{"_id":"5b68888f4f1c1b0c718b8252","slug":"153357735211-farrukhabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीज दिखाने को लेकर परिजनों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीज दिखाने को लेकर परिजनों ने किया हंगामा
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ होने से डॉक्टरों के कक्षों में मरीज धक्कामुक्की करते रहे। बाल रोग विशेषज्ञ से मरीज को पहले देखने के लिए परिजनों ने हंगामा किया। दवा काउंटर पर भी मरीज धक्कामुक्की करते रहे।
लोहिया अस्पताल में सोमवार सुबह से ही मरीजों की भीड़ होने लगी थी। पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लगवाई गई। ओपीडी में सोमवार को 1676 मरीजों ने पंजीकरण कराया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश तिवारी के कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी थी। यहां पर अमृतपुर निवासी अतुल के दो वर्षीय बेटे तरुन को दिखाने के लिए उसकी दादी राजेश्वर देवी और बुआ आई थीं। भीड़ होने से परिवार के लोग अपने मरीज को पहले दिखाने के लिए कक्ष के अंदर घुस आए। मरीज का इलाज पहले करने के लिए हंगामा शुरू कर दिया।
इस पर डॉक्टर ने मरीज देखने से इनकार कर दिया। अन्य मरीजों ने समझा कर मामले को शांत किया। परिजनों का कहना था कि पौत्र को बुखार और दस्त हो रहे थे। फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार के कक्ष में भी मरीज पहले दिखाने के लिए धक्कामुक्की करते रहे। सोमवार को डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. गौरव मिश्रा, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. बीके दुबे के कक्षों में भी मरीजों की भीड़ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ होने से डॉक्टरों के कक्षों में मरीज धक्कामुक्की करते रहे। बाल रोग विशेषज्ञ से मरीज को पहले देखने के लिए परिजनों ने हंगामा किया। दवा काउंटर पर भी मरीज धक्कामुक्की करते रहे।
लोहिया अस्पताल में सोमवार सुबह से ही मरीजों की भीड़ होने लगी थी। पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लगवाई गई। ओपीडी में सोमवार को 1676 मरीजों ने पंजीकरण कराया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश तिवारी के कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी थी। यहां पर अमृतपुर निवासी अतुल के दो वर्षीय बेटे तरुन को दिखाने के लिए उसकी दादी राजेश्वर देवी और बुआ आई थीं। भीड़ होने से परिवार के लोग अपने मरीज को पहले दिखाने के लिए कक्ष के अंदर घुस आए। मरीज का इलाज पहले करने के लिए हंगामा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
इस पर डॉक्टर ने मरीज देखने से इनकार कर दिया। अन्य मरीजों ने समझा कर मामले को शांत किया। परिजनों का कहना था कि पौत्र को बुखार और दस्त हो रहे थे। फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार के कक्ष में भी मरीज पहले दिखाने के लिए धक्कामुक्की करते रहे। सोमवार को डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. गौरव मिश्रा, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. बीके दुबे के कक्षों में भी मरीजों की भीड़ रही।
विज्ञापन