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बाढ़ से नहीं मिली राहत, हालात जस के तस
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। गंगा व रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने के चलते बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण अभी भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालांकि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कई गांवों में राहत सामग्री तक नहीं पहुंची है।
गंगा नदी में सोमवार को नरौरा बांध से करीब 2.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन चौथे दिन भी गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर पर ही स्थिर है। रामगंगा में खोह, हरेली और रामनगर बांध से 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे रामगंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटकर 137.45 मीटर पहुंच गया, जो रविवार को 137.50 मीटर पर था। गंगा के बाढ़ के पानी से सिया, खुटिया, कुंवरपुरा, ईमादपुर, मिश्रनपुरवा और कोला आदि गांव के संपर्क मार्ग तक कट गए हैं। इससे आवागमन भी प्रभावित है। चपरा, हीरानगर, रूलापुर, गुड़ेरा और भावन आदि गांवों में राहत सामग्री तक नहीं पहुंची है।
रामगंगा से अमैयापुर, गहलार, खाकिन, कोलासोता, सिकंदरपुर, चबिया और मौलिया समेत कई गांवों में घरों के अंदर पानी घुस गया है। ग्रामीण छतों के ऊपर भोजन बनाने को मजबूर हैं। कई गांवों में तो ग्रामीण सड़क किनारे पन्नी डालकर गुजर-बसर कर रहे हैं। कई गांवों में जो राहत सामग्री बांटी गई है, उसमें आलू सड़े और चावल खराब निकल रहे हैं। गांवों से अभी तक बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। गंगा व रामगंगा में चेतावनी बिंदु 136.60, खतरे का निशान 137.10 और हाईफ्लड का निशान 137.60 मीटर पर है। डीएम मोनिका रानी ने अमृतपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर राहत सामग्री बांटने के निर्देश दिए हैं।
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फर्रुखाबाद। गंगा व रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने के चलते बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण अभी भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालांकि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कई गांवों में राहत सामग्री तक नहीं पहुंची है।
गंगा नदी में सोमवार को नरौरा बांध से करीब 2.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन चौथे दिन भी गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर पर ही स्थिर है। रामगंगा में खोह, हरेली और रामनगर बांध से 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे रामगंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटकर 137.45 मीटर पहुंच गया, जो रविवार को 137.50 मीटर पर था। गंगा के बाढ़ के पानी से सिया, खुटिया, कुंवरपुरा, ईमादपुर, मिश्रनपुरवा और कोला आदि गांव के संपर्क मार्ग तक कट गए हैं। इससे आवागमन भी प्रभावित है। चपरा, हीरानगर, रूलापुर, गुड़ेरा और भावन आदि गांवों में राहत सामग्री तक नहीं पहुंची है।
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रामगंगा से अमैयापुर, गहलार, खाकिन, कोलासोता, सिकंदरपुर, चबिया और मौलिया समेत कई गांवों में घरों के अंदर पानी घुस गया है। ग्रामीण छतों के ऊपर भोजन बनाने को मजबूर हैं। कई गांवों में तो ग्रामीण सड़क किनारे पन्नी डालकर गुजर-बसर कर रहे हैं। कई गांवों में जो राहत सामग्री बांटी गई है, उसमें आलू सड़े और चावल खराब निकल रहे हैं। गांवों से अभी तक बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। गंगा व रामगंगा में चेतावनी बिंदु 136.60, खतरे का निशान 137.10 और हाईफ्लड का निशान 137.60 मीटर पर है। डीएम मोनिका रानी ने अमृतपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर राहत सामग्री बांटने के निर्देश दिए हैं।
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