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वायरल बुखार से ग्रसित गांवों में दवाईयां बांटी
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बकेवर। वायरल बुखार के बढ़ते प्रकोप से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने क्षेत्र के कई गांवों में दवाइयां वितरित कीं। इनमें कुड़रिया, सराय मिट्ठे, कढैय्या, सुनवर्षा, शेरपुरा, लखना देहात, मड़ौली, करौंधी, महिपालपुरा आदि गांव शामिल हैं।
ग्राम कुड़रिया व कंढैय्या में डॉ.मिथिलेश सिंह व डॉ.भानु प्रताप ने ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के तरीके बताते हुए पानी उबालकर पीने की सलाह दी। साथ ही मच्छरों व गंदगी से दूर रहने की सलाह दी। यहां एक सैकड़ा से अधिक लोगों को मलेरिया व टाइफाइड की दवाएं वितरित कीं गईं।
इटावा। सोमवार को जिला अस्पताल में 1287 मरीजों ने पर्चे बनवाए। जबकि शनिवार को 840 मरीजों ने पर्चे बनवाए थे। सोमवार को सबसे ज्यादा वायरल बुखार के रोगी ही रहे। बच्चों की संख्या भी अधिक रही। पैथालॉजी लैब के बाहर ग्राम नगला गौर से रक्त की जांच कराने आई बुखार पीड़ित शिल्पी भीड़ होने की वजह से फर्श पर लेटी रही।
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फिजिशियन डॉ.बीके शाहू, डॉ.शांतनु निगम, डॉ.अजय शर्मा के कक्ष के बाहर मरीज लाइन लगाए खड़े रहे। जबकि बच्चों के चिकित्सक डॉ.पीके गुप्ता व डॉ.सादाब आलम के कक्ष के बाहर बच्चों व उनके अभिभावकों की लाइन लगी रही।
नाक, कान व गला के चिकित्सक डॉ.जेपी चौधरी के कक्ष के बाहर लाइन तोड़ कर मरीज व उनके तीमारदार हाथों में पर्चे लहराते नजर आए। जिससे उनका पर्चा जल्दी से जमा हो जाए। हालांकि कुछ मरीज पर्चे जमा करने के बाद बेंच पर बैठे हुए अपना नाम पुकारे जाने के इंतजार में थे।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन एके दुबे ने बताया कि सोमवार को जांच कराने आए मरीजों की संख्या करीब ढाई सौ से अधिक रही। इनमें 87 लोगों की रेपिड कार्ड से डेंगू जांच हुई, जबकि 24 सैंपल सैफई भेजे गए।
डॉ.शादाब आलम ने बताया कि इस समय ज्यादातर बच्चे वायरल बुखार से ग्रसित आ रहे हैं। कहीं न कहीं मौसम के बदलते असर से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
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ग्राम कुड़रिया व कंढैय्या में डॉ.मिथिलेश सिंह व डॉ.भानु प्रताप ने ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के तरीके बताते हुए पानी उबालकर पीने की सलाह दी। साथ ही मच्छरों व गंदगी से दूर रहने की सलाह दी। यहां एक सैकड़ा से अधिक लोगों को मलेरिया व टाइफाइड की दवाएं वितरित कीं गईं।
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इटावा। सोमवार को जिला अस्पताल में 1287 मरीजों ने पर्चे बनवाए। जबकि शनिवार को 840 मरीजों ने पर्चे बनवाए थे। सोमवार को सबसे ज्यादा वायरल बुखार के रोगी ही रहे। बच्चों की संख्या भी अधिक रही। पैथालॉजी लैब के बाहर ग्राम नगला गौर से रक्त की जांच कराने आई बुखार पीड़ित शिल्पी भीड़ होने की वजह से फर्श पर लेटी रही।
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फिजिशियन डॉ.बीके शाहू, डॉ.शांतनु निगम, डॉ.अजय शर्मा के कक्ष के बाहर मरीज लाइन लगाए खड़े रहे। जबकि बच्चों के चिकित्सक डॉ.पीके गुप्ता व डॉ.सादाब आलम के कक्ष के बाहर बच्चों व उनके अभिभावकों की लाइन लगी रही।
नाक, कान व गला के चिकित्सक डॉ.जेपी चौधरी के कक्ष के बाहर लाइन तोड़ कर मरीज व उनके तीमारदार हाथों में पर्चे लहराते नजर आए। जिससे उनका पर्चा जल्दी से जमा हो जाए। हालांकि कुछ मरीज पर्चे जमा करने के बाद बेंच पर बैठे हुए अपना नाम पुकारे जाने के इंतजार में थे।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन एके दुबे ने बताया कि सोमवार को जांच कराने आए मरीजों की संख्या करीब ढाई सौ से अधिक रही। इनमें 87 लोगों की रेपिड कार्ड से डेंगू जांच हुई, जबकि 24 सैंपल सैफई भेजे गए।
डॉ.शादाब आलम ने बताया कि इस समय ज्यादातर बच्चे वायरल बुखार से ग्रसित आ रहे हैं। कहीं न कहीं मौसम के बदलते असर से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।