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धूप निकली, पर ठंड से कांपते रहे लोग
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बलराम सिंह चौराहा के पास आग जलाकर बैठे दुकानदार
- फोटो : ETAWHA
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इटावा। लगातार दो दिनों तक पारा 02 डिग्री रहने के बावजूद रविवार को भले ही पारा में एक डिग्री की बढ़ोतरी र्हुई हो, लेकिन गलन भरी ठंड का खासा असर फिर भी कम हुई। हालत यह रही कि धूप निकलने के बावजूद लोग गलनभरी ठंड से बचने को आग के पास बैठे रहे।
ऐसे में समझा जा सकता है कि ठंड किस तरह व्यापक असर दिखा रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान 03 डिग्री रहा। वहीं अधिकतम तापमान 14 डिग्री रहा। पिछले साल 29 दिसंबर को तापमान 08 डिग्री था। कुल मिलाकर पिछले साल की अपेक्ष तापमान में 5 डिग्री की गिरावट से इस बार की ठंड लोगों को सिर से पैर तक कंपकंपा रही है।
पिछले कई दिनों से शहर मेें गलनभरी ठंड का दौर चलने के बावजूद नगर में कहीं पर भी अलाव जलते दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। इससे लोगों में भी काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा परेशान दुकानदार हैं जो दुकान के आगे अलाव जला रहे हैं। इससे राहगीरों तक को राहत मिल रही है। अजीतनगर वार्ड के सभासद प्रतिनिधि सुनील दत्त अंबेडकर का कहना है कि इस कड़कड़ाती ठंड के बावजूद शहर में ज्यादातर स्थानों पर कहीं पर भी पालिका की ओर से अलाव नहीं जलवाए गए। बताया कि निरीक्षण के दौरान नई मंडी के पास, विजय नगर चौराहा, महेरा चुंगी, तकिया आजाद गान, पक्का बाग इत्यादि जगहों समेत कई मुख्य चौराहों पर भी अलाव जलते नहीं मिले।
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ठंड से बचने के लिए लोग घरों के अंदर व बाहर आग जलाकर हाथ पैर सेककर ठंड को भगाने का प्रयास करते रहे। चाय-पान की दुकान के अलावा अन्य दुकानदार आग जलाए बेठे रहे। ठंड से न सिर्फ लोग ही बल्कि पशु पक्षी भी खासे परेशान हैं। पशु पालक पशुओं के बाडे़ में न सिर्फ आग जला रहे हैं बल्कि उन्हें टाट का कपड़ा भी ओढ़ाए हुए है। ताकि उन्हें ठंड न लग सके। मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए ठंड का प्रकोप फिलहाल अभी थमता हुआ नहीं जान पड़ रहा है।
इधर, पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि शहर में अलाव जलाए जा रहे हैं। शाम के समय चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ियां भिजवाई जाती हैं, जिससे रात के समय राहगीरों को दिक्कतें न हों।
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ऐसे में समझा जा सकता है कि ठंड किस तरह व्यापक असर दिखा रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान 03 डिग्री रहा। वहीं अधिकतम तापमान 14 डिग्री रहा। पिछले साल 29 दिसंबर को तापमान 08 डिग्री था। कुल मिलाकर पिछले साल की अपेक्ष तापमान में 5 डिग्री की गिरावट से इस बार की ठंड लोगों को सिर से पैर तक कंपकंपा रही है।
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पिछले कई दिनों से शहर मेें गलनभरी ठंड का दौर चलने के बावजूद नगर में कहीं पर भी अलाव जलते दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। इससे लोगों में भी काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा परेशान दुकानदार हैं जो दुकान के आगे अलाव जला रहे हैं। इससे राहगीरों तक को राहत मिल रही है। अजीतनगर वार्ड के सभासद प्रतिनिधि सुनील दत्त अंबेडकर का कहना है कि इस कड़कड़ाती ठंड के बावजूद शहर में ज्यादातर स्थानों पर कहीं पर भी पालिका की ओर से अलाव नहीं जलवाए गए। बताया कि निरीक्षण के दौरान नई मंडी के पास, विजय नगर चौराहा, महेरा चुंगी, तकिया आजाद गान, पक्का बाग इत्यादि जगहों समेत कई मुख्य चौराहों पर भी अलाव जलते नहीं मिले।
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ठंड से बचने के लिए लोग घरों के अंदर व बाहर आग जलाकर हाथ पैर सेककर ठंड को भगाने का प्रयास करते रहे। चाय-पान की दुकान के अलावा अन्य दुकानदार आग जलाए बेठे रहे। ठंड से न सिर्फ लोग ही बल्कि पशु पक्षी भी खासे परेशान हैं। पशु पालक पशुओं के बाडे़ में न सिर्फ आग जला रहे हैं बल्कि उन्हें टाट का कपड़ा भी ओढ़ाए हुए है। ताकि उन्हें ठंड न लग सके। मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए ठंड का प्रकोप फिलहाल अभी थमता हुआ नहीं जान पड़ रहा है।
इधर, पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि शहर में अलाव जलाए जा रहे हैं। शाम के समय चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ियां भिजवाई जाती हैं, जिससे रात के समय राहगीरों को दिक्कतें न हों।