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Etawah News: मौसम ने धड़कनें बढ़ाईं, तेज की गेहूं कटाई
Tue, 04 Apr 2023 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 04 Apr 2023 11:40 PM IST
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इटावा/बकेवर। रोज बदल रहा मौसम का रुख किसानों की धड़कनें बढ़ा रहा है। सोमवार को दिनभर बदली छायी रही। बारिश की आशंका पर किसानों ने गेहूं की कटाई तेज कर दी है।
जनपद में इस साल एक लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में गेहूं की फसल है। जो पिछले साल की अपेक्षा करीब दस हजार हेक्टेयर से अधिक है। मौसम की मार से किसानों पर खतरे के बादल हर रोज मंडरा रहे हैं। वह गेहूं की फसल की कटाई कर रहे हैं तो तमाम किसान मजदूरी देकर फसल कटवा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कुछ दिन में आंधी-पानी आया तो गेहूं की पकी फसल को काफी नुकसान होगा।
किसान छंगे ठाकुर का कहना है कि प्रकृति की मार सबसे अधिक किसानों पर पड़ती है। कोई भी फसल ऐसी नहीं होती है जिसमें डर न हो। बुआई से लेकर फसल की कटाई तक समस्या से जूझना पड़ता है।
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किसान चंद्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि रबी की फसल हो या खरीफ की, हर बार नुकसान झेलना पड़ता है। कभी सिंचाई विभाग की लापरवाही तो कभी प्रकृति की मार किसानों को तोड़ देती है। मौसम परिवर्तन से गेहूं में दाना कम पड़ने से पैदावार में गिरावट आएगी। लागत बढ़ती जा रही है।
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जनपद में इस साल एक लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में गेहूं की फसल है। जो पिछले साल की अपेक्षा करीब दस हजार हेक्टेयर से अधिक है। मौसम की मार से किसानों पर खतरे के बादल हर रोज मंडरा रहे हैं। वह गेहूं की फसल की कटाई कर रहे हैं तो तमाम किसान मजदूरी देकर फसल कटवा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कुछ दिन में आंधी-पानी आया तो गेहूं की पकी फसल को काफी नुकसान होगा।
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किसान छंगे ठाकुर का कहना है कि प्रकृति की मार सबसे अधिक किसानों पर पड़ती है। कोई भी फसल ऐसी नहीं होती है जिसमें डर न हो। बुआई से लेकर फसल की कटाई तक समस्या से जूझना पड़ता है।
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किसान चंद्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि रबी की फसल हो या खरीफ की, हर बार नुकसान झेलना पड़ता है। कभी सिंचाई विभाग की लापरवाही तो कभी प्रकृति की मार किसानों को तोड़ देती है। मौसम परिवर्तन से गेहूं में दाना कम पड़ने से पैदावार में गिरावट आएगी। लागत बढ़ती जा रही है।