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जिला अस्पताल की पैथालॉजी में 6509 मरीजों ने कराई जांच
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इटावा। जिला अस्पताल की पैथालॉजी में बुखार की जांच के लिए मरीजों की लाइन लग रही है। सितंबर और अक्तूबर में 6509 मरीजों ने जांच कराई। जिसमें 44 में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले और 14 मलेरिया पाजिटिव पाए गए। जबकि 231 मरीज वायरल से पीड़ित मिले। नवंबर शुरू होने के बाद भी बुखार की मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में कम नहीं हो रही है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पैथालॉजी में सितंबर में मलेरिया की आंशका में 2115 मरीजों ने जांच कराई, जिसमें 10 पॉजिटिव मिले। इसी तरह अक्तूबर में 1775 मरीजों की जांच में 4 मरीज को मलेरिया की पुष्टि हुई। इसी तरह 2431 की जांच में 231 वायरल से पीड़ित निकले। अक्तूबर में डेंगू का प्रकोप शुरू हो गया। अक्तूबर से 2 नवंबर तक 163 को फिजीशियन ने डेंगू की आशंका होने पर जांच के लिए लिखा। जिसमें 44 में डेंगू के प्राथमिक लक्षण पाए गए। शुक्रवार को 25 मरीजों ने डेंगू की आशंका में जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट शनिवार को मिलेगी। डेंगू पीड़ित 30 मरीजों को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया, जिसमें ज्यादातर दूसरे अस्पतालों में चले गए। इसी तरह भरथना क्षेत्र में अब तक नौ लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। इनमें कुछ का ग्वालियर तो कुछ का आगरा में इलाज चल रहा है। डेंगू मरीजों की संख्या 14 अक्तूबर के सामने आने शुरू हुई। शहर के तीन और भरथना क्षेत्र के दो लोगों की मौत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं हो रहा है। फागिंग और एंटीलार्वा के छिड़काव में लापरवाही बरती जा रही है।
डेंगू नहीं केवल हौव्वा बनाया जा रहा है : सीएमओ
सीएमओ ड़ॉ. रविंद्र यादव ने बताया कि जिले में डेंगू नहीं है, केवल हौव्वा बनाया जा रहा है। प्रभु का अड्डा की जिस किशोरी की आगरा के अस्पताल में मौत हुई है उसकी रिपोर्ट मंगाकर देखेंगे। हालांकि सीएमओ ने माना कि निजी पैथालॉजी की जांच कहीं न कहीं सही है। इसके बाद फिर कहा कि सीरोलॉजी जांच के बाद ही डेंगू माना जा सकता है। चिकित्सा विवि सैफई में कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि के सवाल पर सीएमओ मौन हो गए। उन्होंने कहा कि शिकायतें आने पर एटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। संवाद
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जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पैथालॉजी में सितंबर में मलेरिया की आंशका में 2115 मरीजों ने जांच कराई, जिसमें 10 पॉजिटिव मिले। इसी तरह अक्तूबर में 1775 मरीजों की जांच में 4 मरीज को मलेरिया की पुष्टि हुई। इसी तरह 2431 की जांच में 231 वायरल से पीड़ित निकले। अक्तूबर में डेंगू का प्रकोप शुरू हो गया। अक्तूबर से 2 नवंबर तक 163 को फिजीशियन ने डेंगू की आशंका होने पर जांच के लिए लिखा। जिसमें 44 में डेंगू के प्राथमिक लक्षण पाए गए। शुक्रवार को 25 मरीजों ने डेंगू की आशंका में जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट शनिवार को मिलेगी। डेंगू पीड़ित 30 मरीजों को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया, जिसमें ज्यादातर दूसरे अस्पतालों में चले गए। इसी तरह भरथना क्षेत्र में अब तक नौ लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। इनमें कुछ का ग्वालियर तो कुछ का आगरा में इलाज चल रहा है। डेंगू मरीजों की संख्या 14 अक्तूबर के सामने आने शुरू हुई। शहर के तीन और भरथना क्षेत्र के दो लोगों की मौत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं हो रहा है। फागिंग और एंटीलार्वा के छिड़काव में लापरवाही बरती जा रही है।
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डेंगू नहीं केवल हौव्वा बनाया जा रहा है : सीएमओ
सीएमओ ड़ॉ. रविंद्र यादव ने बताया कि जिले में डेंगू नहीं है, केवल हौव्वा बनाया जा रहा है। प्रभु का अड्डा की जिस किशोरी की आगरा के अस्पताल में मौत हुई है उसकी रिपोर्ट मंगाकर देखेंगे। हालांकि सीएमओ ने माना कि निजी पैथालॉजी की जांच कहीं न कहीं सही है। इसके बाद फिर कहा कि सीरोलॉजी जांच के बाद ही डेंगू माना जा सकता है। चिकित्सा विवि सैफई में कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि के सवाल पर सीएमओ मौन हो गए। उन्होंने कहा कि शिकायतें आने पर एटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। संवाद
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