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रंल पटरी पर मिला लापता छात्र का शव
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मृतक छात्र आदित्य दीक्षित की फाइल फोटो
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय में कक्षा 12 का छात्र रविवार को स्कूल से लापता हो गया और उसका शव रेलवे लाइन पर मिला। सूचना पर डीएम व एसपी विद्यालय पहुंचे। मौसा की की तहरीर प्रधानाचार्य और एक वार्डन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कानपुर से फारेंसिक टीम बुलाकर जांच और तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने भी विद्यालय पहुंचकर जांच की।
बिठौली थाना क्षेत्र के बिड़ौरी गांव निवासी किसान राजेश दीक्षित का इकलौता बेटा अदियंत दीक्षित उर्फ प्रशांत (18) पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय में कक्षा 12 का छात्र था। स्कूल के छात्रावास में ही रहता था। रविवार रात उसका शव हास्टल से कुछ दुरी पर दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर मिला था। विद्यालय में पढ़ने वाले भिटौली गांव के अन्य छात्रों ने परिजनों को अदियंत के लापता होने की सूचना दी थी। सोमवार को स्कूल में पीटी के बाद छात्रों गणना में एक छात्र कम निकला। कुछ देर बाद राजेश और उनके साढ़ू मंगल शुक्ला विद्यालय पहुंचे गए और प्रधानाचार्य से बेटे के बारे में पूछा। इसके बाद प्रधानाचार्य ने पुलिस को बच्चे के लापता होने की सूचना दी। राजेश और उनके परिजन बेटे को ढूंढने में लग गए। सोमवार शाम को थाना प्रभारी सिविल लाइन ने फोन पर बातचीत कर राजेश को विद्यालय बुलाया। थाना प्रभारी ने बताया कि अदियंत की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। फोटो दिखाकर शिनाख्त भी कराई।
हॉस्टल के छात्र की मौत की सूचना पर सोमवार रात एसएसपी जय प्रकाश सिंह, एसपी सिटी कपिल देव सिंह और सिओ सिटी अमित कुमार सिंह विद्यालय पहुंच गए। इटावा से फारेंसिंग टीम भी बुलाई गई। मौसा की तहरीर पर सोमवार रात को प्रधानाचार्य निर्मल चंद्र बाजपेयी और एक वार्डन के खिलाफ के धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया गया। मंगलवार को पुलिस ने तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम हाउस में डीएम और एसएसपी भी मौजूद रहे।
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छात्र लापता, प्रधानाचार्य और वार्डन रहे बेखबर
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय में कक्षा 12 का अदियंत दीक्षित उर्फ प्रशांत रविवार को लापता हो गया और प्रधानाचार्य व वार्डन को इसकी जानकारी नहीं हुई। अगले दिन पीटी होने के बाद छात्रों की गणना के बाद जानकारी हुई। इसके बाद भी प्रधानाचार्य गंभीर नहीं हुए। पिता और मौसा के विद्यालय पहुंचने के बाद प्रधानाचार्य ने पुलिस को सूचना दी लेकिन अपनी ओर से खोजबीन नहीं कराई।
सिविल लाइन थाना पुलिस को रेलवे लाइन पर रविवार रात छात्र का शव पड़ा मिला था। शिनाख्त न होने पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। प्रथम दृष्या पुलिस खुदकुशी मान रही है लेकिन छात्र छात्रावास रेलवे लाइन पर कैसे पहुंचा, इस पर परिजन सवाल उठा रहे हैं। पिता राजेश का आरोप है कि स्कूल पहुंचने पर प्रधानाचार्य डा निर्मल चंद्र बाजपेई ने उनसे ठीक से बात तक नहीं की। पिता का कहना है कि जब गिनती के एक छात्र कम था तभी प्रधानाचार्य को पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी।
छात्र की मौसेरी बहन शिवानी शुक्ला ने बताया कि बिड़ौरी गांव के करीब दस से बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं। उन्होंने ही अपने परिजनों को बताया, तब अदियंत के लापता होने की खबर मिली। शिवानी के अनुसार शिक्षक कृपाल ने कहा कि सूचना देने के लिए फोन किया गया था, लेकिन फोन लगा नहीं। इसके बाद दूसरे छात्र के परिजनों के माध्यम से सूचना भेजी गई। शिवानी ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने कहा था कि मंदिर में जाकर ढूंढ लो, मिल जाएगा। विद्यालय में तो हमेशा ऐसा होता रहता है। अदियंत दो बहनों में एकलौता भाई था। मां सुधा देवी और छोटी बहने दीक्षा और छय्या का रो-रो कर बुरा हाल है।
कानुपर से बुलाई गई फोरेंसिक टीम
कक्षा 12 के छात्र अदियंत की मौत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने कानपुर से फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच करवाई। टीम ने कक्षा और छात्र के कमरे से साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम के दौरान भी फोरेंसिक टीम के सदस्य मौजूद रहे।
जांच करने आए प्रमुख सचिव
छात्र की मौत की सूचना पर समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार विद्यालय पहुंचे। उन्होंने ने प्रधानाचार्य, वार्डन और गार्ड से भी पूछताछ की। प्रमुख सचिव के सवालों पर कहा कि अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
सेना में भर्ती होना चाहता था अदियंत
पिता राजेश ने बताया कि अदियंत का बचपन से सेना में जाने का मन था। इंटर की परिक्षा पास करने के बाद एनडीए की तैयारी करने की बात हमेंशा कहता था। सेना मे भर्ती होने के लिए वह रोज सुबह उठकर वह रनिंग भी करता था। मृतक के सहपाठियों ने बताया कि अदियंत पढाई के साथ खेल कुद में रुची रखता था। वह हमेंश रनिंग और भाला फेकने में फर्स्ट आता था।
छात्रवास में खुले पड़े बिजली के तार
पंडित दीनदयाल उपध्याय आश्रम पद्घति में लापरवाही का आलम यह है कि छात्रावास में बिजली के तार भी खुले हुए है। जिनसे कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसे अनुमान लगाया जा सकता है कि छात्रों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर कितने जागरूक है।
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बिठौली थाना क्षेत्र के बिड़ौरी गांव निवासी किसान राजेश दीक्षित का इकलौता बेटा अदियंत दीक्षित उर्फ प्रशांत (18) पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय में कक्षा 12 का छात्र था। स्कूल के छात्रावास में ही रहता था। रविवार रात उसका शव हास्टल से कुछ दुरी पर दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर मिला था। विद्यालय में पढ़ने वाले भिटौली गांव के अन्य छात्रों ने परिजनों को अदियंत के लापता होने की सूचना दी थी। सोमवार को स्कूल में पीटी के बाद छात्रों गणना में एक छात्र कम निकला। कुछ देर बाद राजेश और उनके साढ़ू मंगल शुक्ला विद्यालय पहुंचे गए और प्रधानाचार्य से बेटे के बारे में पूछा। इसके बाद प्रधानाचार्य ने पुलिस को बच्चे के लापता होने की सूचना दी। राजेश और उनके परिजन बेटे को ढूंढने में लग गए। सोमवार शाम को थाना प्रभारी सिविल लाइन ने फोन पर बातचीत कर राजेश को विद्यालय बुलाया। थाना प्रभारी ने बताया कि अदियंत की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। फोटो दिखाकर शिनाख्त भी कराई।
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हॉस्टल के छात्र की मौत की सूचना पर सोमवार रात एसएसपी जय प्रकाश सिंह, एसपी सिटी कपिल देव सिंह और सिओ सिटी अमित कुमार सिंह विद्यालय पहुंच गए। इटावा से फारेंसिंग टीम भी बुलाई गई। मौसा की तहरीर पर सोमवार रात को प्रधानाचार्य निर्मल चंद्र बाजपेयी और एक वार्डन के खिलाफ के धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया गया। मंगलवार को पुलिस ने तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम हाउस में डीएम और एसएसपी भी मौजूद रहे।
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छात्र लापता, प्रधानाचार्य और वार्डन रहे बेखबर
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय में कक्षा 12 का अदियंत दीक्षित उर्फ प्रशांत रविवार को लापता हो गया और प्रधानाचार्य व वार्डन को इसकी जानकारी नहीं हुई। अगले दिन पीटी होने के बाद छात्रों की गणना के बाद जानकारी हुई। इसके बाद भी प्रधानाचार्य गंभीर नहीं हुए। पिता और मौसा के विद्यालय पहुंचने के बाद प्रधानाचार्य ने पुलिस को सूचना दी लेकिन अपनी ओर से खोजबीन नहीं कराई।
सिविल लाइन थाना पुलिस को रेलवे लाइन पर रविवार रात छात्र का शव पड़ा मिला था। शिनाख्त न होने पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। प्रथम दृष्या पुलिस खुदकुशी मान रही है लेकिन छात्र छात्रावास रेलवे लाइन पर कैसे पहुंचा, इस पर परिजन सवाल उठा रहे हैं। पिता राजेश का आरोप है कि स्कूल पहुंचने पर प्रधानाचार्य डा निर्मल चंद्र बाजपेई ने उनसे ठीक से बात तक नहीं की। पिता का कहना है कि जब गिनती के एक छात्र कम था तभी प्रधानाचार्य को पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी।
छात्र की मौसेरी बहन शिवानी शुक्ला ने बताया कि बिड़ौरी गांव के करीब दस से बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं। उन्होंने ही अपने परिजनों को बताया, तब अदियंत के लापता होने की खबर मिली। शिवानी के अनुसार शिक्षक कृपाल ने कहा कि सूचना देने के लिए फोन किया गया था, लेकिन फोन लगा नहीं। इसके बाद दूसरे छात्र के परिजनों के माध्यम से सूचना भेजी गई। शिवानी ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने कहा था कि मंदिर में जाकर ढूंढ लो, मिल जाएगा। विद्यालय में तो हमेशा ऐसा होता रहता है। अदियंत दो बहनों में एकलौता भाई था। मां सुधा देवी और छोटी बहने दीक्षा और छय्या का रो-रो कर बुरा हाल है।
कानुपर से बुलाई गई फोरेंसिक टीम
कक्षा 12 के छात्र अदियंत की मौत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने कानपुर से फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच करवाई। टीम ने कक्षा और छात्र के कमरे से साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम के दौरान भी फोरेंसिक टीम के सदस्य मौजूद रहे।
जांच करने आए प्रमुख सचिव
छात्र की मौत की सूचना पर समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार विद्यालय पहुंचे। उन्होंने ने प्रधानाचार्य, वार्डन और गार्ड से भी पूछताछ की। प्रमुख सचिव के सवालों पर कहा कि अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
सेना में भर्ती होना चाहता था अदियंत
पिता राजेश ने बताया कि अदियंत का बचपन से सेना में जाने का मन था। इंटर की परिक्षा पास करने के बाद एनडीए की तैयारी करने की बात हमेंशा कहता था। सेना मे भर्ती होने के लिए वह रोज सुबह उठकर वह रनिंग भी करता था। मृतक के सहपाठियों ने बताया कि अदियंत पढाई के साथ खेल कुद में रुची रखता था। वह हमेंश रनिंग और भाला फेकने में फर्स्ट आता था।
छात्रवास में खुले पड़े बिजली के तार
पंडित दीनदयाल उपध्याय आश्रम पद्घति में लापरवाही का आलम यह है कि छात्रावास में बिजली के तार भी खुले हुए है। जिनसे कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसे अनुमान लगाया जा सकता है कि छात्रों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर कितने जागरूक है।

पोस्टमार्टम हाउस में छात्र के परिजनों से बात करते डीएम और एसएसपी- फोटो : ETAWAH

पंडित दीन दयाल आश्रम पद्धति विद्यालय में जांच करने पहुंचे प्रमुख सचिव- फोटो : ETAWAH

घसना की जानकारी देते मृतक छात्र के दोस्त- फोटो : ETAWAH