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Etawah News: जर्जर भवन में चलते स्कूल, बच्चे भी खतरे के साए में
Fri, 15 Sep 2023 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 15 Sep 2023 12:00 AM IST
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जसवंतनगर। क्षेत्र के दो परिषदीय विद्यालयों की हालत खराब है। लगभग तीन दशक से अधिक पुराने स्कूल के भवन जर्जर हो गए हैं। छतों से पानी टपकता है। छतों का सीमेंट भी उखड़ने लगा है। स्कूल के प्रधानाध्यापकों की ओर नए भवन के लिए कई बार मांग की गई है, पर कोई हल नहीं निकल पाया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट जनकपुर की इमारत में जूनियर तथा प्राइमरी में छह कमरे हैं। सभी कमरे जर्जर हालत में हैं। बरसात के दिनों में सीलन के कारण कमरों में नमी महसूस की जा रही है। गांव के छोटे गरीब परिवारों के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए विवश है। बच्चों के साथ शिक्षक भी अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। यहां की इंचार्ज शालिनी मिश्रा ने बताया उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से कई बार पत्राचार कर शिकायत की है, लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।
इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरहोल की भी स्थिति खराब है। वहां भी छतों से पानी टपकता है। स्कूली बच्चों की बरामदे में बैठना पड़ता है। पूरे स्कूल में सीलन है। बच्चे भयभीत रहते हैं। इसके चलते स्कूल में बच्चों की उपस्थिति भी कम रह रही है। प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार ने बताया कि उनकी ओर से विभाग से पत्राचार किया गया है, लेकिन समस्या का निदान नही हुआ है।
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बीईओ अल्केश कुमार सकलेचा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। स्कूलों को ठीक करने के लिए प्रस्ताव भेजे गए जल्द ही सही कराए जाएंगे। जिला समन्वय निर्माण हरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही विद्यालयों का सर्वे कराया जाएगा।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट जनकपुर की इमारत में जूनियर तथा प्राइमरी में छह कमरे हैं। सभी कमरे जर्जर हालत में हैं। बरसात के दिनों में सीलन के कारण कमरों में नमी महसूस की जा रही है। गांव के छोटे गरीब परिवारों के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए विवश है। बच्चों के साथ शिक्षक भी अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। यहां की इंचार्ज शालिनी मिश्रा ने बताया उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से कई बार पत्राचार कर शिकायत की है, लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।
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इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरहोल की भी स्थिति खराब है। वहां भी छतों से पानी टपकता है। स्कूली बच्चों की बरामदे में बैठना पड़ता है। पूरे स्कूल में सीलन है। बच्चे भयभीत रहते हैं। इसके चलते स्कूल में बच्चों की उपस्थिति भी कम रह रही है। प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार ने बताया कि उनकी ओर से विभाग से पत्राचार किया गया है, लेकिन समस्या का निदान नही हुआ है।
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बीईओ अल्केश कुमार सकलेचा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। स्कूलों को ठीक करने के लिए प्रस्ताव भेजे गए जल्द ही सही कराए जाएंगे। जिला समन्वय निर्माण हरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही विद्यालयों का सर्वे कराया जाएगा।