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बाढ़ के बाद दलबल नदियों का किनारा गोवंशों की कब्रगाह बना

Tue, 07 Sep 2021 10:59 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 10:59 PM IST
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etawah news,The swamp of rivers became the graveyard of cows
चंबल नदी के किनारे दलदल में फंसे गोवंश को निकालते युवक - फोटो : ETAWAH
इटावा। चंबल में आई बाढ़ पहले ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी थी। बाढ़ खत्म होने के बाद नदी के किनारे की मिट्टी दलदल हो गई है, जो गोवंशों के लिए कब्रगाह बन रही है।
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नदी में पानी पीने के लिए जाने वाले गोवंश दलदल में फंसकर दम तोड़ रहे हैं। सहसो के नदा गांव के सामने मंगलवार को दलदल में फंसकर एक गोवंश की मौत हो गई। जबकि, एक गोवंश की जान ग्रामीणों ने किसी तरह बचा ली।
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चंबल और यमुना नदी में आई बाढ़ ने पिछले दिनों ग्रामीणों को बेहाल कर दिया था। नदियों का जलस्तर घटने के बाद तमाम लोगों की मुश्किलें कम हुई और वह अपने आशियाने में वापस लौट आए।
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बाढ़ खत्म होने पर ग्रामीणों की स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन अब उनके पशुओं के लिए मुसीबत बढ़ गई। दोनों नदियों के किनारे की जमीन की मिट्टी दलदल में तब्दील हो गई है।
इन नदियों में पानी पीने के लिए गोवंश जाते हैं, तो दलदल में फंस जाते हैं। इससे उनकी जान चली जा रही है। सहसों के नदा गांव के सामने मंगलवार को दलदल में फंसकर एक गोवंश की मौत हो गई।

वहीं, दूसरा गोवंश दलबल में फंस गया। उसे तड़पता देख गांव के लवकुश चौहान, नरेंद्र, पप्पू, दिलीप कुमार ने किसी तरह उसे दलदल से बाहर निकाला। समाजसेवी अश्वनी त्रिपाठी ने सरकार से मांग की वह आवारा गोवंशों को गोशालाओं में आश्रय दें। इससे कि गोवंश भूख-प्यास से न तड़पे।
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