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तकनीकी संसाधनों को संतुलित प्रयोग भविष्य निर्माण में सहायक
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फोटो संख्या 04- शिक्षा में तकनीकी प्रयोग विषय पर आयोजित वेबीनार में भाग लेते विशेषज्ञ और छात्र
- फोटो : ETAWAH
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बकेवर। जनता कॉलेज में ‘शिक्षा में तकनीकी का प्रयोग’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। तकनीकी विशेषज्ञों व करिअर काउंसलर ने डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व पर जानकारी दी।
गणित विभाग की अध्यक्ष व कार्यक्रम की संयोजक डॉ इंदुबाला मिश्रा ने कहा कि तकनीकी संसाधनों का संतुलित प्रयोग रोजगार चयन और भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होता है।
मुख्य वक्ता विप्रो टेक्नोलॉजी पुणे के करिअर काउंसलर देवकीनंदन मिश्र ने बताया कि हमें डिजिटल संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग भाषाओं में जावा, डॉट नेट, पाइथन की बढ़ती प्रासंगिकता के साथ डाटाबेस, लाइनेक्स, पावर सेल, डॉकर आदि ऑनलाइन डेवआप्स वेबसाइट से निशुल्क सीखने पर बल दिया। साथ ही क्लाउड कंप्यूटिंग और गूगल क्लाउड की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि छात्रा भारतीय भाषाओं के साथ जापानी और फ्रेंच भाषा भी सीख सकते हैं। इस क्षेत्र में भी नौकरी के बेहतर अवसर हैं। इस दौरान मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ अशोक कुमार पांडेय, रसायन विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ ज्योति भदौरिया ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का समापन अश्वनी कुमार मिश्र ने किया।
वेबिनार में श्रीराम बाजपेई, डॉ प्रकाश दुबे, डा. डी जे मिश्र, डॉ. ललित गुप्ता,डॉ. नवीन अवस्थी, अजित अग्निहोत्री, छात्र उत्कर्ष सिंह, स्पर्श शुक्ला ,एकता शर्मा आयुष यादव, भारती आदि ने भाग लिया। अजय कुमार शर्मा, मनोज दीक्षित, डॉ योगेश दीक्षित, अश्वनी कुमार मिश्र, कुलदीप अवस्थी, पवन सक्सेना, देवेश चतुर्वेदी ने भाग लिया।
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गणित विभाग की अध्यक्ष व कार्यक्रम की संयोजक डॉ इंदुबाला मिश्रा ने कहा कि तकनीकी संसाधनों का संतुलित प्रयोग रोजगार चयन और भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होता है।
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मुख्य वक्ता विप्रो टेक्नोलॉजी पुणे के करिअर काउंसलर देवकीनंदन मिश्र ने बताया कि हमें डिजिटल संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग भाषाओं में जावा, डॉट नेट, पाइथन की बढ़ती प्रासंगिकता के साथ डाटाबेस, लाइनेक्स, पावर सेल, डॉकर आदि ऑनलाइन डेवआप्स वेबसाइट से निशुल्क सीखने पर बल दिया। साथ ही क्लाउड कंप्यूटिंग और गूगल क्लाउड की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि छात्रा भारतीय भाषाओं के साथ जापानी और फ्रेंच भाषा भी सीख सकते हैं। इस क्षेत्र में भी नौकरी के बेहतर अवसर हैं। इस दौरान मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ अशोक कुमार पांडेय, रसायन विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ ज्योति भदौरिया ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का समापन अश्वनी कुमार मिश्र ने किया।
वेबिनार में श्रीराम बाजपेई, डॉ प्रकाश दुबे, डा. डी जे मिश्र, डॉ. ललित गुप्ता,डॉ. नवीन अवस्थी, अजित अग्निहोत्री, छात्र उत्कर्ष सिंह, स्पर्श शुक्ला ,एकता शर्मा आयुष यादव, भारती आदि ने भाग लिया। अजय कुमार शर्मा, मनोज दीक्षित, डॉ योगेश दीक्षित, अश्वनी कुमार मिश्र, कुलदीप अवस्थी, पवन सक्सेना, देवेश चतुर्वेदी ने भाग लिया।