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ग्रामीणों ने किया हंगामा, जांच अधूरी छोड़ टीम लौटी
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:37 PM IST
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लोहिया ग्राम पंचायत ताखा में शौचालय निर्माण में हुए घपले की छानबीन करने शनिवार को जांच टीम गांव पहुंची। टीम के साथ पंचायत सेक्रेटरी को देख ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों के शांत होने के बाद की गई जांच में कई शौचालय अधूरे मिले।
वहीं, जांच के दौरान सूची में लाभार्थियों का नाम बदलने के मामले को लेकर ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। इस पर टीम जांच अधूरी छोड़कर दूसरे गांव चली गई। ताखा गांव में शौचालय के निर्माण में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है।
लाभार्थियों का नाम सूची में बदलने व शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा न होने से घपले का आरोप लग रहा है। इस घपले की जांच करने शनिवार को एडीओ पंचायत ताखा अरुण कुमार पांडेय तीन सदस्यीय टीम के साथ गांव पहुंचे।
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जांच टीम के आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने अधूरे शौचालय दिखाने के लिए पहुंच गए। जांच टीम के साथ पंचायत सेक्रेटरी एवं कुछ प्रभावशाली लोगों को देख ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने पंचायत सेक्रेटरी की मदद से जांच की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाए।
इस पर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत कराया गया। बाद में जांच शुरू हुई तो राजाराम पुत्र सूबेदार, मिजाजी पुत्र रिखू, सुघर सिंह पुत्र साधू सहित कई लाभार्थियों के शौचालय अधूरे मिले। इस दौरान टीम ने शफीक पुत्र हलीम के घर पहुंचकर शौचालय बनने की जानकारी ली तो परिजनों ने बताया उन्हें कोई शौचालय नहीं मिला है और ना ही कोई पैसा मिला।
वहीं, जांच में उस समय हंगामा हो गया जब पूरे मामले के शिकायतकर्ता बदन सिंह यादव वह सूची लेकर पहुंचे, जिसे जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से 340 लाभार्थियों को परिपूर्ण दिखाया गया था। उस सूची में और जांच सूची में तमाम नाम ही बदले हुए थे।
कई लाभार्थियों के जांच सूची में नाम न होने पर हंगामे की स्थिति हो गई। इसके बाद जांच टीम ताखा गांव की जांच को अधूरा छोड़ दूसरे गांव में चली गई।
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वहीं, जांच के दौरान सूची में लाभार्थियों का नाम बदलने के मामले को लेकर ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। इस पर टीम जांच अधूरी छोड़कर दूसरे गांव चली गई। ताखा गांव में शौचालय के निर्माण में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है।
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लाभार्थियों का नाम सूची में बदलने व शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा न होने से घपले का आरोप लग रहा है। इस घपले की जांच करने शनिवार को एडीओ पंचायत ताखा अरुण कुमार पांडेय तीन सदस्यीय टीम के साथ गांव पहुंचे।
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जांच टीम के आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने अधूरे शौचालय दिखाने के लिए पहुंच गए। जांच टीम के साथ पंचायत सेक्रेटरी एवं कुछ प्रभावशाली लोगों को देख ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने पंचायत सेक्रेटरी की मदद से जांच की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाए।
इस पर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत कराया गया। बाद में जांच शुरू हुई तो राजाराम पुत्र सूबेदार, मिजाजी पुत्र रिखू, सुघर सिंह पुत्र साधू सहित कई लाभार्थियों के शौचालय अधूरे मिले। इस दौरान टीम ने शफीक पुत्र हलीम के घर पहुंचकर शौचालय बनने की जानकारी ली तो परिजनों ने बताया उन्हें कोई शौचालय नहीं मिला है और ना ही कोई पैसा मिला।
वहीं, जांच में उस समय हंगामा हो गया जब पूरे मामले के शिकायतकर्ता बदन सिंह यादव वह सूची लेकर पहुंचे, जिसे जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से 340 लाभार्थियों को परिपूर्ण दिखाया गया था। उस सूची में और जांच सूची में तमाम नाम ही बदले हुए थे।
कई लाभार्थियों के जांच सूची में नाम न होने पर हंगामे की स्थिति हो गई। इसके बाद जांच टीम ताखा गांव की जांच को अधूरा छोड़ दूसरे गांव में चली गई।