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चार थानों में ऑनलाइन एफआईआर दूर की कौड़ी

Wed, 22 Apr 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Wed, 22 Apr 2015 11:57 PM IST
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 Four stations are not online FIR

मुख्यमंत्री के जिले में ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) योजना में 20 में से 16 थाने ही इस नेटवर्क से जुड़ पाए हैं। बाकी चार थानों में ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा नहीं है।

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इनमें बीहड़ी क्षेत्र के भरेह, सहसों, बिठौली तथा चकरनगर थाने शामिल हैं। इधर महीने भर की कवायद के बाद बीएसएनएल महज पांच थानों में ही कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध करा सका है।  
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गौरतलब है कि सीसीटीएनएस योजना के तहत पुलिस को पेपरविहीन किया जाना है। योजना को जमीन पर लाने के लिए जिले क ो 117 कंप्यूटर, 78 प्रिंटर तथा सभी 20 थानों को जनरेटर सेट प्रदान किए गए हैं।
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एसएसपी ने मार्च के प्रारंभ में ही सभी थानाध्यक्षों को आदेश जारी कर हाथ से लिखी जाने वाली एफआईआर पर रोक लगा दी है। मार्च से ही बीएसएनएल की कनेक्टिविटी मिल जाने से 11 थाने ऑनलाइन हो चुके हैं। बाकी बचे नौ थानों को कनेक्टिविटी की सुविधा दिलाने में बीएसएनएल की रफ्तार धीमी पड़ गई।

महीने भर में महज पांच थानों को ही ऑनलाइन की सुविधा मिल सकी है। बाकी चार थाने अभी कनेक्टिविटी के लिए बांट जोह रहे हैं।  इस संबंध में बीएसएनएल विभाग को दोषी बताया जा रहा है।

उधर बीएसएनएल के टीडीएम राजेश कुमार ने बताया कि मैंने हाल ही में चार्ज लिया है। इसलिए इस संबंध में कुछ बता नहीं सकता। इस संबंध में जानकारी करने के बाद में आपको बताऊंगा।

सीसीटीएनएस प्रभारी सुबोध यादव कहते हैं, सीसीटीएनएस लागू करने के मार्ग में बीएसएनएल की लापरवाही सबसे बड़ी बाधक है। 20 में से 16 थाने ही अभी ऑनलाइन हो पाए हैं। कनेक्टिविटी न मिलने के  कारण चार थाने ऑफ लाइन एफआईआर दर्ज कर रहे हैं। रोजनामचा को ऑनलाइन करने का कार्य भी अधर में लटका है।

जब तक सभी थाने ऑनलाइन नहीं होंगे तब तक शासन की मंशा पूरी होना संभव नहीं है। पेमेंट करने के बाद भी बीएसएनएल लगातार लापरवाही कर रहा है।

क्या है सीसीटीएनएस
सीसीटीएनएस से जुड़नेे के बाद पुलिस थानों में दर्ज की गई एफआईआर की प्रतियां एनआईसी लखनऊ, सीसीटीएनएस मुख्यालय बंगलुरू, नेशनल क्राइम ब्यूरो तक स्वत: ही पहुंच जाने की व्यवस्था है।

इसका सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को यह है कि वह घर बैठे ही अपनी शिकायत पुलिस तक भेज सकता है। साथ ही वह अपने प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई से भी घर बैठे अवगत हो सकता है।

लाइन न होने से कनेक्टिविटी में देरी
बीहड़ी क्षेत्र के पुलिस थानों में बीएसएनएल की लैंडलाइन नहीं है इसलिए इंटरनेट कनेक्टिविटी देने में देरी हो रही है। इन थानों कोे वाईमैक्स के माध्यम से कनेक्टिविटी दी जानी है। जहां पर लैंडलाइन हैं वहां पर बीएसएनएल ने कनेक्टिविटी प्रदान कर दी है।

पुलिस विभाग की ओर से शुल्क का कई माह पहले ही अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है। पुलिस विभाग के अधिकारी कई बार बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों कोे भी पत्र लिख चुके हैं। पर बीएसएनएल का काम कछुआ गति से चल रहा है।


अपराधियों की कुंडली भी रहेगी कैद
सीसीटीएनएस योजना के तहत शातिर अपराधी के पकड़े जाने के  बाद उसका फोटो, फिं गर प्रिंट भी कंप्यूटर में डाल दिए जाएंगे। देश के किसी कोने में होने वाले अपराध में उक्त अपराधी की संलिप्तता होगी तो स्पॉट से मिले फिंगर प्रिंट के माध्यम से पुलिस को यह पता चल जाएगा कि अपराधी कौन है? यानि सिस्टम लागू हो जाने के बाद पुलिस की राह भी आसान हो जाएगी।


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