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Etawah News: रिकार्ड निवेश की ओर जिले के उद्यमी
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इटावा। जिले में विविध इकाइयों की स्थापना के लिए करीब 900 करोड़ के निवेश की तैयारी 61 उद्यमी कर चुके हैं। अब लखनऊ में फरवरी में होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर समिट से पहले 18 जनवरी को विकास भवन में इंवेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा। इसमें उद्यमियों को आमंत्रित कर निवेश एक हजार करोड़ के पार करने का उद्देश्य है।
लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) में पहले 500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया था। जिला उद्योग केंद्र की ओर से इसके लिए जब उद्यमियों से संपर्क किया गया तो उन्हाेंने 550 करोड़ के निवेश पर सहमति जताई। इसके बाद शासन ने लक्ष्य 750 करोड़ रुपये कर दिया। नगर निकायों, दुग्ध उत्पादन विभाग, उद्यान और कृषि विभाग की ओर से भी करीब 450 करोड़ से ज्यादा का निवेश मिल चुका है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में विभागों की ओर से 896.78 करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू भेजे गए हैं।
निवेश को और बढ़ावा देने के लिए 18 जनवरी को जिले में इंवेस्टर समिट का आयोजन होगा। इसमें उद्यम लगाने पर नई उद्योग नीति के तहत मिलने वाले फायदों की जानकारी दी जाएगी। निवेश मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके विभागों की एनओसी लेने के तरीके बताए जाएंगे।
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20 तरह की इकाइयां लगाई जाएंगी
मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट, हाउसिंग, टेक्सटाइल, हॉस्पिटल, प्लाइवुड, दवा, बीज-कीटनाशक, सर्जिकल एंड मैटरनिटी सेंटर, पेट्रोल पंप, खान-पान के आउटलेट्स, गद्दा, सरिया निर्माण सहित 20 इकाइयों को लगाने के साथ कृषि क्षेत्र में भी निवेश की तैयारी है।
अभी तक 896.78 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। इसके लिए एमओयू पर साइन भी हो गए हैं। यूपी इंवेस्टर समिट-2023 फरवरी में प्रस्तावित है। इससे पहले कोशिश की जा रही है कि जिले में निवेश को एक हजार करोड़ के पार पहुंचाया जाए। यही कारण है कि सभी विभागों की ओर से जिलास्तरीय इंवेस्टर समिट भी आयोजित की जा रही है। इसमें उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। - सुधीर कुमार, उपायुक्त उद्योग।
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लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) में पहले 500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया था। जिला उद्योग केंद्र की ओर से इसके लिए जब उद्यमियों से संपर्क किया गया तो उन्हाेंने 550 करोड़ के निवेश पर सहमति जताई। इसके बाद शासन ने लक्ष्य 750 करोड़ रुपये कर दिया। नगर निकायों, दुग्ध उत्पादन विभाग, उद्यान और कृषि विभाग की ओर से भी करीब 450 करोड़ से ज्यादा का निवेश मिल चुका है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में विभागों की ओर से 896.78 करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू भेजे गए हैं।
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निवेश को और बढ़ावा देने के लिए 18 जनवरी को जिले में इंवेस्टर समिट का आयोजन होगा। इसमें उद्यम लगाने पर नई उद्योग नीति के तहत मिलने वाले फायदों की जानकारी दी जाएगी। निवेश मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके विभागों की एनओसी लेने के तरीके बताए जाएंगे।
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20 तरह की इकाइयां लगाई जाएंगी
मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट, हाउसिंग, टेक्सटाइल, हॉस्पिटल, प्लाइवुड, दवा, बीज-कीटनाशक, सर्जिकल एंड मैटरनिटी सेंटर, पेट्रोल पंप, खान-पान के आउटलेट्स, गद्दा, सरिया निर्माण सहित 20 इकाइयों को लगाने के साथ कृषि क्षेत्र में भी निवेश की तैयारी है।
अभी तक 896.78 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। इसके लिए एमओयू पर साइन भी हो गए हैं। यूपी इंवेस्टर समिट-2023 फरवरी में प्रस्तावित है। इससे पहले कोशिश की जा रही है कि जिले में निवेश को एक हजार करोड़ के पार पहुंचाया जाए। यही कारण है कि सभी विभागों की ओर से जिलास्तरीय इंवेस्टर समिट भी आयोजित की जा रही है। इसमें उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। - सुधीर कुमार, उपायुक्त उद्योग।