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इटावा के भरथना रेलवे स्टेशन पर बंदरों की फौज से यात्री परेशान
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भरथना रेलवे स्टेशन में बंदरों से यात्री भयभीत बने हुए है।
- फोटो : ETAWHA
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फोटो संख्या 08: भरथना रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म से लेकर लाइन पर बैठे बंदरों की फौज।
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स्टेशन पर बंदरों की फौज से यात्री परेशान
कभी बोल देते हैं हमला, कभी छीन ले जाते हैं सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
भरथना। रेलवे स्टेशन पर बंदरों की बढ़ती संख्या से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। सामान लेकर आते-जाते यात्रियों पर बंदर कब हमला बोल दें, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में खानपान सामग्री लेकर निकलना जोखिम भरा है। बंदरों के अचानक हमले से यात्री जब तक कुछ समझ पाते तब तक बंदर हाथ से सामान छीनकर भाग जाते हैं।
यात्री हिमांशु दुबे ने बताया कि बंदरों के हमले के डर से स्टेशन परिसर में जाने से डर लगता है। यात्री अतुल राव ने बताया वह कानपुर जाने के लिए स्टेशन जा रहे थे। रास्ते में बंदरों का झुंड देखकर रुकना पड़ा। कुछ देर बाद एक-एक कर बंदरों के जाने के बाद स्टेशन पहुंचे। कहा कि स्टेशन के रास्ते में बंदरों की हर समय चहलकदमी होने से आते जाते समय डर लगा रहता है कि बंदर कहीं काट न ले।
बंदरों से परेशान अन्य लोगों में संदीप, राम अवतार, रानी देवी, अनिल कुमार आदि ने बताया कि स्टेशन परिसर में सामान बचाने के अलावा बच्चों की बंदरों से बचाना पड़ता है। ऐसे में स्टेशन पर बंदरों के भय से कुछ खा भी नहीं सकते।
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स्टेशन पर बंदरों की फौज से यात्री परेशान
कभी बोल देते हैं हमला, कभी छीन ले जाते हैं सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
भरथना। रेलवे स्टेशन पर बंदरों की बढ़ती संख्या से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। सामान लेकर आते-जाते यात्रियों पर बंदर कब हमला बोल दें, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में खानपान सामग्री लेकर निकलना जोखिम भरा है। बंदरों के अचानक हमले से यात्री जब तक कुछ समझ पाते तब तक बंदर हाथ से सामान छीनकर भाग जाते हैं।
यात्री हिमांशु दुबे ने बताया कि बंदरों के हमले के डर से स्टेशन परिसर में जाने से डर लगता है। यात्री अतुल राव ने बताया वह कानपुर जाने के लिए स्टेशन जा रहे थे। रास्ते में बंदरों का झुंड देखकर रुकना पड़ा। कुछ देर बाद एक-एक कर बंदरों के जाने के बाद स्टेशन पहुंचे। कहा कि स्टेशन के रास्ते में बंदरों की हर समय चहलकदमी होने से आते जाते समय डर लगा रहता है कि बंदर कहीं काट न ले।
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बंदरों से परेशान अन्य लोगों में संदीप, राम अवतार, रानी देवी, अनिल कुमार आदि ने बताया कि स्टेशन परिसर में सामान बचाने के अलावा बच्चों की बंदरों से बचाना पड़ता है। ऐसे में स्टेशन पर बंदरों के भय से कुछ खा भी नहीं सकते।
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