पंचायत न होने पर मायके चली गई।
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फर्रुखाबाद। घर से निकाली गई विवाहिता, पुत्री के साथ शनिवार को लौट कर आई तो ससुराल वालों ने उसको घर में नहीं घुसने दिया। वह पंचायत के लिए कोतवाली पहुंची और कोतवाल के आने का इंतजार करती रही। कोतवाल के न आने पर मायके लौट गई।
मैनपुरी जिले के कुरावली निवासी प्रीती गुप्ता की गंगा दरवाजा निवासी सृमित गुप्ता से शादी हुई थी। सृमित गुप्ता के पिता उमेश चंद्र गुप्ता आरएसएस के पदाधिकारी हैं। ससुराल वालों ने प्रीती को चार साल की पुत्री हर्षिता के साथ करीब पांच माह पूर्व घर से निकाल दिया था। वह 21 जून को भाई जितेंद्र व धर्मेंद्र के साथ ससुराल आई तो सास और ससुर ने घर में घुसने नहीं दिया।
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महिला के हंगामा करने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्ष को बुलाकर कोतवाली ले गई थी। कोतवाल ने 30 जून तक आपस में पंचायत कर विवाद निपटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित 30 जून को महिला, पुत्री के साथ फिर से ससुराल आई तो उसको ससुर और सास ने घर में नहीं घुसने दिया। ससुर ने उसको भगा दिया, इससे नाराज महिला कोतवाली पहुंची और कोतवाल को फोन कर पंचायत कराने के लिए कहा। कोतवाल ने बताया कि वह किसी अन्य कार्य से कोतवाली से निकले हुए हैं। इस कारण बाद में आएंगे। महिला दोपहर में कोतवाल के आने का इंतजार करती रही, आखिर में जब कोतवाल नहीं आए तो पंचायत न होने पर मायके चली गई।
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